NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दक्षिणी यमन में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में क़रीब तीन लोगों की मौत, कई अन्य घायल
दक्षिणी यमन सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैनिकों के नियंत्रण में है जो 2015 से हौथी नियंत्रित उत्तरी यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़े हुए है।
पीपल्स डिस्पैच
16 Sep 2021
दक्षिणी यमन में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में क़रीब तीन लोगों की मौत, कई अन्य घायल

दक्षिणी यमन के विभिन्न शहरों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी बुधवार 15 सितंबर को बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ सड़कों पर उतरे और बुनियादी सार्वजनिक सुविधाओं की मांग की जो छह साल के लंबे युद्ध और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के सदस्यों के बीच अंदरूनी कलह के कारण बाधित हो गए थे।

बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। एक प्रदर्शनकारी की अदन में और एक की पड़ोस के हदरामउत के मुकल्ला में मौत हो गई। अदन में मंगलवार रात एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। अन्य सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

रविवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। हजारो लोग सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के नियंत्रण वाले अदन, हदरामौत, शबवा और अबयान प्रांतों सहित दक्षिणी यमन के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतर आए। लोगों की शिकायत है कि सरकार सार्वजनिक सेवाओं को कायम रखने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में विफल रही है जिसके कारण इस क्षेत्र में गरीबी बढ़ गई है।

साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) ने अब्द रब्बू मंसूर हादी सरकार के कब्जे के खिलाफ भविष्य में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। एसटीसी उत्तर से कार्रवाई की समाप्ति की मांग करता है और हौथियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का भी एक हिस्सा है। हौथी का राजधानी सना सहित देश के उत्तरी हिस्से पर नियंत्रिण है।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के सहयोगी अपदस्थ राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर अल-हादी का समर्थन कर रहे हैं जो 2015 में देश छोड़कर भाग गए थे और अब रियाद में रह रहे हैं। इस गठबंधन के सहयोगी आपस में लड़ते रहे हैं। एसटीसी ने पिछले साल अदन पर नियंत्रण कर लिया था और सउदी द्वारा की गई मध्यस्थता के एक समझौते के बाद ही हादी के नेतृत्व वाली सरकार को अदन से संचालित करने की अनुमति दी गई थी। बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों लोगों ने माशिक राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया था जहां से हादी सरकार संचालित होता है।

इस क्षेत्र में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के गठबंधन सहयोगियों के बीच लगातार लड़ाई के कारण भोजन और दवा की आपूर्ति बाधित हुई है। कई आर्थिक गतिविधियों के बंद होने से दक्षिणी क्षेत्र में अर्थव्यवस्था भी बाधित हुई है जिससे बेरोजगारी और मुद्रास्फीति बढ़ रही है। COVID-19 के प्रकोप ने भी स्थिति को और खराब कर दिया है।

Southern Yemen
Yemen protest
Southern Transitional Council

Related Stories


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष का सवाल !
    17 Jan 2022
    न्यूज़चक्र में अभिसार बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के चुनाव आयोग पर किए गए सवालों और धर्म संसद के मामले में हुई गिरफ़्तारी की
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    यति नरसिंहानंद न्यायिक हिरासत में, उत्तराखंड बीजेपी में खलबली और अन्य ख़बरें
    17 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हरिद्वार धर्म संसद मामला, उत्तराखंड बीजेपी में चल रही हलचल और अन्य ख़बरों पर
  • poisonous liquor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः पूर्ण शराबबंदी के बावजूद ज़हरीली शराब से जा रही लोगों की जानें
    17 Jan 2022
    "ज़हरीली शराब से हुई मौतों के प्रति सरकार व प्रशासन का रवैया असंवेदनशील व ग़ैर ज़िम्मेदाराना है। सत्ता के संरक्षण व पुलिस तंत्र के सहयोग से ज़िला में शराब का ग़ैरक़ानूनी तंत्र चल रहा है।"
  • akhilesh
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव:  बीजेपी को नहीं पचा अखिलेश का ‘अन्न संकल्प’
    17 Jan 2022
    सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों के वोट साधने के लिए अन्न संकल्प लिया है, और किसानों से कई वादे किए हैं। जिसके बाद बीजेपी भी अखिलेश यादव पर हमलावर हो गई।
  • Scenes from the Kashmir press club
    अनीस ज़रगर
    कश्मीर प्रेस क्लब पर जबरन क़ब्ज़े पर पत्रकारों की संस्थाओं ने जताई नाराज़गी और हैरानी
    17 Jan 2022
    केपीसी में “राज्य समर्थित” तख़्तापलट पर पत्रकारों द्वारा बड़े पैमाने पर आक्रोश जताया जा रहा है। इसे जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और स्वतंत्र पत्रकारिता के दमन को तेज करने के लिए उठाया गया क़दम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License