NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम चुनाव: बीजेपी के सहयोगी छोड़ रहे उसका साथ, बीपीएफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल 
हग्रमा मोहिलारी की अगुवाई वाले बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के विपक्षी गठबंधन में आ जाने के बाद महागठबंधन का विस्तार हुआ है और विधानसभा चुनाव में स्थिति मजबूत हुई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Mar 2021
असम चुनाव
फोटो साभार : राष्ट्रीय खबर

असम में कांग्रेस की अगुवाई वाले छह दलों के विपक्षी महागठबंधन का शनिवार को विस्तार हुआ। गठबंधन में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हो गए, जिससे असम में तीन चरणों के विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ उसकी स्थिति और मजबूत हो गई। बीपीएफ वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में शामिल है। उसका इस तरह चुनाव से ठीक पहले उसका साथ छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा नुकसान बताया जा रहा है जबकि सूत्रों की माने तो जो सहयोगी अभी बीजेपी के साथ हैं भी वो भी कईबार बीजेपी के नीतियों के ख़िलाफ़ अपना गुस्सा दिखते रहे है। ऐसे मौहौल में बीजेपी की स्थिति जितनी कमजोर हो रही है उतना ही विपक्षी महागठबंधन मज़बूत हो रहा है।  

भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ मजबूती से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस ने पहले एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) के साथ महागठबंधन का गठन किया था।

भाजपा विरोधी समूह को मजबूत करने के लिए शनिवार को बीपीएफ और राजद गठबंधन में शामिल हो गया। राजद बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है और जिसके राज्यसभा में पांच सदस्य थे, लेकिन लोकसभा में कोई भी नहीं है।

भाजपा असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ असम चुनाव में उतरेगी। लेकिन कई सवाल को लेकर एजीपी भी बीजेपी का मुखर विरोध करती रही है। ऐसे में देखना होगा इन दोनों के बीच कैसा चुनावी तालमेल होता है।  

बीपीएफ ने दिन में घोषणा की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए महागठबंधन में शामिल होंगे। इस फैसले का स्वागत करते हुए, कांग्रेस ने भरोसा जताया कि पार्टी फिर से सत्ता में आएगी।

इसी तरह असम कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल की मुलाकात के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि उनकी पार्टी असम में महागठबंधन का हिस्सा होगी।

चुनाव के बाद महागठबंधन तय करेगा असम के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार

असम में कांग्रेस नीत विपक्षी महागठबंधन ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री पद का उसका उम्मीदवार विधानसभा चुनाव के बाद अन्य घटक दलों के साथ चर्चा के बाद तय किया जाएगा।

महागठबंधन के घटक दलों के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में असम के पार्टी प्रभारी कांग्रेस महासचिव अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि इस गठबंधन की मुख्य चिंता भाजपा एवं उसके सहयोगियों को हराना है।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव हो जाने के बाद सभी दल साथ बैठेंगे और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में तय करेंगे। ’’

सिंह ने कहा कि हग्रमा मोहिलारी की अगुवाई वाले बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के विपक्षी गठबंधन में आ जाने के बाद महागठबंधन आगामी चुनाव में विधानसभा की कुल 126 में 100 सीटें जीतने के लक्ष्य तक जरूर पहुंच जाएगा।

सन् 2001 से असम में 15 सालों तक सत्तासीन रही कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का मुकाबला करने के लिए एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा माले, आचंलिक गण मोर्चा के साथ मिलकर एक महागठबंधन बनाया। शनिवार को बीपीएफ भी उसके साथ हो चला।

भाजपा नीत सरकार का हिस्सा रहे बीपीएफ ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भाजपा के साथ दोस्ताना संबंध या गठबंधन में नहीं रहेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने दो नये क्षेत्रीय दलों-- असम जातीय परिषद एवं राइजोर दल को महागठंधन से जुड़ने का न्यौता दिया। राज्य में 27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

( समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Assam
Assam Elections
BJP
Bodoland People's Front
BPF
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • रवि शंकर दुबे
    दिल्ली और पंजाब के बाद, क्या हिमाचल विधानसभा चुनाव को त्रिकोणीय बनाएगी AAP?
    09 Apr 2022
    इस साल के आखिर तक हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, तो प्रदेश में आप की एंट्री ने माहौल ज़रा गर्म कर दिया है, हालांकि भाजपा ने भी आप को एक ज़ोरदार झटका दिया 
  • जोश क्लेम, यूजीन सिमोनोव
    जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 
    09 Apr 2022
    जलविद्युत परियोजना विनाशकारी जलवायु परिवर्तन को रोकने में न केवल विफल है, बल्कि यह उन देशों में मीथेन गैस की खास मात्रा का उत्सर्जन करते हुए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न संकट को बढ़ा देता है। 
  • Abhay Kumar Dubey
    न्यूज़क्लिक टीम
    हिंदुत्व की गोलबंदी बनाम सामाजिक न्याय की गोलबंदी
    09 Apr 2022
    पिछले तीन दशकों में जातिगत अस्मिता और धर्मगत अस्मिता के इर्द गिर्द नाचती उत्तर भारत की राजनीति किस तरह से बदल रही है? सामाजिक न्याय की राजनीति का क्या हाल है?
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः प्राइवेट स्कूलों और प्राइवेट आईटीआई में शिक्षा महंगी, अभिभावकों को ख़र्च करने होंगे ज़्यादा पैसे
    09 Apr 2022
    एक तरफ लोगों को जहां बढ़ती महंगाई के चलते रोज़मर्रा की बुनियादी ज़रूरतों के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भी अब ज़्यादा से ज़्यादा पैसे खर्च…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...
    09 Apr 2022
    अविश्वास प्रस्ताव से एक दिन पहले देश के नाम अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने दो-तीन बार भारत की तारीफ़ की। हालांकि इसमें भी उन्होंने सच और झूठ का घालमेल किया, ताकि उनका हित सध सके। लेकिन यह दिलचस्प है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License