NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम में दूसरे चरण के चुनाव में पांच मंत्री, उपाध्यक्ष चुनावी मैदान में
इस चरण में 26 महिलाओं समेत 345 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिसके लिए बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक वोट डाले जायेंगे।
भाषा
31 Mar 2021
BJP

गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बृहस्पतिवार को 39 सीटों पर होने जा रहे मतदान में पांच मंत्रियों, (विधानसभा) उपाध्यक्ष और कुछ अहम विपक्षी नेताओं के राजनीतिक तकदीर का फैसला होगा।

इस चरण में 26 महिलाओं समेत 345 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिसके लिए बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक कड़ी सुरक्षा एवं कोविड-19 के दिशानिर्देशों के कड़े अनुपालन के बीच वोट डाले जायेंगे।

इस चरण में सत्तारूढ़ भाजपा 34 सीटों पर ताल ठोक रही है जबकि उसकी सहयोगी पार्टियां असम गण परिषद(अगप) एवं यूनाईटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) क्रमश: छह और तीन सीटों पर जोर-आजमाइश कर रही हैं।

हालांकि पाठरकांडी और अल्गापुर में भाजपा और अगप के बीच दोस्ताना मुकाबला है। माजबात और कलैगांव में भी भाजपा और यूपीपीएल के बीच दोस्ताना संघर्ष है।

महागठबंधन से जुड़ी कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि एआईयूडीएफ सात एवं बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) चार सीटों पर विरोधी दलों से दो दो हाथ करेंगी। नवगठित असम जातिया परिषद (एजेपी) 19 सीटों पर चुनाव मैदान में है।

इस चरण में 25 सीटों पर राजग और महागठबंधन में सीधा मुकाबला है जबकि बाकी सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है।

भाजपा मंत्री परिमल सुक्लावैद्य का धोलाई में कांग्रेस प्रत्याशी कामाख्या प्रसाद माला से सीधा मुकाबला है। भाजपा के विधानसभा उपाध्यक्ष अमीनुल हक लस्कर का सोनाई में एआईयूडीएफ के करमी उद्दीन बारभूइंया से सीधी टक्कर है।

मंत्री पीजूष हजारिका का जागीरोड सीट (अनुसूचित जाति आरक्षित) पर कांग्रेस के स्वप्न कुमार मंडल और एजेपी के बुबुल दास के साथ त्रिकोणीय संघर्ष है। उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी भाबेश कलिता का रंगिया निर्वाचन क्षेत्र में एजेपी के बाबुल शहरिया से सीधी टक्कर होगी।

 

BJP
Assam Elections

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License