NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कांग्रेस के सत्ता में आने पर उच्चतम न्यायालय में सीएए से जुड़े मामले में असम सरकार बनाई जाएगी पक्षकार: गोगोई 
लोकसभा में पार्टी के उप नेता गोगोई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि इस विधानसभा चुनाव में असम की पहचान और विकास दोनों दांव पर हैं तथा प्रदेश में कांग्रेस की अगुवाई वाले ‘महाजोत’(महागठबंधन) के पक्ष में ‘आशा की बयार’ बह रही है।  
आसिम कमाल
12 Mar 2021
Gaurav Gogoi

नयी दिल्ली :कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को ‘वोटों के लिए समाज को विभाजित करने का भाजपा का राजनीतिक हथियार’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि असम में उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर सीएए को प्रदेश में लागू करने नहीं दिया जाएगा और राज्य सरकार को उच्चतम न्यायालय में इससे जुड़े मामले में पक्षकार बनाया जाएगा।

लोकसभा में पार्टी के उप नेता गोगोई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में यह भी कहा कि इस विधानसभा चुनाव में असम की पहचान और विकास दोनों दांव पर हैं तथा प्रदेश में कांग्रेस की अगुवाई वाले ‘महाजोत’(महागठबंधन) के पक्ष में ‘आशा की बयार’ बह रही है।

उन्होंने ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस पर हमले करने के लिए भाजपा पर निशाना साधा और कहा बदरूद्दीन अजमल की पार्टी के साथ गठबंधन धर्म नहीं, बल्कि इस बात पर आधारित है कि कोई सीएए के पक्ष में है या फिर विरोध में है।

यह पूछे जाने पर कि असम में ‘महाजोत’ की जीत की स्थिति में वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे तो गोगोई ने कहा कि वह कभी किसी पद के पीछे नहीं भागे और पार्टी के हिसाब से जो भूमिका फिट बैठती है उसके मुताबिक वह कांग्रेस की सेवा करने की आशा रखते हैं।

उल्लेखनीय है कि गोगोई के पिता तरुण गोगोई मई, 2001 से 2016 तक तीन कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री रहे। उनका पिछले साल नवंबर में निधन हो गया।

गौरव गोगोई ने कहा कि उनके पिता के जाने से जो शून्य पैदा हुआ है उसे कोई नहीं भर सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके (तरूण गोगोई) विवेक और अनुभव की हम बहुत कमी महसूस करते हैं। वह पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में प्रस्ताव दिया कि असम विधानसभा चुनाव में एआईयूडीएफ और समान विचारधारा वाले दूसरे दलों के साथ गठबंधन करना चाहिए। ‘महाजोत’ की अवधारणा को पहले उन्होंने आगे बढ़ाया था।’’

अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख के बारे में पूछे जाने पर गोगोई ने कहा कि इस मुद्दे पर असम समझौते के तहत कांग्रेस की स्पष्ट रूप से परिभाषित नीति है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस संदर्भ में असम समझौते के महत्व और मूल्य को वापस लाएंगे कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं है।’’

सीएए जुड़े सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि असम में उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर सीएए को प्रदेश में लागू करने नहीं दिया जाएगा और राज्य सरकार को उच्चतम न्यायालय में इससे जुड़े मामले में पक्षकार बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एनआरसी से बाहर रह गए कई भारतीय नागरिकों के मामले में ‘फॉरेन ट्रिब्यूनल’ में चल रहे हैं और कांग्रेस की सरकार बनने पर पूरी प्रक्रिया को तेज किया जाएगा तथा उन सभी लोगों को एनआरसी में शामिल किया जाएगा जो असल में भारतीय नागरिक हैं।

Assam
Congress
Gaurav Gogoi
CAA

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License