NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अर्जेंटीना के लोगों ने 'नी ऊना मेनोस' आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ मनाई
'नी ऊना मेनोस' आंदोलन वर्ष 2015 में प्रारंभ हुआ था जो अर्जेंटीना में विभिन्न महिलाओं, एलजीबीटीक्यूआई और सामाजिक संघर्षों का एक मंच है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Jun 2020
अर्जेंटीना

3 जून को अर्जेंटीना में नी ऊना मेनोस (एक महिला भी कम नहीं) आंदोलन के गठन की पांचवीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर हज़ारों महिलाओं और नॉन-बाइनरी लोगों ने देश में और साथ ही इस क्षेत्र में लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने की मांग के लिए वर्चुअल प्रदर्शन किया।

हज़ारों नागरिक, नारीवादी, एलजीबीटीक्यूआई एक्टिविस्ट, वामपंथी नेता, मानवाधिकार संगठन, सामाजिक आंदोलन और ट्रेड यूनियन इस वर्चुअल प्रदर्शन में शामिल हुए। लोगों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर संदेश साझा किया, महिलाओं और ट्रांसजेंडर के ख़िलाफ़ हिंसा को लेकर जागरूक किया जो पुरुषवाद के परिणामस्वरुप जन्मा था और उनके लिए समान सामाजिक-राजनीतिक अधिकारों की मांग की। सोशल मीडिया को नारीवादी रंगों अर्थात बैंगनी और हरे रंग से भर दिया गया था। ये रंग गरिमा, स्वतंत्रता और आशा का प्रदर्शित करते हैं। चिली और पेरू के एक्टिविस्ट ने भी इस वर्चुअल प्रदर्शन में हिस्सा लिया।


सोशल मीडिया #NiUnaMenos (#एक महिला भी कम नहीं), # 5AñosNiUnaMenos (# 5वर्ष एक महिला भी कम नहीं), #BastaDemicFidicidTravesticidios जैसे नारों से अटा पड़ा था।

नी ऊना मेनोस मूवमेंट ने ट्वीट में लिखा है, "पहली आवाज़ के पांच साल बाद हम फिर से कहते हैं कि एक महिला भी कम नहीं है। इस महामारी ने हमें जो कुछ भी सिखाया है तो वह यही है कि हम अपने आप में सशक्त हैं और नारीवादी नेटवर्क जिसे हमने बनाया है उसे बिखड़ने नहीं दे सकते।"

नारीवादी पत्रकारों, एक्टिविस्टों और कलाकारों के एक समूह द्वारा एक पहल के रूप में नी ऊना मेनोस आंदोलन 3 जून 2015 को प्रारंभ हुआ था। इन एक्टिविस्टों ने नारीवाद, बलात्कार और महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के अन्य रूपों को रोकने की आवश्यकता महसूस की थी। भारी समर्थन के साथ ये आंदोलन तेजी से फैल गया और विभिन्न महिलाओं, एलजीबीटीक्यू और सामाजिक संघर्षों के लिए एक सामूहिक अभियान बन गया।

3 जून 2015 से 25 मई 2020 तक 'नाउ दैट दे सी अस' ऑब्जर्वेटरी द्वारा एकत्र आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में 1,450 महिलाओं की हत्याएं हुईं। दूसरे शब्दों में कहें तो अर्जेंटीना में हर 30 घंटे में एक महिला की मौत हुई। आंकड़ों से यह भी पता चला है कि मारी गई महिलाओं में से 45% की हत्या उनके पार्टनर ने की, 31% महिलाओं की हत्या उनके एक्स पार्टनर ने की और 15% की हत्या उनके परिवार के सदस्यों ने की। इन आंकड़ों से यह भी पता चला कि इन हत्याओं में से 64% मामले पीड़ित के घर में ही अंजाम दिए गए, 25% सार्वजनिक स्थानों पर और 3% मामलों को हमलावर के घर पर ही अंजाम दिया गया।

Argentina
Ni Una Menos Movement
5th Anniversary Ni Una Menos
# 5AñosNiUnaMenos
#BastaDemicFidicidTravesticidios

Related Stories

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की

अर्जेंटीना में गर्भपात वैध

गर्भपात बिल पर वोट के दौरान अर्जेंटीना की महिलाएं कांग्रेस से बाहर करेंगी प्रदर्शन

ब्यूनस आयर्स प्रांतीय सरकार ने पुलिस और जेल अधिकारियों के लिए वेतन वृद्धि की घोषणा की

अर्जेंटीना : जनता ने फ़ेसुंदो अस्तुदिलो की सुरक्षित वापसी की मांग की

अर्जेंटीनाः गर्भपात के अधिकार की मांग के लिए लोगों ने वर्चुअल प्रदर्शन किया

 अर्जेंटीना में दौरे पर आए आईएमएफ प्रतिनिधियों के खिलाफ लोग सड़क पर उतरे

अर्जेंटीना : सीनेट ने बाहरी क़र्ज़ को फिर से प्राप्त करने वाले क़ानून को मंज़ूरी दी

‘अलविदा मैक्री’: अर्जेंटीना से दक्षिणपंथी मैक्री शासन की विदाई


बाकी खबरें

  • International Women's Day
    सोनिया यादव
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद
    08 Mar 2022
    श्रम आंदोलन से उपजे इस आयोजन के केंद्र में प्रदर्शन की अहमियत रही है, लिहाज़ा आज महिलाओं के संघर्ष ने एक लंबा सफ़र तय किया है और इसमें उनका अपने ह़क़ और हुक़ूक के लिए आवाज़ बुलंद करना, सड़कों पर धरने…
  • School teachers
    पीपुल्स डिस्पैच
    हंगरी: देशभर के स्कूल शिक्षकों ने बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए कसी कमर
    08 Mar 2022
    विक्टर ओरबान की अगुवाई वाली हंगरी की रूढ़िवादी सरकार कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए स्कूलों में अनिवार्य शिक्षण सेवाओं को लेकर एक विशेष फ़रमान जारी करते हुए शिक्षकों की हड़ताल को प्रतिबंधित करने की…
  • Atoms for Peace
    एम. के. भद्रकुमार
    ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 
    08 Mar 2022
    ईरान उन देशों में से एक है जिसमें अमेरिका के "डॉलर रूपी हथियार" का मुकाबला करने के लिए "परमाणु रूपी हथियार" का सहारा लेने की कई संभावनाएं मौजूद हैं।
  • women's day
    राज वाल्मीकि
    दलित और आदिवासी महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवाल
    08 Mar 2022
    यदि हमारे भारतीय समाज से लैंगिक-ग़ैर बराबरी और जातिवाद का ख़ात्मा हो जाए, जो कि वैज्ञानिक शिक्षा से संभव है, तभी इस देश की दलित और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार समाप्त हो सकेगा।
  • कुमुदिनी पति
    महिला दिवस विशेष : लड़ना होगा महिला अधिकारों और विश्व शांति के लिए
    08 Mar 2022
    अंतराष्ट्रीय महिला दिवस एक औपचारिकता मात्र न बन कर रह जाए इसके लिए औरतों को लगातार सजग रहना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License