NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
इज़रायली सुरक्षा बलों की कथित यातना के बाद पकड़े गए फ़रार क़ैदी ज़ुबैदी अस्पताल में भर्ती
ज़ुबैदी उन छह फ़िलिस्तीनियों में से एक हैं जो पिछले हफ़्ते गिल्बाओ में उच्च सुरक्षा वाली इज़रायली जेल से भाग निकले थे। ज़ुबैदी को तीन अन्य क़ैदियों के साथ शुक्रवार और शनिवार को फिर से पकड़ लिया गया।
पीपल्स डिस्पैच
13 Sep 2021
इज़रायली सुरक्षा बलों की कथित यातना के बाद पकड़े गए फ़रार क़ैदी ज़ुबैदी अस्पताल में भर्ती

46 वर्षीय ज़करिया ज़ुबैदी उन छह फ़िलिस्तीनी कैदियों में से एक कैदी है जो पिछले सप्ताह उच्च सुरक्षा वाले इजरायली गिल्बाओ जेल से भाग गए थे। जेल से भागे तीन अन्य कैदियों के साथ जुबैदी को शनिवार को फिर से पकड़ने के बाद इजरायली सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर यातना पहुंचाई और बुरी तरह मार पीट की जिसके बाद उन्हें रविवार 12 सितंबर को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डब्ल्यूएएफए न्यूज एजेंसी ने पैलेस्टिनियन डिटेनीज अफैयर्स कमीशन के प्रवक्ता हसन अबेद रब्बो के हवाले से दावा किया कि उत्तरी इज़रायली शहर से शनिवार को उनकी गिरफ्तारी के बाद, ज़ुबैदी को इज़रायली सुरक्षा बलों द्वारा उनके चेहरे पर पीटते हुए गंभीर चोट पहुंचाई गई जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई। जुबैदी को इलाज के लिए हाइफा के रामबाम मेडिकल सेंटर ले जाया गया।

रब्बो ने यह भी दावा किया कि इजरायली सुरक्षा बलों ने उनके वकीलों को चारों कैदियों से मिलने की अनुमति नहीं दी है, जिससे इजरायल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट द्वारा दी गई उनके स्वास्थ्य की रिपोर्ट को सत्यापित करना असंभव हो गया है। फ़िलिस्तीनी मानवाधिकार समूहों ने अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस से इस मामले में हस्तक्षेप करने और पकड़े गए कैदियों के वकीलों और परिवार के सदस्यों को मिलने की सुविधा देने के लिए कहा है।

जुबैदी सहित छह फिलीस्तीनी कैदी याकूब मोहम्मद कादरी (49 वर्ष), महमूद अब्दुल्ला अरदाह (46 वर्ष), याकूब कासिम (39 वर्ष), अयहम कमामजी (35), और याकूब नफीत (26) सोमवार 6 सितंबर को एक सुरंग बनाकर गिल्बाओ जेल से भाग निकले थे। भागने वाले कैदियों को फिर से पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान उन्होंने भागने वाले कैदियों के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को परेशान किया और कब्जे वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशेलम में हिंसक छापेमारी की। उन्होंने शेष फिलीस्तीनी कैदियों के खिलाफ भी सख्त प्रतिबंध लगाए जिसे फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूहों ने "सामूहिक दंड" और मानवीय कानूनों के तहत अवैध करार दिया। इस दमनकारी कार्रवाई के कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिन पर इजरायलियों ने हमला किया जिसमें 100 से अधिक फिलिस्तीनी घायल हो गए।

भागे हुए कैदियों में दो कैदी शुक्रवार शाम को नाजारेथ में और अन्य दो कैदी शनिवार की सुबह उत्तरी इजरायल के शिबली-उम्म-अल-घनम शहर से पकड़े गए। दो कैदी, अयमन कमामजी और मोनादेल नाफेत अभी भी फरार हैं।

Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • putin
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध; अहम घटनाक्रम: रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश 
    28 Feb 2022
    एक तरफ पुतिन ने रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश दिया है, तो वहीं यूक्रेन में युद्ध से अभी तक 352 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • mayawati
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है
    28 Feb 2022
    एसपी-आरएलडी-एसबीएसपी गठबंधन के प्रति बढ़ते दलितों के समर्थन के कारण भाजपा और बसपा दोनों के लिए समुदाय का समर्थन कम हो सकता है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,013 नए मामले, 119 मरीज़ों की मौत
    28 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 2 हज़ार 601 हो गयी है।
  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी: आज़ादी की आखिरी जंग
    28 Feb 2022
    19 फरवरी 1946 में हुई रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी को ज़्यादातर लोग भूल ही चुके हैं. 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में इसी खास म्युटिनी को ले कर नीलांजन चर्चा करते हैं प्रमोद कपूर से.
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर में भाजपा AFSPA हटाने से मुकरी, धनबल-प्रचार पर भरोसा
    27 Feb 2022
    मणिपुर की राजधानी इंफाल में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचीं वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह। ज़मीनी मुद्दों पर संघर्षशील एक्टीविस्ट और मतदाताओं से बात करके जाना चुनावी समर में परदे के पीछे चल रहे सियासी खेल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License