NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड महामारी के भीषण दौर में 100 दिन काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमितीकरण में प्राथमिकता देने की बात करते हुए सर्कुलर भी जारी किया था। पर अब केंद्र सरकार कर्मचारियों को पक्का करना तो दूर, कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के लिए भी तैयार नही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Apr 2022
protest

कोविड महामारी के भीषण दौर में जनता की जान बचाने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अब अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए संघर्षरत हैं। ज्ञात हो कि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज व अस्पताल(LHMC) के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को श्रमायुक्त कार्यालय के निर्देशों के बावजूद काम से निकाल दिया गया है। इन कर्मचारियों ने ही कोविड के दौरान हज़ारों लोगों की जान बचाई थी और ड्यूटी के दौरान खुद भी संक्रमण के शिकार हुए थे। पूरे कोविड-काल मे वेंटीलेटर, बाइपैप मशीन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जैसी तमाम जीवनरक्षक मशीनों को चलाने का ज़िम्मा इन्ही कर्मचारियों ने उठाया है। आज अपने प्रदर्शन के ग्यारहवें दिन कोविड योद्धाओं ने मोमबत्ती जलाकर अपना विरोध प्रकट किया।

केंद्र सरकार के निर्देशों के चलते देशभर में हुई है हज़ारों कोविड योद्धाओं की छटनी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड महामारी के भीषण दौर में 100 दिन काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमितीकरण में प्राथमिकता देने की बात करते हुए सर्कुलर भी जारी किया था। पर अब केंद्र सरकार कर्मचारियों को पक्का करना तो दूर, कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के लिए भी तैयार नही है।

दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज व अस्पताल समेत डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी भारी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की छटनी हुई है। LHMC के बाहर चल रहे प्रदर्शन में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की यूनियन ने भी हिस्सा लिया।

ऐक्टू के नेतृत्व में अस्पताल कर्मचारी अपने संघर्ष को जारी रखने के लिए हैं पूरी तरह से तैयार

ऐक्टू के राज्य सचिव व अधिवक्ता सूर्य प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार के अधीन आने वाले संस्थान जिनमें LHMC और RML अस्पताल दोनों शामिल हैं, न तो श्रमायुक्त के निर्देशों का पालन कर रहे हैं और न ही केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के आदेशों का। ये बहुत खेद की बात है कि केंद्र सरकार के संस्थान मज़दूरों के अधिकारों का हनन करने के लिए, कानून तक तोड़ रहे हैं। केंद्र सरकार ने पहले फूल बरसाकर और अब अचानक नौकरी से निकालकर कर्मचारियों के साथ धोखेबाज़ी की है।

उन्होंने आगे बताया कि कर्मचारी हर प्रकार के संघर्ष के लिए तैयार हैं और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

ये भी पढ़ें: दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

Lady Hardinge
Health workers
Protest
Corona warriors
Corona Warriors Protest
AICCTU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License