NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी आक्रमण के बाद से क़रीब 33,000 बच्चे मारे गए या विकलांग हुए
पिछले दो दशकों में अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए बच्चों की वास्तविक संख्या बहुत अधिक होगी क्योंकि इन आंकड़ों में उन बच्चों को शामिल नहीं किया गया है जिनकी मौत युद्ध के कारण भुखमरी, बीमारी और ग़रीबी के कारण हुई।
पीपल्स डिस्पैच
01 Sep 2021
Save The Children
Save the children

चूंकि दो दशक लंबा चला अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान पर नाटो का आक्रमण 31 अगस्त को समाप्त हो गया ऐसे में सेव द चिल्ड्रेन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि इस युद्ध में 2005 से देश में करीब 32,945 बच्चे मारे गए या विकलांग हो गए।

इसने यह भी दावा किया कि पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान में मारे गए बच्चों की वास्तविक संख्या इस आंकड़े से काफी अधिक होगी क्योंकि इसमें उन अफगानी बच्चों को शामिल नहीं किया गया है जो भूख, गरीबी और युद्ध के कारण हुई बीमारियों और शासन की विफलता के कारण मारे गए थे।

सेव द चिल्ड्रेन के अनुसार, देश में हर 5 घंटे में एक बच्चा मारा जाता है या विकलांग हो जाता है और देश में हर 16 में से 1 बच्चा पांच साल की उम्र से पहले ही मर जाता है।

देश में तथाकथित आतंकवादियों के खिलाफ लड़ने के लिए अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना ने अंधाधुंध हवाई शक्ति का इस्तेमाल किया है। अक्सर इन हवाई हमलों और बम विस्फोटों में निर्दोष नागरिक मारे गए हैं क्योंकि उनके घरों और नागरिक क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया है। नागरिक क्षेत्रों में आतंकवादी समूहों द्वारा किए गए अंधाधुंध हमलों में भी हजारों मौतें हुई हैं। विभिन्न अनुमानों के अनुसार 2001 और 2021 के बीच 50,000 से 100,000 अफगानी नागरिक मारे गए हैं।

सेव द चिल्ड्रेन के अनुसार केवल पिछले डेढ़ साल में अर्थात 2020 की शुरुआत और 2021 के मध्य के बीच 4,301 से अधिक अफगानी बच्चों की मौत हुई है जिनमें से 806 बच्चों की सीधी हिंसक घटनाओं में मौत हुई है।

29 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे से विदेशियों की अव्यवस्थित निकासी के दौरान अमेरिकी सेना ने कुछ दिन पहले बमबारी की प्रतिक्रिया में एक आवासीय भवन के पास एक कथित आईएसआईएस-के आतंकवादी पर ड्रोन हमला किया जिसमें सात बच्चों सहित कम से कम 10 लोग मारे गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध, सूखे और कोरोनावायरस महामारी के कारण करीब आधे अफगानी लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है। देश में लगभग 10 मिलियन बच्चों को किसी न किसी प्रकार की मानवीय सहायता की आवश्यकता है और पांच वर्ष से कम आयु के आधे बच्चे इस वर्ष घोर कुपोषण का सामना कर रहे हैं।

Afghanistan
US
Invasion
Children
Killing
War
malnutrition

Related Stories

क्यूबाई गुटनिरपेक्षता: शांति और समाजवाद की विदेश नीति

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

उथल-पुथल: राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझता विश्व  

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट

पाकिस्तान ने फिर छेड़ा पश्तून का मसला


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License