NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया : हिरक आंदोलन के नेता संदिग्ध आरोपों में गिरफ़्तार
करीम तब्बोऊ को बुधवार को उनके ख़िलाफ़ दायर एक शिकायत के मामले में गिरफ़्तार किया गया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक सरकारी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया था।
पीपल्स डिस्पैच
30 Apr 2021
अल्जीरिया : हिरक आंदोलन के नेता संदिग्ध आरोपों में गिरफ़्तार

अल्जीरिया के अधिकारियों ने हिरक आंदोलन के प्रमुख व्यक्ति करीम तब्बोऊ को गिरफ्तार कर लिया है। उनके वकील के हवाले से गुरुवार 29 अप्रैल को अल अरबी मीडिया संस्थान ने इस खबर को प्रकाशित किया। तब्बोऊ को एक सरकारी संस्थान नेशनल काउंसिल फॉर ह्यूमन राइट्स (सीएनडीएच) के अध्यक्ष बाउजिद लझारी द्वारा शिकायत दर्ज करने के मामले में बुधवार देर रात गिरफ्तार किया गया। 47 वर्षीय करीम को बाद में गुरुवार को प्रोसिक्यूटर के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था।

हिरासत में जाने से ठीक पहले एक बयान में तब्बोऊ ने कहा, "अल्जीरिया के युवा गरिमामयपूर्ण जीवन के अपने अधिकार के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" तब्बोऊ को पहले भी 2020 में "राज्य की सुरक्षा" को नजरअंदाज करने के लिए एक बार गिरफ्तार किया जा चुका था और एक साल की सस्पेंडेड सेंटेंस की सजा सुनाई गई थी। उन पर आठ मामलों में आरोप लगाए गए हैं जिनमें से एक आरोप मानहानि का है और एक अंतिम संस्कार के दौरान कथित टिप्पणी से सीएनडीएच अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से उकसाने का आरोप लगाया गया है।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अल्जीरियन प्रिजनर्स राइट्स ग्रुप नेशनल कमीशन फॉर द लिबरेशन ऑप डिटेनीज (सीएनएलडी) के अनुसार एल्जियर्स की एक अदालत द्वारा तब्बोऊ को रिहा किया गया है। उनकी रिहाई की शर्त के रूप में उन्हें न्यायिक निगरानी में रहने का आदेश दिया गया है।

उनकी रिहाई के बाद देश में 12 जून को होने वाले विधायी चुनावों के विरोध में तब्बोऊ ने आगामी चुनावों को ''गलत'' करार दिया। उन्होंने राष्ट्रपति अब्देलमदजिद तेब्बाउने की सरकार के प्रति हिरक आंदोलन की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रपति राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुधार को लागू किए बिना देश में चुनाव करा रहे हैं जिसकी मांग हिरक आंदोलन ने लंबे समय से की है।

एक्टिविस्ट और अधिकार समूह पिछले कुछ महीनों में हिरक नेताओं और समर्थकों के खिलाफ गिरफ्तारी और अन्य प्रकार के दमन के को लेकर अभियान तेज करने की ओर भी इशारा किया है। हिरक आंदोलन से जुड़े सैकड़ों अल्जीरियाई को गिरफ्तार करने और उन पर मुकदमा चलाने को राजनीतिक रुप से प्रेरित और आधारहीन आरोप बताया है। मौजूदा समय में देश के बारे लाखों अल्जीरियाई लोगों की सोच के बारे में बताते हुए तब्बोऊ ने कहा कि वे तंग आ चुके हैं और "हम देश को एक बैरक के रूप में देख रहे हैं।"

Algeria
Hirak movement

Related Stories

प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा

अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा

अल्जीरियाई वामपंथी पार्टी के नेता फेथी घारेस फ़र्ज़ी आरोपों में गिरफ़्तार

वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री

अल्जीरियाई पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार और अत्याचार-विरोधी कार्यकर्ता फ़ातिहा ब्रिकी को हिरासत में लिया

सत्ता-समर्थक दल अल्जीरियाई चुनावों में आगे

यूएन ने अल्जीरिया से हिरक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के हनन को रोकने का आह्वान किया

अल्जीरिया के हिरक आंदोलन ने प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फ़ैसले की निंदा की

सीमा क्षेत्र को बंद करने के अल्जीरिया के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मोरक्को के किसानों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को पिछले साल इज़रायली सैनिकों द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने पास रखने की अनुमति दी
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल की सर्वोच्च अदालत ने सरकार को पिछले साल इज़रायली सैनिकों द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों के शवों को अपने पास रखने की अनुमति दी
    20 Aug 2021
    अहमद एरेकत के शरीर को ज़ब्त कर लिया गया है और इज़रायली अधिकारियों द्वारा उनके परिवार से एक साल से अधिक समय से दूर रखा जा रहा है, जिससे उनका परिवार उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहा है।
  • अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर गोलाबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर गोलाबारी में कई प्रदर्शनकारियों की मौत
    20 Aug 2021
    अफ़ग़ानिस्तान में भुखमरी के ख़तरे की ख़बरों के बीच आईएमएफ़ ने सरकार पर स्पष्टता न होने की वजह देश की संसाधनों तक पहुंच को भी रोक दिया है।
  • प्रगतिशीलों ने डेनमार्क सरकार से मानवीय हस्तक्षेप कर नर्स हड़ताल को ख़त्म करने की मांग की
    पीपल्स डिस्पैच
    प्रगतिशीलों ने डेनमार्क सरकार से मानवीय हस्तक्षेप कर नर्स हड़ताल को ख़त्म करने की मांग की
    20 Aug 2021
    वेतन बढ़ाने और वेतन की ग़ैर-बराबरी को ख़त्म करने की मांग के साथ चल रही नर्स की हड़ताल 62 दिन से जारी है, यह डेनमार्क की नर्सों की सबसे बड़ी हड़ताल बन गई है।
  • वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़
    संदीपन तालुकदार
    वीडियो: शोधकर्ताओं ने दर्शाया चूहों में कोविड-19 का संक्रमण और उससे लड़ती एंटीबाडीज़
    20 Aug 2021
    चित्र में वायरस के प्रसार को दर्ज किया गया है, जिसके चलते चूहे के श्वसन मार्ग को क्षति पहुंची है। यह इस तथ्य को भी दर्ज करने में सफल रहा है कि कैसे एंटीबाडीज वायरस के प्रसार पर रोक लगाने में कारगर…
  • क्यों अफ़ग़ानिस्तान संकट शरणार्थी क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करता है
    जय मनोज संकलेचा
    क्यों अफ़ग़ानिस्तान संकट शरणार्थी क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करता है
    20 Aug 2021
    शरणार्थियों को भारत में शरण देने के मामले में क़ानून की कमी खल रही है और पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक संकट के कारण भाग रहे शरणार्थियों को समर्थन देना भारत की नैतिक अनिवार्यता बन गई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License