NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
असम: ओएनजीसी के तीन कर्मचारियों का अपहरण
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि बुधवार की सुबह उसके तीन कर्मचारियों का असम-नगालैंड की सीमा के पास लकवा तेल क्षेत्र से ‘‘अज्ञात सशस्त्र बदमाशों’’ ने अपहरण कर लिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
22 Apr 2021
असम: ओएनजीसी के तीन कर्मचारियों का अपहरण

नयी दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के तीन कर्मचारियों का बुधवार को असम में एक रिग साइट से अज्ञात सशस्त्र उग्रवादियों ने अपहरण कर लिया। इन कर्मचारियों को असम में शिवसागर जिले के लकवा फील्ड से अगवा किया गया।

कंपनी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ओएनजीसी के तीन कर्मचारी, जिनमें दो सहायक कनिष्ठ अभियंता (उत्पादन) और एक कनिष्ठ टेक्नीशियन (उत्पादन) शामिल हैं, उन्हें 21 अप्रैल 2021 की तड़के अज्ञात सशस्त्र बदमाशों ने अगवा कर लिया। अपहरण की यह घटना शिवसागर जिले के लकवा फील्ड में ओएनजीसी की एक रिग साइट पर हुई।’’

तीनों कर्मचारी स्थानीय असमी हैं। उनकी पहचान एम एम गोगोई, रितुल सैकिया और अलकेश सैकिया के रूप में हुई है।

अपहरण करने वाले चरमपंथियों के प्रतिबंधित उल्फा (आई) समूह से संबंधित होने का संदेह है।

ओएनजीसी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई है और हम अतिरिक्त उपाय कर रहे हैं। हम स्थानीय पुलिस से भी मदद ले रहे हैं।’’

शिवसागर में ओएनजीसी के लगभग 2,000 कर्मचारी, अधिकारी और सहायक कर्मचारी हैं।

ओएनजीसी के एक सूत्र ने कहा कि अपहृत कर्मचारियों के बारे में फिलहाल कुछ पता नहीं चल सका है और अपहरणकर्ताओं ने अब तक परिवार या कंपनी से कोई संपर्क नहीं किया है।

ओएनजीसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘अगवा किए गए कर्मचारियों को बदमाशों द्वारा ओएनजीसी के एक वाहन से ले जाया गया। बाद में वाहन को असम-नागालैंड सीमा पर स्थित निमनगढ़ के जंगलों के पास छोड़ दिया गया।’’

ओएनजीसी ने स्थानीय पुलिस के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।

ओएनजीसी 1960 के दशक की शुरुआत से ऊपरी असम में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य पुलिस के उच्च अधिकारी घटना स्थल पर हैं। स्थानीय प्रशासन को घटना के बारे में बता दिया गया है और ओएनजीसी उच्च अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।’’ 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपहृत कर्मचारी को रिहा कराने के निर्देश दिए

 मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उल्फा (आई) के संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के तीन कर्मचारियों का अपहरण करने की बुधवार को निंदा की और मुख्य सचिव तथा डीजीपी को निर्देश दिया कि उन्हें बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाएं।

सोनोवाल ने सिलसिलेवार ट्वीट कर ओएनजीसी के कर्मचारी मोहिनी मोहन गोगोई, अलकेश सैकिया और ऋतुल सैकिया की शिवसागर जिले से अपहरण की निंदा की।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मुख्य सचिव जिष्णु बरूआ और असम पुलिस के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत से कहा है कि उनकी रिहाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।’’

सोनोवाल ने बताया कि विशेष डीजीपी (कानून-व्यवस्था) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं और अपहरण की जांच की निगरानी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तक फिरौती या किसी अन्य चीज की मांग नहीं की गई है।

Assam
ONGC
ONGC employees kidnapped

Related Stories

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

पांच राज्यों में 30 फीसदी से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार

गलत पहचान: 'विदेशी' महिला मानकर हिरासत शिविर में रखी गई बुजुर्ग महिला तीन साल बाद रिहा


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License