NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
66 पूर्व नौकरशाहों ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए
योगी आदित्यनाथ द्वारा बोले गए मोदी की सेना वाले वक्तव्य से लेकर NaMo Tv, मोदी पर बनी फिल्म से लेकर मोदी पर चल रही ऑनलाइन सीरीज़ पर चुनाव आयोग की चुप्पी पर भूतपूर्व सिविल सेवकों ने चुनाव आयोग द्वारा चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन वाले प्रावधान का इस्तेमाल ना करने पर आलोचना की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Apr 2019
ECI

पूर्व सिविल सेवकों के एक समूह ने सोमवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के नाम पत्र में लिखा कि लोगों का चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भरोसा उठ रहा है।  भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई)की  स्वतंत्रता और इसकी  संवैधानिक निकाय के तौर पर निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने की जरूरत है।11अप्रैल से शुरू होने वाले  आम चुनावों को देखते हुए , सिविल सेवकों ने अपने पत्र में कहा कि आचार संहिता का कई बार उल्लंघन किया गया है और संस्था "कार्रवाई करने में विफल" रही है

सिविल सेवकों ने डीटीएच प्लेटफार्मों पर नमो टीवी के लॉन्च के संबंध में आचार संहिता के उल्लंघन के उदाहरणों का हवाला दिया। पत्र में अन्य उदाहरणों का हवाला दिया गया है जहां राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सेना को "मोदी की सेना" करार दिया था, आयोग ने उनपर बहुत हल्की कार्रवाई की।  उन्हें  केवल "सावधानी बरतने " का निर्देश दिया था। एक अन्य उदाहरण में यह है कि  ई.सी.आई. ने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक उपग्रह-रोधी मिसाइल के सफल परीक्षण की राष्ट्र के नाम घोषणा में आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं पाया था।पत्र में कहा गया है कि भाषणों में जिस तरह की भाष का प्रयोग हो रहा है, वह पूरी तरह से आचार संहिता का उलंघन है।  यहां तक कि संवैधानिक  पदों पर बैठे व्यक्ति किसी राजनितिक कार्यकर्ता की तरह बयान  दे रहे हैं।  यह बात राजस्थान के राज्यपाल, कल्याण सिंह के भाषण के संदर्भ में, पत्र में कह गयी है।  उन्होंने कुछ ऐसे बयान दिए हैं जो एक विशिष्ट राजनीतिक पार्टी के लिए प्रचार करने की तरह लगती हैं, इसलिए उनसे  उनके त्याग पत्र  की मांग होनी चाहिए है | लेकिन इस पर आयोग चुप है | 

सिविल सेवकों में शामिल हैं, दिल्ली के पूर्व राज्यपाल, नजीब जंग, आईएएस और आईपीएस अधिकारी जैसे वीपी राजा, सुरंजन पंत, नजीब जंग, चंद्रशेखर बालाकृष्णन अन्य लोगों ने  मुख्य चुनाव आयुक्त (जिसे सार्वजनिक भी किया गया था) को राष्ट्रपति को लिखे जाने वाले पत्र से पहले संबोधित किया। मार्च 2019, चुनाव प्रक्रिया के समापन तक किसी भी मीडिया तंत्र के माध्यम से किसी भी राजनीतिक व्यवस्था पर सभी बायोपिक्स और प्रोपोगेंडा को रोकने के लिए ईसीआई को निर्देश जारी करने का अनुरोध किया  है।

 

ECI
General elections2019
president
‘Credibility of the Election Commissio
NaMo Tv
MODI SENA
Yogi Adityanath

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कानपुर हिंसा: दोषियों पर गैंगस्टर के तहत मुकदमे का आदेश... नूपुर शर्मा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं!

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?


बाकी खबरें

  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,259 नए मामले, 35 मरीज़ों की मौत
    29 Mar 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.75 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 85 हज़ार 534 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • ब्रेंडा हास
    ऑस्कर थप्पड़ विवाद: विल स्मिथ को ज़बरदस्त ऑनलाइन प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा
    29 Mar 2022
    ऑस्कर विजेता विल स्मिथ के ऑस्कर अवॉर्ड्स में क्रिस रॉक को थप्पड़ जड़ने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी है। हालांकि, इस पर क़रीब-क़रीब सभी सहमत हैं कि किसी घटिया मज़ाक का जवाब हिंसा नहीं है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • तान्या वाधवा
    क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?
    29 Mar 2022
    बोलीविया के राष्ट्रपति लुइस एर्स ने कैलामा की लड़ाई के स्मरणोत्सव के मौके पर, चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक से चिली के पूर्व राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे के शब्दों की याद दिलाते हुए पूछा कि क्या…
  • रवि शंकर दुबे
    पंजाब के पूर्व विधायकों की पेंशन में कटौती, जानें हर राज्य के विधायकों की पेंशन
    29 Mar 2022
    आपके आसपास सरकार भले ही काम न करे, लेकिन चुने हुए विधायकों के आराम की पूरी व्यवस्था की जाती है, उनके रिटायर होने पर भी उनका पूरा ख़याल रखा जाता है। हालांकि पंजाब सरकार ने इसमें कटौती का फ़ैसला लिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License