NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
लखीमपुर खीरी कांड के बाद हरियाणा में प्रदर्शनकारी महिला किसानों को ट्रक ने कुचला, तीन की मौत
महज़ एक महीने के भीतर लखीमपुर खीरी की घटना के बाद ये दूसरा किसानों की हत्या से जुड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी।
सोनिया यादव
28 Oct 2021
Jhajjar Road Flyover of Bahadurgarh
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

किसान आंदोलन से जुड़ी हरियाणा के बहादुरगढ़ से एक दिल-दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां आज यानी गुरुवार, 28 अक्टूबर की सुबह तकरीबन 6 बजे एक ट्रक ने महिला किसानों को कुचल दिया। हादसे में 3 बुजुर्ग महिलाओं की मौत हो गई जबकि तीन की हालत गंभीर है। खबरों के मुताबिक ये महिलाएं आंदोलन में हिस्सा लेकर घर जा रही थीं तभी तेज रफ्तार ट्रक ने डिवाइडर पर चढ़कर महिला किसानों को कुचल दिया।

बता दें कि महज़ एक महीने के भीतर लखीमपुर खीरी की घटना के बाद ये दूसरा किसानों की हत्या से जुड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। चार किसानों की मौत कथित रूप से बीजेपी कार्यकर्ताओं को लेकर जा रहे वाहनों से कुचल दिए जाने की वजह से हुई थी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया में आई जानकारी के मुताबिक महिला किसानों के साथ हुई ये दुर्घटना बहादुरगढ़ के झज्जर रोड फ्लाईओवर की है। खबरों की मानें, तो ये महिलाएं यहां किसान आंदोलन में हिस्सा लेने आई थीं। किसान रोटेशन के तहत आंदोलन में शामिल होते हैं और इसी के तहत ये महिला आंदोलनकारी अपनी बारी के तहत आंदोलन में शामिल होने के बाद वापस घर जा रही थीं इन सभी को ऑटो में बैठकर रेलवे स्टेशन जाना था। ऑटो के इंतजार में जब ये महिलाएं डिवाइडर पर बैठी हुई थीं। उसी समय एक तेज़ रफ्तार से आते बेकाबू ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। 2 महिलाओं की मौत मौके पर ही हो गई जबकि एक महिला ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।

ये सभी महिलाएं पंजाब के मानसा जिले की रहने वाली थीं और लगभग 60 के आसपस के उम्र की थीं। मृतक महिलाओं के नाम छिंदर कौर, अमरजीत कौर और गुरमेल कौर बताया जा रहा है। फिलहाल घायलों को बहादुरगढ़ से पीजीआईएमसी रोहतक रेफर किया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। खबर लिखे जाने तक ट्रक चालक फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

आंदोलन को बदनाम करने की साजिश

मालूम हो कि इससे पहले, दिल्ली में किसानों पर बुधवार 27 अक्टूबर की शाम लाठीचार्ज की खबर वायरल हुई। हालांकि इसे लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए। खबरें आईं कि सिंघु बॉर्डर की तरफ जा रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। जबकि किसान यूनियन का कहना है कि जिन पर लाठीचार्ज हुआ, वो किसान नहीं हैं। साथ ही ये भी कहा कि उनका किसान आंदोलन से कोई लेनादेना नहीं है। किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया।

किसान नेता दर्शनपाल ने फेसबुक पर बयान जारी करके कहा, “हिंद किसान मजदूर यूनियन के कुछ लोग उत्तराखंड और यूपी से कुछ गाड़ियों में सवार होकर सिंघु बॉर्डर आ रहे थे। उन्हें पुलिस ने रास्ते में रोका, वो लखबीर सिंह के परिवार के साथ सिंघु बॉर्डर पर आकर हवन करना चाहते थे। जो संगठन इस काम को करना चाहता है, वो बीजेपी-RSS से जुड़ा है। कुछ मीडिया संगठन कह रहे हैं कि किसानों पर लाठीचार्ज हुआ है। ये बात गलत है कि ये लोग किसान हैं। ये संगठन किसानों से जुड़ा हुआ नहीं है। मैं पुलिस से मांग करता हूं कि इनके खिलाफ एक्शन ले। ये लोग किसान आंदोलन और बॉर्डर पर माहौल खराब करना चाहते हैं। मैं किसानों से मांग करता हूं कि वो भारी संख्या में बॉर्डर की तरफ आएं।”

700 से ज्यादा किसानों की मौत, लेकिन केंद्र को कोई फर्क नहीं!

