NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान में ताज़ा संघर्षों में कम से कम 20 नागरिक मारे गए
हाल ही में लश्करगाह में हुए हिंसक झड़पों में क़रीब 20 नागरिक मारे गए थे और हवाई हमलों में हेल्थ क्लिनिक और स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए थे।
पीपल्स डिस्पैच
09 Aug 2021
अफ़ग़ानिस्तान में ताज़ा संघर्षों में कम से कम 20 नागरिक मारे गए

8 अगस्त को अफगान सैनिकों और तालिबान के बीच ताजा लड़ाई में करीब 20 नागरिक मारे गए। इन हताहतों में महिलाएं और नाबालिग हैं जिन्होंने लश्करगाह में हुई क्रॉस फायर, रॉकेट हमलों और हवाई हमलों में अपनी जान गंवाई।

अफगान सैनिकों के अनुसार इस क्षेत्र में तालिबान की उपस्थिति ने हमला करने को मजबूर किया जिसके परिणामस्वरूप लश्करगाह में शहीद अनवर खान हाई स्कूल और एक हेल्थ क्लिनिक को नुकसान पहुंचा। लश्करगाह जिले में हिंसक झड़पें पिछले दस दिनों से हो रही हैं।

कुंदुज प्रांत में भी ये लड़ाई तेज हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कुंदुज शहर, सर-ए-पोल और तालोकान में हुई भीषण गोलीबारी के बाद शनिवार को कम से कम 14 शवों (महिलाओं और बच्चों) 30 घायलों को अस्पताल ले जाया गया। उत्तरी अफगानिस्तान में तीन प्रांतीय राजधानियों पर 8 अगस्त को विद्रोही तालिबानों ने कब्जा कर लिया।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, अशरफ गनी के नेतृत्व वाली अफगान सरकार इंट्रा-अफगान शांति वार्ता में देरी के बीच सशस्त्र समूहों का सामना करने के लिए संघर्ष कर रही है जो देश में नए युद्ध के मोर्चे खोल रही।

7 अगस्त को तालिबान ने एक बयान में एक हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली जिसमें अफगान सेना के पायलट हमीदुल्ला अज़ीमी की मौत हो गई। पायलट कथित तौर पर अपने वाहन लगे एक बम विस्फोट में मारे गए थे। वे पिछले चार वर्षों से अफगान सैनिकों की सेवा में थे और उन्हें यूएच-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर चलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था।

गत जुलाई महीने में, यूनाइटेड नेशन्स असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) ने कहा था कि मई में शुरू हुई अमेरिकी सेना की वापसी के बाद नागरिक हताहतों की संख्या में तीव्र वृद्धि हुई थी। रिपोर्ट में अफगानिस्तान प्रोटेक्शन ऑफ सिविलियन इन आर्म्ड कन्फ्लिक्ट मीडईयर अपडेट 2021 द्वारा तैयार दस्तावेज में कम से कम 5,183 नागरिक हताहतों का आंकड़ा दिया गया है।

Afghanistan
TALIBAN

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License