NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लोकतंत्र को बचाने के लिए समाजवादियों के साथ आएं अंबेडकरवादी : अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि, "मैं फिर अपील करता हूं कि हम सब बहुरंगी लोग हैं। लाल रंग हमारे साथ है। हरा, सफेद, नीला… हम चाहते हैं कि अंबेडकरवादी भी साथ आएं और इस लड़ाई को मजबूत करें।"
भाषा
03 Feb 2022
Akhilesh Yadav

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को अपील की कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए अंबेडकरवादी भी समाजवादियों के साथ आएं और उनकी लड़ाई को मजबूत करें।

अखिलेश ने अपने गठबंधन के सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ संयुक्त प्रेस सम्मेलन में बसपा (बहुजन समाज पार्टी) अध्यक्ष मायावती द्वारा अपना चुनाव अभियान शुरू किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा, "मैंने तो कहा है कि समाजवादियों के साथ आंबेडकरवादी भी आएं... क्योंकि संविधान बचाना है, लोकतंत्र बचाना है। अगर यह नहीं बचेंगे तो सोचो हमारे अधिकारों का क्या होगा।"

उन्होंने कहा, "मैं फिर अपील करता हूं कि हम सब बहुरंगी लोग हैं। लाल रंग हमारे साथ है। हरा, सफेद, नीला… हम चाहते हैं कि अंबेडकरवादी भी साथ आएं और इस लड़ाई को मजबूत करें।"

अखिलेश से सवाल किया गया था कि वर्ष 2019 में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन था और इस बार बसपा अलग चुनाव लड़ रही है। क्या विधानसभा चुनाव में इसका कुछ असर पड़ रहा है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में?

सपा अध्यक्ष ने 'गर्मी' वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, "प्रदेश में जो हवा चल रही है उसे देखकर लगता है कि भाजपा और खासकर मुख्यमंत्री को कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि क्या कहा जाए।"

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "वह हमारे मुख्यमंत्री हैं। वह कोई कंप्रेशर थोड़े ही हैं कि हमें ठंडा कर देंगे। बहुत सारे लोग हैं जो यह जानते होंगे कि फ्रिज में चीज ठंडी रखने के लिए कंप्रेशर होता है, तो क्या हमारे मुख्यमंत्री जी कंप्रेशर हैं?"

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों हापुड़ में एक जनसभा में कैराना से सपा उम्मीदवार नाहिद हसन पर हमला करते हुए कहा था, "ये गर्मी जो अभी कैराना और मुजफ्फरनगर में दिखाई दे रही है न, मैं मई और जून की गर्मी में भी शिमला बना देता हूं। हम 10 मार्च के बाद इनकी गर्मी शांत कर देंगे।"

अखिलेश ने कहा, "हम भरोसा दिलाना चाहते हैं कि जब प्रदेश में सपा गठबंधन की सरकार बनेगी तो गर्मी नहीं बल्कि भर्ती खोली जाएगी और नौजवानों को नौकरी देने का काम किया जाएगा। जिस तरीके से सरकार ने नौकरियां और रोजगार छीने हैं, इस बार हर यूथ अपने बूथ पर भाजपा को हराएगा।"

सपा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट पर व्यंगात्मक अंदाज़ में कहा, "सुना है कि इस बजट से हीरा सस्ता हो जाएगा.... तो देखो सरकार ने गरीबों का कितना ख्याल रखा है।"

आगामी विधानसभा चुनाव को भाईचारा बनाम भाजपा का चुनाव करार देते हुए अखिलेश ने कहा, "एक बात तो तय है कि इस बार बाबा (योगी आदित्यनाथ) मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं। उन्हें अपनी चिंता करनी चाहिए।"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आज प्रेस वार्ता में अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा, "सिर्फ झूठ बोलना ही भाजपा की उपलब्धि है।"

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने इस मौके पर आरोप लगाया, "सत्ताधारी लोग यह कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह हमारे बीच की एकता को खत्म किया जाए। बड़ी संख्या में लोग हमारे कारवां से जुड़ रहे हैं। इससे भाजपा के लोगों की बौखलाहट सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं जो पहले कभी इस पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति की जबान से नहीं सुनी गई।"

जयंत ने कहा, "ऐसा लगता है कि योगी पश्चिमांचल के मिजाज को समझ ही नहीं पाए। वह हमें जितना भी धमकाएंगे। हम उतने ही संगठित और ताकतवर होंगे।" 

AKHILESH YADAV
samajwadi
UP ELections 2022

Related Stories

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

सपा प्रतिनिधिमंडल को न, दूसरे दलों को हां... आख़िर आज़म का प्लान क्या है?

आज़म के परिवार से जयंत की मुलाकात के क्या मायने निकाले जाएं?


बाकी खबरें

  • भाषा
    'आप’ से राज्यसभा सीट के लिए नामांकित राघव चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से दिया इस्तीफा
    24 Mar 2022
    चड्ढा ‘आप’ द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकित पांच प्रत्याशियों में से एक हैं । राज्यसभा चुनाव के लिए 31 मार्च को मतदान होगा। अगर चड्ढा निर्वाचित हो जाते हैं तो 33 साल की उम्र में वह संसद के उच्च सदन…
  • सोनिया यादव
    पत्नी नहीं है पति के अधीन, मैरिटल रेप समानता के अधिकार के ख़िलाफ़
    24 Mar 2022
    कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेक्शन 375 के तहत बलात्कार की सज़ा में पतियों को छूट समानता के अधिकार यानी अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हाईकोर्ट के मुताबिक शादी क्रूरता का लाइसेंस नहीं है।
  • एजाज़ अशरफ़
    2024 में बढ़त हासिल करने के लिए अखिलेश यादव को खड़ा करना होगा ओबीसी आंदोलन
    24 Mar 2022
    बीजेपी की जीत प्रभावित करने वाली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सामाजिक धुरी बदल रही है, जिससे चुनावी लाभ पहुंचाने में सक्षम राजनीतिक ऊर्जा का निर्माण हो रहा है।
  • forest
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद
    24 Mar 2022
    शोधकर्ताओं का तर्क है कि वनीकरण परियोजनाओं को शुरू करते समय नीति निर्माताओं को लकड़ी के उत्पादन और पर्यावरणीय लाभों के चुनाव पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • रवि कौशल
    नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 
    24 Mar 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि गरीब छात्र कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पास करने के लिए कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाएंगे। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License