गौरतलब है कि बीते करीब एक साल से देश के किसान विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने कड़कड़ाती सर्दियों के साथ बारिश और लू की थपेड़ों का सामना करने के साथ ही तमाम अवरोधों, दमन, कुचक्र और प्रोपेगेंडा के ख़िलाफ़ भी हुंकार भरी है। किसान आंदोलन में अबतक 700 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है, बावजूद इसके केंद्र सरकार ने विवादित कानूनों को वापस लेने से इनकार कर दिया है।

सरकार को कई बार प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए मुश्किलें पैदा करते देखा गया है तो वहीं कई बार किसान यूनियनों ने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने का आरोप भी लगाया है। जाहिर है आज किसानों के लिए सरकारी नीतियां ही एकमात्र चुनौती नहीं हैं, बल्कि उनके इस आंदोलन को खत्म करने की मंशा के साथ चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा के खिलाफ भी किसान संघर्षरत हैं।

kisan andolan
farmers protest
Haryana
Bahadurgarh
Truck crushed agitating women farmers
women farmers
Jhajjar Road Flyover of Bahadurgarh
Lakhimpur Kheri
Lakhimpur massacre

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

लखीमपुर खीरी कांड: गृह राज्य मंत्री टेनी दिल्ली तलब

लखीमपुर हत्याकांड: जब तक मंत्री की बर्ख़ास्तगी नहीं तब तक आंदोलन चलता रहेगा

लखीमपुर हत्याकांड: 12 घंटे की लंबी (नाटकीय) पूछताछ के बाद आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी, कोर्ट ने जेल भेजा

लखीमपुर खीरी : किसान-आंदोलन की यात्रा का अहम मोड़

लखीमपुर के बाद अंबाला में भी भाजपा नेता पर लगे किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप

लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड: "मुआवज़ा हमारे मरे बच्चों को वापस नहीं लाएगा"

लखीमपुर में किसानों की हत्या भाजपा सरकार के ताबूत में आख़िरी कील

लखीमपुर नरसंहार : कई राज्यों में विरोध के बाद झुकी सरकार, मुआवज़े का दिया आश्वासन


बाकी खबरें

  • ntpc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन
    25 Jan 2022
    भारी संख्या में अभ्यर्थियों ने बिहार की राजधानी पटना और आरा में रेलवे ट्रैक पर गत सोमवार को प्रदर्शन किया वहीं आज मंगलवार को नालंदा, बक्सर, नवादा समेत अन्य स्टेशनों पर उन्होंने रेलवे ट्रैक पर…
  • Biden
    पीपल्स डिस्पैच
    बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?
    25 Jan 2022
    जनआंदोलनों के दबाव की प्रतिक्रिया में बाइडेन ने अपने कार्यकाल के लिए ऊंचे-ऊंचे लक्ष्य तय किए थे। लेकिन इनमें से कितने पूरे हुए?
  • Sudha Bharadwaj
    एजाज़ अशरफ़
    सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज
    25 Jan 2022
    जेल में अपने तजुर्बों का हवाला देते हुए और कामगारों की नुमाइंदगी करने वाली एक वकील के तौर पर जानी-मानी कार्यकर्ता कहती हैं कि भारत अब भी संविधान में किये गये इंसाफ़ और बराबरी के वादों को साकार करने…
  • Netaji
    सबरंग इंडिया
    नेताजी पर कब्ज़ा ज़माने की हिन्दू राष्ट्रवादी कवायद
    25 Jan 2022
    नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती (23 जनवरी) के अवसर पर देश भर में अनेक आयोजन हुए. राष्ट्रपति भवन में उनके तैल चित्र का अनावरण किया गया. केंद्र सरकार ने घोषणा की कि नेताजी का जन्मदिन हर वर्ष '…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,55,874 नए मामले, 614 मरीज़ों की मौत 
    25 Jan 2022
    देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 97 लाख 99 हज़ार 202 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License