NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी
इज़रायली अधिकारियों ने जल आपूर्ति में वृद्धि के साथ-साथ गाज़ा से अतिरिक्त 5000 फ़िलीस्तीनियों को इज़रायल में एंट्री परमिट देने की भी घोषणा की।
पीपल्स डिस्पैच
02 Sep 2021
हफ़्तों के विरोध के बाद इज़रायल ने गाज़ा में विनिर्माण सामग्री जाने की अनुमति दी

इज़रायल ने लंबे समय के बाद गाजा में सीमीत मात्रा में विनिर्माण सामग्री की आपूर्ति की अनुमति दी है क्योंकि हफ्तों के विरोध के बाद बिसिज्ड फिलिस्तीनी क्षेत्र में निर्माण सामग्री की इसी तरह की आपूर्ति की अनुमति दी गई थी।

इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इजरायली विभाग सीओजीएटी जो कि कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में नागरिक मामलों के लिए जिम्मेदार है उसने कल घोषणा की कि वह गाजा के फिलिस्तीनी मछुआरों के लिए मछली पकड़ने के क्षेत्र की सीमा को 15 नॉटिकल मील (28 किलोमीटर) तक बढ़ा देगा, जो कि पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा ज्यादा है।

इज़रायल अभी भी 20 नॉटिकल मील (37 किलोमीटर) की सीमा का उल्लंघन कर रहा है जिस पर 1993 के ओस्लो समझौते में सहमति हुई थी।

गाजा में फिलीस्तीनी 14 वर्षों की लंबी इजरायली नाकाबंदी को समाप्त करने और साल 2006 से लागू लोगों की आवाजाही और वस्तुओं की आपूर्ति, मछली पकड़ने और व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंध और सीमा में छूट देने के लिए मांग करते हुए दो हफ्ते से अधिक समय प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसके अलावा सीओजीएटी ने यह भी घोषणा की कि गाजा में जल की आपूर्ति में पांच मिलियन क्यूबिक मीटर की वृद्धि की जाएगी साथ ही 5,000 अतिरिक्त फिलिस्तीनी व्यापारियों को इजरायल में इंट्री परमिट दी जाएगी। पहले एक समय में केवल 2,000 गाजावासियों को इजरायल में जाने की अनुमति थी।

मानवाधिकार समूह और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से इज़रायल से इस प्रकार की सामग्रियों की आपूर्ति की अनुमति देने की मांग करते रहे थे, जो हजारों क्षतिग्रस्त और पूरी तरह से नष्ट हुए घरों, आवासीय भवनों, अस्पतालों, स्कूलों और अन्य ढ़ाचों के पुनर्निर्माण के लिए तत्काल आवश्यक है। गाजा के आवास मंत्रालय के अनुसार, इस साल मई महीने में इजरायल की बमबारी में 67बच्चों और 49 महिलाओं सहित 260 से अधिक फिलीस्तीनियों की मौत हो गई थी। इस हमले के चलते इस पट्टी में 20,000 आवास इकाइयां पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, साथ ही अन्य 22,000 ढ़ांचों को भी आंशिक रूप से नुकसान हुआ था।

Israel
Gaza
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत
    16 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर के अस्पतालों में हर दिन चमकी बुखार के लक्षण वाले बच्चे आ रहे हैं।
  • पीपुल्स डिस्पैच
    द.अफ्रीकाः स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना बाद की कटौती का विरोध कर रहे हैं
    16 Apr 2022
    दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपने रोजगारों के नुकसान और सेवाओं के पुनर्गठन के खतरों का सामना करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और औद्योगिक…
  • सोनिया यादव
    यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 
    16 Apr 2022
    प्रदेश में पत्रकारों के ख़िलाफ़ जिस तरह से मार-पीट और मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में राज्य में पत्रकारिता और पत्रकारों की दशा और खराब हो सकती है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ये बुलडोजरिस्तान हमारा, हम को प्राणों से है प्यारा!
    16 Apr 2022
    सच तो यह है कि बुलडोजर, मोदी जी के नये भारत की निशानी है। दिखाने में सेक्युलर और घर-दुकान गिराने में, छांट-छांटकर चलने वाला। बाबा का, मामा का या और किसी भी भगवाधारी का बुलडोजर जब चलता है, पुराना…
  • रमा तेलतुंबड़े आंबेडकर
    दो साल से कैद आनंद तेलतुंबड़े के जीवन के सबसे मार्मिक पल
    16 Apr 2022
    आनंद ने न्यायपालिका से अपने खिलाफ़ लगाए गए घृणित और गलत आरोपों को रद्द करने की गुहार लगाई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License