NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट से नाराज़ स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल
म्यांमार के स्वास्थ्य कर्मियों ने सैन्य तख़्तापलट को चुनौती देते हुए कहा कि वे सामूहिक गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं। इन सभी ने अस्पतालों में नहीं जाने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया गया है कि सरकार के पास ग़रीबों की कोई चिंता नहीं है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Feb 2021
म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट से नाराज़ स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के दो दिन बाद देश भर के 30 शहरों के 70 अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने 1 फरवरी को आंग सान सू की की सत्ता पलटने के विरोध में काम करना छोड़ दिया है।

नवगठित म्यांमार सविनय अवज्ञा आंदोलन के अनुसार इस समूह की कोई समय सीमा नहीं है कि ये हड़ताल कब तक चलेगी। हालांकि म्यांमार में स्वास्थ्य कर्मचारी अपने उद्देश्य को लेकर स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि वे "अवैध सैन्य शासन से किसी भी आदेश का पालन करने से इनकार करते हैं क्योंकि उनके पास गरीब मरीजों के लिए कोई चिंता नहीं है"

एक अन्य डॉक्टर, मेयो थेट ओउ सैन्य तख्तापलट के खिलाफ विरोध दर्ज करते हुए काला और लाल रिबन बांध कर अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा "गैर निर्वाचित सरकार" कभी भी स्वास्थ्य कर्मियों को गिरफ्तार कर सकती है: "हालांकि हमने इसका सामना करने का फैसला किया है। हम सभी ने अस्पताल नहीं जाने का फैसला किया है।"

सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ मिन औंड हलैंग के नेतृत्व में म्यांमार की सेना ने सोमवार को अपने म्यावडी टीवी पर घोषणा की कि देश में एक साल का राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया गया है।

1 फरवरी को पिछले साल नवंबर महीने में चुनाव होने के बाद संसद के नए सत्र का पहला दिन था। नवंबर में हुए चुनावों में नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को भारी जनादेश मिला था। 1 फरवरी को संसद का सत्र होने के बजाय पुरी तरह विपरीत हो गया।

राष्ट्रपति यू विन म्यिंट और स्टेट काउंसेलर आंग सान सू की सहित कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सौ से अधिक सांसदों को या तो हिरासत में लिया गया या म्यांमार की सेना ने राजधानी नेय प्यी तव में हाउस अरेस्ट किया। जबकि राजधानी में आंशिक रूप से या पूरी तरह से संचार सेवाएं ठप कर दी गईं और सिटी हॉल के बाहर सैन्य इकाइयों के साथ यांगून क्षेत्र में कंटीले तारों को लगा दिया गया।

Myanmar
Aung San Suu Kyi
Emergency in Myanmar
doctors strike
COVID-19

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License