NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
खेती के ढांचे को तीन-चार पूंजीपतियों के हाथ सौंपने की कोशिश : राहुल
राहुल ने कहा, ‘‘ये कानून सिर्फ़ किसानों पर हमला नहीं हैं, बल्कि मध्यम वर्ग और युवाओं पर हमला हैं। युवाओं से कहना चाहता हूं कि आपकी आज़ादी छीनी जा रही है।’’
भाषा
19 Jan 2021
Rahul

नयी दिल्ली:  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर मंगलवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि इन कानूनों से कृषि क्षेत्र पर तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार हो जाएगा और खेती की पूरी व्यवस्था आज़ादी से पहले की हालत में चली जाएगी।

तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वह ‘देशभक्त’ और ‘साफ-सुधरे’ व्यक्ति हैं तथा वे देश की रक्षा के लिए मुद्दे उठाते रहेंगे।

राहुल गांधी ने ‘किसानों की पीड़ा’ पर ‘खेती का खून’ शीर्षक से एक पुस्तिका भी जारी की।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश में एक त्रासदी पैदा हो रही है। सरकार इस त्रासदी को नजरअंदाज करना चाहती है और लोगों को गुमराह करना चाहती है। किसानों का संकट इस त्रासदी का एक हिस्सा मात्र है।’’

कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘हवाई अड्डों, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, दूरसंचार, रिटेल और दूसरे क्षेत्र में हम देख रहे हैं कि बड़े पैमाने पर एकाधिकार स्थापित हो गया है। तीन-चार पूंजीपतियों का एकाधिकार है। ये तीन-चार लोग ही प्रधानमंत्री के करीबी हैं और उनकी मदद करते हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र अब तक एकाधिकार से अछूता था, लेकिन अब इसे भी निशाना बनाया जा रहा है और ये तीनों कानूनों इसीलिए लाए गए हैं।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ‘‘ इससे पहले खेती में एकाधिकार नहीं था। इसका फायदा किसानों, मजदूरों, गरीबों और मध्यम वर्ग को मिलता था। खेती का पूरा ढांचा था जो इनकी रक्षा करता था। इसमें मंडियां, कानूनी व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा शामिल थे। अब फिर इस पूरे ढांचे को आज़ादी से पहले वाली स्थिति की तरफ ले जाने की कोशिश हो रही है।’’

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘नतीजा यह होगा कि तीन-चार लोग पूरे देश के मालिक बन जाएंगे। किसानों को उनकी उपज की वाजिब कीमत नहीं मिलेगी। बाद में मध्यम वर्ग को इसकी वो कीमत अदा करनी होगी, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये कानून सिर्फ किसानों पर हमला नहीं हैं, बल्कि मध्यम वर्ग और युवाओं पर हमला हैं। युवाओं से कहना चाहता हूं कि आपकी आज़ादी छीनी जा रही है।’’

कांग्रेस नेता के मुताबिक, ‘‘पंजाब और हरियाणा के किसान इस देश के रक्षक हैं। वे कृषि क्षेत्र को कुछ लोगों के हाथ में जाने से रोकने के लिए लड़ रहे हैं। सभी को इनका साथ देना चाहिए। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को लगता है कि किसानों को थकाया जा सकता है और उनको बेवकूफ बनाया जा सकता है। किसान प्रधानमंत्री से ज्यादा होशियार हैं। समाधान एक ही होगा कि तीनों कानूनों को वापस लेना होगा।’’

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के हमले पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘‘भट्टा परसौल में नड्डा जी कहां थे? किसानों का कर्ज माफ करने की बात आई तो कांग्रेस खड़ी थी। भूमि अधिग्रहण कानून कांग्रेस लेकर आई। उस वक्त नड्डा जी कहां थे? नड्डा जी कोई हिंदुस्तान के प्रोफेसर हैं कि उनकी हर बात का जवाब दूं। मैं हिंदुस्तान के लोगों और किसानों की बात का जवाब दूंगा।’’

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘मैं साफ-सुथरा आदमी हैं। मैं नरेंद्र मोदी या किसी से नहीं डरता। ये मुझे छू नहीं सकते। हां, गोली मार सकते हैं। मैं देशभक्त हूं और देश की रक्षा करता हूं। आगे भी करता रहूंगा। पूरा देश एकतरफ होगा तो भी मैं अकेला खड़ा रहूंगा। मुझे फर्क नहीं पड़ता।’

Rahul Gandhi
Farm Bills
Congress
BJP
Rahul Press Conference
Narendra modi
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License