NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
14 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में आधी से अधिक महिलाओं, बच्चों में ख़ून की कमी : सर्वेक्षण
भारत एवं 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनसंख्या, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, पोषण और अन्य विषयों के प्रमुख संकेतकों से जुड़े तथ्य बुधवार को सरकार द्वारा 2019-21 एनएफएचएस -5 के चरण दो के तहत जारी किए गए।
भाषा
24 Nov 2021
k
सांकेतिक तस्वीर, फ़ोटो साभार : पत्रिका

नयी दिल्ली: बच्चों और महिलाओं में रक्ताल्पता यानी शरीर में ख़ून की कमी (एनीमिया) चिंता का विषय बना हुआ है और 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा अखिल भारतीय स्तर पर आधी से अधिक महिलाओं व बच्चों में रक्ताल्पता की समस्या बनी हुयी है। यह जानकारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के निष्कर्षों से सामने आयी है।

भारत एवं 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनसंख्या, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, पोषण और अन्य विषयों के प्रमुख संकेतकों से जुड़े तथ्य बुधवार को सरकार द्वारा 2019-21 एनएफएचएस -5 के चरण दो के तहत जारी किए गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस चरण में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया, उनमें अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।

पहले चरण में शामिल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एनएफएचएस-5 के तथ्य दिसंबर, 2020 में जारी किए गए थे। सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार, बाल पोषण संकेतकों में अखिल भारतीय स्तर पर थोड़ा सुधार दिखा है।

इसमें कहा गया है, "बच्चों और महिलाओं में एनीमिया अब भी चिंता का विषय बना हुआ है। चरण दो में शामिल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और अखिल भारतीय स्तर पर एनएफएचएस -4 की तुलना में आधे से अधिक बच्चे और महिलाएं (गर्भवती महिलाओं सहित) रक्ताल्पता से पीड़ित हैं, जबकि 180 दिनों या उससे अधिक समय की गर्भवती महिलाओं द्वारा आयरन, फोलिक एसिड (आईएफए) गोलियों की मात्रा में पर्याप्त वृद्धि हुई है।"  

छह महीने से कम उम्र के बच्चों को विशेष रूप से स्तनपान के मामले में अखिल भारतीय स्तर पर सुधार हुआ है और 2015-16 में यह 55 प्रतिशत था जो 2019-21 में बढ़कर 64 प्रतिशत तक पहुंच गया। दूसरे चरण में शामिल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खासी प्रगति दिखी है।

बयान में कहा गया है कि अखिल भारतीय स्तर पर संस्थागत जन्म दर 79 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गयी हैं। पुडुचेरी और तमिलनाडु में संस्थागत प्रसव 100 प्रतिशत है वहीं चरण दो के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह 90 प्रतिशत से अधिक है। इसमें कहा गया है कि संस्थागत प्रसव में वृद्धि होने के साथ ही कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘सी-सेक्शन’ (सीजेरियन) प्रसव में भी काफी वृद्धि हुई है, खासकर निजी अस्पतालों में।

 


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 4,194 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत
    11 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.10 फ़ीसदी यानी 42 हज़ार 219 हो गयी है।
  • गोवा में फिर से भाजपा सरकार
    राज कुमार
    गोवा में फिर से भाजपा सरकार
    11 Mar 2022
    गोवा में कुल 40 विधानसभा सीटों पर मतदन हुआ था जिसमें से भाजपा ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की है, कांग्रेस ने 11, गोवा फारवर्ड पार्टी एक सीट, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के खाते में 2 सीटें, आम आदमी…
  • maduro
    तान्या वाधवा
    अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान
    11 Mar 2022
    राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की समाजवादी सरकार और विपक्ष के बीच संवाद प्रक्रिया अक्टूबर 2021 से रुकी हुई थी। इस बीच वेनेजुएला और अमेरिका के बीच के राजनयिक रिश्ते जनवरी 2019 से ही निलंबित थे।
  • wheat
    डैरियो सबाघी
    यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर गंभीर गेहूं संकट का सामना करता मध्य पूर्व
    11 Mar 2022
    मध्य पूर्वी और उत्तरी अफ़्रीकी देश रूस और यूक्रेन से किये जाने वाले गेहूं के आयात पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। पहले से ही दबाव में रह रहे इस क्षेत्र में मौजूदा युद्ध से और भी गंभीर खाद्य संकट पैदा हो…
  • jandesh 2022
    भाषा सिंह
    त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल
    10 Mar 2022
    बात बोलेगी—ये चुनाव परिणाम यह संकेत साफ़ दे रहे हैं कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों तक राजनीतिक एजेंडा सेट करने में भाजपा के पास बढ़त है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License