NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम चुनाव : बीजेपी 'कुशासन' के ख़िलाफ़ विपक्ष एकजुट   
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने 15 अक्टूबर को हुई एक संयुक्त बैठक के बाद आगामी चुनावों में कांग्रेस के साथ वाम दलों जिसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और सीपीआई (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भी शामिल हैं के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Oct 2020
Translated by महेश कुमार
असम चुनाव

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की दिशा तय करते हुए, असम में विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ संयुक्त मोर्चा जमाने का फैसला किया है। कांग्रेस, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और वामपंथी दलों सहित विपक्षी दल सत्तारूढ़ दल के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाकर 'महागठबंधन' बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, असम प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख रिपुन बोरा ने 15 अक्टूबर को एक बैठक के बाद कांग्रेस के साथ वाम दलों जिसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भाकपा (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) शामिल हैं ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। 

चुनाव से पहले महाजोट से अधिक हमने इस बात पर चर्चा की और फैसला लिया कि सभी भाजपा विरोधी दलों को भाजपा के कुशासन को उखाड़ने के लिए एक मंच पर आना चाहिए। हमने तय किया है कि राज्य भर में भाजपा के कुशासन और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ वाम दलों के साथ सड़कों पर संयुक्त विरोध प्रदर्शन, आम सभाएं करने का फैसला किया है। हम जल्द ही विरोध कार्यक्रम का टाइमटेबल तैयार करेंगे। वामपंथी पार्टियां भी इस तरह के महाजोट की आवश्यकता से सहमत हैं। बोरा ने संवाददाताओं से कहा, हम अन्य भाजपा विरोधी दलों को साथ लाने के लिए इस तरह की बैठकें करते रहेंगे।

टेलीग्राफ की रपट के मुताबिक, "पहली संयुक्त बैठक 20 अक्टूबर को हुई थी और पहला संयुक्त विरोध प्रदर्शन दुर्गा पूजा के बाद होगा।"

राज्य सभा सदस्य अजीत कुमार भुइयां द्वारा गठित एक नई क्षेत्रीय पार्टी आंचलिक गण मोर्चा (AGM), जिसे कांग्रेस और एआईयूडीएफ (AIUDF) का समर्थन है, ने भी विपक्षी समूह में शामिल होने की सहमति दे दी है।

दूसरी तरफ, नवगठित रायजोर दल और असम जातीय परिषद ने अब तक विपक्षी गठबंधन से दूर रहने का फैसला किया है, भले ही कांग्रेस कह रही है कि भाजपा के "कुशासन" के खिलाफ एकजुट गठबंधन बनाने के रास्ते खुले हैं। किसान नेता अखिल गोगोई की कृषक मुक्ति संग्राम समिति द्वारा समर्थित रायजोर दल उन 70 अन्य जातीय संगठनों में से है, जिन्होंने राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध में भाग लिया था। असम जातीय परिषद को ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और असम जातिताबाद युबा छात्र परिषद ने संयुक्त रूप से लॉन्च किया था,  जो राज्य के सबसे बड़े और प्रभावशाली छात्र और युवा संगठनों में से हैं।

इस बीच, विपक्षी गठबंधन के जवाब में सत्तारूढ़ भाजपा ने एक ध्रुवीकरण अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने स्वदेशी समुदायों और वास्तविक भारतीयों को "मुगल आक्रमण" के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया जिसके बाद राज्य के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मौलाना बदरुद्दीन अजमल की "संस्कृति और सभ्यता" में विश्वास करने वाले लोगों को लताड़ा, जो एक लोकसभा सदस्य और एआईयूडीएफ के प्रमुख हैं।

संयुक्त विपक्ष की आवश्यकता के बारे में बात करते हुए, एपीसीसी प्रमुख ने संवाददाताओं को बताया कि विपक्षी ताकतों को एकजुट होकर भाजपा के मतदाताओं के ध्रुवीकरण करने के खेल की योजना को बेनकाब करना होगा और सत्तारूढ़ दल के तहत होने वाले कथित घोटाले का पर्दाफाश करना होगा। उन्होने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उस बयानबाजी का हवाला दिया जिसमें भाजपा ने 2021 के चुनावों को सभ्यताओं और संस्कृतियों के "संघर्ष" के रूप में पेश करने की बात कही है, एक ऐसी संस्कृति जिसे अरबों द्वारा "थोपा" गया और मुगलों के आक्रमण से "जारी" रखा गया और इसे रोकने के लिए नवंबर से सरकार द्वारा संचालित मदरसों को "बंद" करने का निर्णय लिया है, जैसा कि टेलीग्राफ द्वारा रिपोर्ट किया गया है।

“भाजपा हिंदू-मुस्लिम विभाजन पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने और इतिहास को विकृत करने या फिर से लिखने की कोशिश कर रही है। इस कोशिश का मुकाबला करने के लिए हमें एकजुट होना होगा। मुसलमानों ने भी भारत और असम के निर्माण में योगदान दिया है। बोरा ने कहा कि हम असंवैधानिक सीएए का विरोध करना जारी रखेंगे।

126 सदस्यीय असम विधानसभा का चुनाव अगले साल मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। 2016 के चुनावों ने खंडित जनादेश दिया था और किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था।

वर्तमान सदन में, भाजपा 60 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि उसके सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) में क्रमशः 14 और 12 विधायक हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन को एक निर्दलीय विधायक का समर्थन भी प्राप्त है।

वर्तमान में कांग्रेस के 23, और एआईयूडीएफ के 14 विधायक हैं।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिेए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Assam Elections: Opposition Alliance to Launch Joint Protest Against BJP’s 'Misrule'

Assam Assembly Elections
BJP government
Sarbananda Sonowal
Congress
Raijor Dal
Assam Jatiya Parishad
Himanta Biswa Sharma
Communal Polarisation in Assam

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License