NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
माली में सेना की एक और तख़्तापलट की कोशिश, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री गिरफ़्तार
सैन्य-प्रभुत्व वाली ट्रांजिशनल सरकार में मामूली फेरबदल के बाद ये गिरफ़्तारियां हुईं। फेरबदल की कार्रवाई में दो सैन्य प्रतिनिधियों को हटा दिया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
25 May 2021
माली में सेना की एक और तख़्तापलट की कोशिश, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री गिरफ़्तार

तत्कालीन राष्ट्रपति बाउबाकर कीटा को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के केवल नौ महीने बाद ही माली में सेना ने सोमवार 24 मई को राजधानी बमाको में अपने काटी शिविर में ट्रांजिशनल सरकार के प्रमुखों को गिरफ्तार कर लिया। ये गिरफ्तारी कथित तौर पर इस दिन सुबह में मामूली फेरबदल के बाद हुई जिसमें सैन्य प्रभुत्व वाली सरकार से दो सैन्य प्रतिनिधियों को हटा दिया गया।

खबरों के अनुसार, तख्तापलट के प्रयास में ट्रांजिशनल सरकार के प्रमुख राष्ट्रपति बाह नदाव और प्रधानमंत्री मोक्टर ओउने को रक्षा मंत्री सौलेमाने डौकोर के साथ कटी ले जाया गया और वहीं रखा गया।

यूनाइटेड नेशन्स के साथ साथ इकोनॉमिक कम्यूनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीका (ECOWAS) और अफ्रीकन यूनियन ने एक संयुक्त बयान जारी कर नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है। बयान में यह भी कहा गया है कि "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय जबरन इस्तीफे सहित दबाव के किसी भी कार्य को अग्रिम रूप से खारिज करता है"।

पिछले साल अगस्त में राष्ट्रपति बाउबाकर कीटी को काटी ले जाया गया था और देश में फ्रांसीसी सेना की मौजूदगी के खिलाफ एक महीने के लंबे विरोध के बाद इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। सितंबर में अफ्रीकन यूनियन और अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों द्वारा प्रतिबंधों की धमकी जारी किए जाने के बाद एक नई ट्रांजिशनल सरकार का गठन किया गया था। नई ट्रांजिशनल सरकार में नागरिक राजनीतिक समूहों और सेना दोनों के प्रतिनिधि थे और इसे नए चुनाव कराने से पहले 18 महीने तक रहना था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल अगस्त में तख्तापलट के नेता रहे मौजूदा उप राष्ट्रपति कर्नल असिमी गोइता की मौजूदा संकट में अहम भूमिका है। ट्रांजिशनल सरकार से हटाए गए दो सैन्य प्रतिनिधि साडियो कामारा और कर्नल मोडिबो कोने पिछले साल असिमी के साथ तख्तापलट का हिस्सा थे। वे क्रमशः रक्षा और सुरक्षा विभागों को संभाल रहे थे।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद राजधानी बामाको और माली के अन्य प्रमुख शहरों और कस्बों में शांति रही।

एक पश्चिम अफ्रीकी देश और पूर्व फ्रांसीसी उपनिवेश माली का 1960 में अपनी स्वतंत्रता के बाद से सैन्य तख्तापलट का एक लंबा इतिहास रहा है।

Mali
ECOWAS
Bah Ndaw
United nations
African Union

Related Stories

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 

माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है

यूरोपीय संघ दुनियाभर के लोगों के स्वास्थ्य से बढ़कर कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता देता है 

यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है


बाकी खबरें

  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..
    03 Apr 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी कुछ ज़रूरी राजनीतिक ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : आग़ा हश्र कश्मीरी की दो ग़ज़लें
    03 Apr 2022
    3 अप्रैल 1879 में जन्मे उर्दू शायर, अफ़सानानिगार और प्लेराइट आग़ा हश्र कश्मीरी की जयंती पर पढ़िये उनकी दो ग़ज़लें...
  • april fools
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    एप्रिल फूल बनाया, हमको गुस्सा नहीं आया
    03 Apr 2022
    अभी परसों ही एक अप्रैल गुजरा है। एप्रिल फूल बनाने का दिन। अभी कुछ साल पहले तक एक अप्रैल के दिन लोगों को बेवकूफ बनाने का काफी प्रचलन था। पर अब लगता है लोगों ने यह एक अप्रैल को फूल बनाने का चक्कर अब
  • ज़ाहिद खान
    कलाकार: ‘आप, उत्पल दत्त के बारे में कम जानते हैं’
    03 Apr 2022
    ‘‘मैं तटस्थ नहीं पक्षधर हूं और मैं राजनीतिक संघर्ष में विश्वास करता हूं। जिस दिन मैं राजनीतिक संघर्ष में हिस्सा लेना बंद कर दूंगा, मैं एक कलाकार के रूप में भी मर जाऊंगा।’’
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    CBI क्यों बनी 'तोता', कैसे हो सकती है आजाद, CJI ने क्यों जताई चिंता
    02 Apr 2022
    दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेन्ट एक्ट-1946 के तहत सन् 1963 में स्थापित सीबीआई और देश की अन्य जांच एजेंसियों को क्यों सरकारी नियंत्रण से मुक्त होना चाहिए? एक सुसंगत लोकतंत्र के लिए इन संस्थाओं का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License