NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेज़न, फ़ेडेक्स और वॉलमार्ट के कर्मचारियों की अमेरिका में हड़ताल
कर्मचारी सुरक्षित कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के बीच उनका काम करना आवश्यक है।
पीपल्स डिस्पैच
01 May 2020
Amazon

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस 1 मई को संयुक्त राज्य अमेरिका में डिलीवरी देने वाले और गोदाम के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। अमेज़न, फेडएक्स और वॉलमार्ट जैसे बड़े कॉर्पोरेशन के कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर बीमार लोगों को बेहतर सुरक्षा और बढ़े हुए वेतन के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान के हिस्से के रूप में मांग करेंगे।

अमेरिका में गोदाम और डिलीवरी देने वाले कर्मचारियों को आवश्यक सेवाओं का हिस्सा माना जाता है, जिसे कोरोनोवायरस को लेकर लॉकडाउन के चलते अधिकांश देशों में खुले रहना आवश्यक है। महामारी के बीच असुरक्षित काम करने की स्थिति और अपने वेतन व नौकरियों की सुरक्षा के लिए उपायों की कमी को लेकर देश भर के कर्मचारी शिकायत करते रहे हैं।

द इंटरसेप्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेज़न की सहायक कंपनी व्होल फूड्स के एक कर्मचारी डैनियल स्टेइनब्रुक ने कहा कि वे "महामारी में बेहतर सुरक्षा और लाभ के लिए अपने संघर्ष में अन्य आवश्यक कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के दिन अमेज़न, टार्गेट, इंस्टाकार्ट और अन्य कंपनियों के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।"

विशेष रूप से अमेज़न द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन नहीं करने और कर्मचारियों के बीच फैली पारदर्शी नीति की कमी को लेकर कर्मचारियों ने आलोचना की है, जिसकी महामारी के दौरान पालन करने की आवश्यकता है।

लगभग एक महीने पहले, स्टेटन आइलैंड के अमेज़न "आपूर्ति केंद्र" में COVID-19 संक्रमण से जुड़े दस मामले सामने आने के बाद असुरक्षित और अस्वस्थ्यकर स्थितियों का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने हड़ताल कर दिया था। इस हड़ताल के आयोजक चिर स्माल्स को कंपनी की सामाजिक दूरी की नीति का "उल्लंघन" करने के आरोप में निकाल दिया गया था।

हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में स्मॉल भी आ गए हैं। एक ट्वीट में लोगों को हड़ताल में शामिल होने का आह्वान करते हुए स्मॉल ने लिखा, "प्रोटेक्ट ऑल वर्कर्स एट ऑल कॉस्ट, वी आर नॉट एक्सपैंडेबल (सिक) ऑर रिप्लेसेबल एनफ इज़ एनफ टेक द पावर पैक! (सभी कर्मचारियों को हर क़ीमत पर सुरक्षित रखें, हम विस्तार योग्य या बदलने योग्य नहीं हैं, अब सहन नहीं किया जाएगा, शक्ति वापस लें!"

साभार : पीपल्स डिस्पैच

USA
America
Amazon
FedEx
Walmart
Workers Strike
International news

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

जारी रहेगी पारंपरिक खुदरा की कीमत पर ई-कॉमर्स की विस्फोटक वृद्धि


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License