NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने इराक़ से अपने हज़ारों सैनिकों की वापसी की घोषणा की
इस फ़ैसले को इराक़ीसरकार द्वारा देश से सभी विदेशी सैनिकों की वापसी के बढ़ते दबाव के परिणामस्वरूप देखा जा रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Sep 2020
अमेरिका ने इराक़ से अपने हज़ारों सैनिकों की वापसी की घोषणा की

अमेरिकी सेना ने बुधवार 9 सितंबर को इराक से अपने 2,200 सैनिकों की वापसी की घोषणा की। इससे इस देश में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 5,200 से घटकर 3,000 तक हो जाएगी।

यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि यह निर्णय “इराक की सेना में प्रगति को देखने और हमारे गठबंधन सहयोगियों की सरकार के साथ परामर्श और समन्वय के बाद लिया गया।"

अमेरिका और इराक सरकार ने इस साल जून महीने में देश में अमेरिकी सैनिकों की संख्या को कम करने के लिए सहमति व्यक्त की थी। अमेरिका ने इराक में कोई स्थायी बेस नहीं होने पर भी सहमति जताई है। हालांकि, अमेरिका ने इराक से जून महीने में अपने सैनिकों की वापसी की तैयारी से काफी पहले इस साल मार्च महीने में सुदूर कैम्पों से इराक में पुनःतैनाती शुरु कर दी है।

इराक से अपने सैनिकों को वापस लेने का ट्रम्प प्रशासन का निर्णय इस तथ्य का परिणाम है कि इस साल जनवरी महीने की शुरुआत में बगदाद हवाई अड्डे के बाहर ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस की अमेरिकी हत्या के बाद देश से सभी विदेशी सैनिकों की वापसी के लिए इराक के भीतर दबाव बढ़ रहा है। इराकी संसद ने इस हत्या के बाद एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें सभी विदेशी सैनिकों को देश से वापस जाने के लिए कहा गया।

ईरान ने इराक में जनरल सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए कैम्पों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए थे जहां अमेरिकी सेनाओं को तैनात किया गया था। इसने घोषणा की थी कि यह तब तक चुप नहीं बैठेगा जब तक कि सभी अमेरिकी सैनिकों को मध्य पूर्व क्षेत्र से निकाल नहीं दिया जाता है। अमेरिकी सैनिक उन कैम्पों पर भी हमलों का सामना करते रहे हैं जहां वे इराकी मिलिशिया द्वारा तैनात किए गए थे।

साल 2003 में इराक पर आक्रमण के बाद अमेरिकी सैनिकों को इस देश में पहली बार तैनात किया गया था। हालांकि साल 2011 तक ज़्यादातर सेना धीरे-धीरे वापस ले ली गई थी लेकिन उनमें से कुछ सैनिकों को साल 2014 में इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस या दाइश) के ख़िलाफ़ लड़ाई में इराकी सैनिकों की सहायता के नाम पर फिर से तैनात किया गया था।

America
Iraq
US Army
General Soleimani

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर

क्या बंदूक़धारी हमारे ग्रह को साँस लेने देंगे


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,033 नए मामले, 43 मरीज़ों की मौत
    07 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 98 हज़ार 789 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    भीमा कोरेगांव: बॉम्बे HC ने की गौतम नवलखा पर सुनवाई, जेल अधिकारियों को फटकारा
    07 Apr 2022
    पिछले छह महीनों में कई स्थगनों के बाद, उच्च न्यायालय ने आखिरकार मानवाधिकार रक्षक और वरिष्ठ पत्रकार गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई की
  • nepotism
    न्यूज़क्लिक टीम
    परिवारवाद पर हमला बोलकर खुद फंस गए पीएम मोदी!
    06 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर दिए गए भाषण की। वह प्रधानमंत्री द्वारा परिवारवाद पर…
  • PRESS
    मुकुंद झा
    देश में पत्रकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकार, "बुराड़ी से बलिया तक हो रहे है हमले"
    06 Apr 2022
    पत्रकार संगठनों ने बुराड़ी मैदान में ‘हिंदू महापंचायत’ के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा करते हुए दोषियों की ‘तत्काल’ गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में…
  • uddhav
    न्यूज़क्लिक टीम
    बहुमत के बावजूद उद्धव सरकार को क्यों गिराना चाहती है भाजपा
    06 Apr 2022
    क्या उद्धव ठाकरे सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है? किन कारणों से भाजपा महाराष्ट्र सरकार को गिराना चाहती है? बहुमत में होने के बावजूद क्या भाजपा और केंद्र के झटकों से शिवसेना की अगुवाई वाली सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License