NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विस्थापित जनजातीय छात्रों के स्कूल पर पुलिस छापेमारी को लेकर फ़िलीपींस में नाराज़गी
कथित रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाल कल्याण अधिकारियों और सेना के साथ पुलिस द्वारा एक स्कूल से 19 बच्चों सहित 26 जनजातियों व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
16 Feb 2021
विस्थापित जनजातीय छात्रों के स्कूल पर पुलिस छापेमारी को लेकर फ़िलीपींस में नाराज़गी

एक्टिविस्ट, मानवाधिकार से जुड़े वकीलों और वामपंथी नेताओं ने विस्थापित जनजातीय छात्रों के एक स्कूल में फिलीपींस नेशनल पुलिस (पीएनपी) द्वारा की गई छापेमारी की कड़ी निंदा की है। सोमवार 15 फरवरी को सेबू शहर के एक स्कूल में हुई इस छापेमारी में पुलिस कर्मियों ने 26 शिक्षकों, छात्रों और समुदाय के सदस्यों को गिरफ्तार किया। इसकी पुष्टि नेशनल यूनियन ऑफ पीपल्स लॉयर्स (एनयूपीएल) के स्थानीय इकाई ने की।

ये स्कूल कैथोलिक द्वारा संचालित यूनिवर्सिटी ऑफ सैन कार्लोस (यूएससी) के तालंबन परिसर में विस्थापित लुमाड लोगों के एक समूह के लिए एक शरण स्थल है। रैप्लर के अनुसार, पीएनपी के स्थानीय प्रभाग द्वारा ये छापेमारी की गई। इसके साथ समाज कल्याण एवं विकास विभाग (डीएसडब्ल्यूडी) और फिलीपींस के सशस्त्र बलों (एएफपी) के साथ मिलकर कथित रेस्क्यू ऑफरेशन के रुप में की गई।

गिरफ्तार किए गए 28 लोगों में 21 लुमाड के छात्र शामिल हैं जिनमें से 19 नाबालिग बताए जाते हैं जबकि बाकी में शिक्षक और इस समाज के बुजुर्ग शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस स्कूल में बच्चों को "युद्ध" के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा था और माओ विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध के नाम पर रोड्रिगो डुटेर्टे सरकार की दमनकारी रणनीति के विस्तार के रूप में देखा जाता है।

बंदियों की गिरफ्तारी और हिरासत बिना किसी वारंट के किया गया है और लुमाड स्कूलों को बंद करने के खिलाफ वकालत करने वाले अभियान सेव अवर स्कूल्स नेटवर्क (एसओएस) द्वारा पोस्ट किए गए छापे के वीडियो के दौरान बच्चों को रोते और चिल्लाते हुए दिखाया गया है जिसमें उन्हें अधिकारी जबरन घसीट रहे हैं।

एसओएस ने एक बयान में कथित ऑपरेशन को छापेमारी बताते हुए निंदा की। उन्होंने इस स्कूल से जनजातीय बच्चों की इसी तरह की गिरफ्तारी और छापेमारी को लेकर कहा कि "अक्सर पुलिस और अधिकारियों रेस्क्यू शब्द का इस्तेमाल किया है लेकिन इसने विस्थाफित लुमाड और छात्रों की शांति को भंग कर दिया जैसा कि पहले 2015 और जनवरी 2020 में दावाओ में हरन में यूसीसीपी (यूनाइटेड चर्च ऑफ क्राइस्ट इन पैलेस्टाइन) हुआ था।"

प्रगतिशील राजनीतिक दल अकबायान की स्थानीय इकाई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि, "स्पष्ट रूप से 'रेस्क्यू ऑपरेशन' तर्कहीन है क्योंकि यह विश्वविद्यालय के भीतर लोकतांत्रिक स्थानों के लिए एक जबरन घुसपैठ और खतरा है।"

Philippines
Tribal students' school
National Union of People's Lawyers
Philippines Police

Related Stories

फ़िलीपींस ने प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक शाखा को "आतंकवादी" घोषित किया

फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए

फ़िलीपींस में पुलिस की छापेमारी में एक गिरफ़्तार और दो शांति कार्यकर्ताओं की मौत

फ़िलीपींस में आतंकवादियों की सूची की व्यापक निंदा की गई

फ़िलीपींस : 10 दिनों में 1,00,000 नए मामले, लॉकडाउन अगले सप्ताह तक बढ़ाया गया

9 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या करने वाली पुलिस छापेमारी के मुद्दे पर डुटेर्टे सरकार के ख़िलाफ़ रोष

फ़िलीपींस के सेक्रेटरी ऑफ़ जस्टिस ने एंटी ड्रग ऑपरेशन में पुलिस की ग़लती मानी

फ़िलिपींस : देश के क्रूर आतंकवाद विरोधी क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

फ़िलीपींस : विश्वविद्यालयों ने "रेड-टैगिंग" पर सरकार के बयान की निंदा की

फ़िलीपींस के सांसद और एक्टिविस्ट ने नेताओं की हत्याओं की जांच की मांग की


बाकी खबरें

  • इमाद उल हसन
    नफ़रती सिनेमाई इतिहास की याद दिलाती कश्मीर फ़ाइल्स
    24 Mar 2022
    यह फ़िल्म मुसलमानों के ख़िलाफ़ मौजूदा रूढ़ धारणाओं को मज़बूती देने के लिए फिल्मों का इस्तेमाल करते हुए एक हालिया घटना को बड़ा बनाकर पेश करती है और और इसका इस्तेमाल देश को ज़्यादा सांप्रदायिक बनाने के…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: "मुख्यमंत्री के गृह जिले में दलित-अतिपिछड़ों पर पुलिस-सामंती अपराधियों का बर्बर हमला शर्मनाक"
    24 Mar 2022
    भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा के हिलसा में अतिपिछड़ी जाति से आने वाले विरेश चंद्रवंशी की बर्बर किस्म से की गई हत्या, उसके बाद अतिपिछड़े व दलित समुदाय पर ही…
  • आमिर मलिक
    भगत सिंह झुग्गियाँ- वह स्वतंत्रता सेनानी जो सदा लड़ते रहे
    24 Mar 2022
    ब्रितानिया सल्तनत के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाले, भगत सिंह झुग्गियाँ सदा लोगों के हक़ में आवाज़ उठाते रहे। इसी महीने आठ तारीख़ को उन्होंने अंतिम साँस ली। लेखक उनकी ज़िंदगी की कुछ झलकियाँ दिखा रहे हैं...
  • सबरंग इंडिया
    मौन कोई विकल्प नहीं है: पत्रकारों ने भारत के संवैधानिक संस्थानों की चुप्पी पर सवाल उठाया
    24 Mar 2022
    वरिष्ठ पत्रकारों ने हेट स्पीच और नरसंहार के खुले आह्वान के खिलाफ कार्रवाई की अपील की
  • प्रभात पटनायक
    वैश्वीकरण और पूंजी तथा श्रम का स्थान परिवर्तन
    24 Mar 2022
    वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में, उत्तर के उन्नत पूंजीवादी देशों से, दक्षिण के कम मजदूरी वाले देशों की ओर, पूंजी के स्थानांतरण पर तो काफ़ी चर्चा हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License