NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एमनेस्टी ने हज़ारों श्रमिकों की मौतों की पर्याप्त जांच करने में कतर की विफलता को उजागर किया
संगठन ने 2022 विश्व कप के इस मेजबान देश से विदेशी श्रमिकों की मौतों की सटीक और अंतर्निहित कारणों की जांच करने और पहचान करने का आह्वान किया है।
पीपल्स डिस्पैच
27 Aug 2021
एमनेस्टी ने हज़ारों श्रमिकों की मौतों की पर्याप्त जांच करने में कतर की विफलता को उजागर किया

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 2022 फीफा फुटबॉल विश्व कप के मेजबान कतर की देश में हजारों विदेशी प्रवासी मजदूरों की मौत के लिए कड़ी आलोचना की। गुरुवार 26 अगस्त को एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से अधिकांश श्रमिकों की मृत्यु अस्पष्ट है और मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण अस्पष्ट है।

एमनेस्टी ने कतर की सरकार से देश में विदेशी श्रमिकों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन और विश्वसनीय जांच का आदेश देने का आह्वान किया। कई अन्य मानवाधिकार समूहों, जर्मनी जैसी विदेशी सरकारों और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने कतर से बार-बार यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि विदेशी श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया जाए।

कतर का विदेशी श्रमिकों के साथ व्यवहार पिछले कुछ समय से सवालों के घेरे में आ गया है। कई रिपोर्टों में श्रमिकों के रहन सहन की स्थिति, लंबे समय तक काम करने और अन्य श्रम दुर्व्यवहारों पर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। इसके अलावा विदेशी श्रमिकों को कतर की अत्यंत कठोर जलवायु की चिलचिलाती गर्मी में न्यूनतम अंतराल के साथ लंबे समय तक काम करना पड़ता है, तापमान नियमित रूप से 40-45 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है जिससे उन्हें कई तरह के स्वास्थ्य खतरों जैसे कि लू लगना, डीहाइड्रेशन आदि का खतरा रहता है।

एमनेस्टी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विश्व स्तरीय बल्कि उन्नत स्वास्थ्य प्रणाली होने के बावजूद कतर समय से पहले होने वाली मौतों के खतरनाक तरीके से उच्च 70 प्रतिशत में मृत्यु के कारणों की ठीक से और संतोषजनक ढंग से पहचान नहीं कर पाया है। इनमें से कई की मृत्यु 30 और 40 की उम्र के बीच हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कैसे कतर 'प्राकृतिक कारणों' या अस्पष्ट रूप से परिभाषित हृदयाघात को जिम्मेदार ठहराते हुए नियमित रूप से प्रवासी श्रमिकों के लिए पर्याप्त जांच किए बिना मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करता है। एमनेस्टी द्वारा जांचे गए कई स्रोतों के आंकड़ों के अनुसार, 2010 और 2019 के बीच, आधिकारिक कतरी आंकड़ों में देश में 15,021 गैर-कतरी निवासियों की मृत्यु दर्ज है।

कतर की सरकार ने हाल के दिनों में अपने श्रम कानूनों और नए कार्य नियम में प्रगति और सुधार की ओर इशारा करते हुए एमनेस्टी और अन्य संगठनों द्वारा विदेशी श्रमिकों के साथ व्यवहार और उनकी अकाल मृत्यु के मुद्दे को लेकर पिछले कुछ वर्षों में सामने आए और उजागर किए गए दावों को खारिज कर दिया है।

Amnesty International
Qatar
workers safety

Related Stories

एमनेस्टी इंडिया के प्रमुख आकार पटेल का दावा, उन्हें अमेरिका जाने से रोका गया

सीवर में मौतों (हत्याओं) का अंतहीन सिलसिला

हरियाणा का डाडम पहाड़ी हादसाः"मुनाफे की हवस में गई मज़दूरों की जान"

मुज़फ़्फ़रपुर: हादसा या हत्याकांड!, मज़दूरों ने कहा- 6 महीने से ख़राब था बॉयलर, जबरन कराया जा रहा था काम

यमन में युद्ध अपराध की जांच कर रहे यूएन इंवेस्टिगेटर की जासूसी के लिए सऊदी ने किया पेगासस का इस्तेमाल

एमपीः रीवा में मज़दूरी मांगने गए दलित मज़दूर का मालिक ने काटा हाथ, आईसीयू में भर्ती

तालिबान शासित अफ़ग़ानिस्तान में क़तर का बढ़ता क़द 

भीलवाड़ा में अवैध खदान का मलबा ढहने से सात मज़दूरों की मौत

बसों में जानवरों की तरह ठुस कर जोखिम भरा लंबा सफ़र करने को मजबूर बिहार के मज़दूर?

दर्दनाक: औद्योगिक हादसों में एक ही दिन में कम से कम 11 मज़दूरों ने गंवाई जान, कई घायल


बाकी खबरें

  • उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    09 Mar 2022
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के चुनाव की चर्चा भले ही मीडिया में कम हुई हो, मगर चुनावी नतीजों का बड़ा असर यहाँ की जनता पर पड़ेगा।
  • Newschakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    Akhilesh Yadav का बड़ा आरोप ! BJP लोकतंत्र की चोरी कर रही है!
    09 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma बात कर रहे हैं चुनाव नतीजे के ठीक पहले Akhilesh Yadav द्वारा की गयी प्रेस कांफ्रेंस की।
  • विजय विनीत
    EVM मामले में वाराणसी के एडीएम नलिनीकांत सिंह सस्पेंड, 300 सपा कार्यकर्ताओं पर भी एफ़आईआर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले राज्य कई स्थानों पर ईवीएम को लेकर हुए हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने वाराणसी के अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) नलिनी कांत सिंह को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले बना
  • बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    09 Mar 2022
    मौजूदा 17वीं विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 26 है। 2020 के चुनाव में 243 सीटों पर महज 26 महिलाएं जीतीं यानी सदन में महिलाओं का प्रतिशत महज 9.34 है।
  • सोनिया यादव
    उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में
    09 Mar 2022
    संस्थान ने एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे चौथे वर्ष के छात्रों से फ़ाइनल परीक्षा के ठीक पहले लाखों रुपये की फ़ीस जमा करने को कहा है, जिसके चलते इन छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License