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ऑस्ट्रेलियाः हिरासत में चौथी मौत के बाद आदिवासी अधिकार समूह ने चिंता जताई
आदिवासी अधिकारों के पैरोकारों ने हाल में हुए हिरासत में मौतों को लेकर निंदा की है। ये घटना इस बात का संकेत है कि देश के कानून प्रवर्तन में "कुछ बड़ी नाइंसाफी है"।
पीपल्स डिस्पैच
25 Mar 2021
ऑस्ट्रेलियाः हिरासत में चौथी मौत के बाद आदिवासी अधिकार समूह ने चिंता जताई

ऑस्ट्रेलियाई प्रांत न्यू साउथ वेल्स में हिरासत में मौत के नए मामले सामने आने के बाद आदिवासी अधिकार समूहों और आपराधिक न्याय सुधारों की मांग तेज हो गई है। गुरुवार 25 मार्च को आदिवासी कानूनी सेवा (एएलएस) के न्यू साउथ वेल्स और ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र शाखा ने 37 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति एंज़ाक सुलिवन की मृत्यु की पुष्टि की।

एएलएस द्वारा जारी बयान के अनुसार न्यू साउथ वेल्स के बरकिंडजी ट्राइब से संबंध रखने वाले सुलिवन को 18 मार्च को पुलिस के पीछा करने के दौरान एनएसडब्ल्यू के ब्रोकन हिल शहर में मार दिया गया था। इस महीने की शुरुआत में आस्ट्रेलियाई आदिवासी अन्य तीन लोगों की हिरासत में मौत का मामला सामने आने के बाद ये मामला सामने आया।

सुलिवन से पहले मरने वाले तीनों व्यक्तियों की मौत जेल में रहते हुए हो गई। करीब तीस वर्षीय एक पुरुष और पचास वर्षीय एक महिला की मौत की सूचना इस महीने की शुरुआत में संसद में उस समय सामने आई थी जब कॉरेक्टिव सर्विस एनएसडब्ल्यू के कमीशनर पीटर सेवेरिन से 9मार्च को बजट की सुनवाई के दौरान सवाल पूछा गया था।

सेवेरिन ने स्वीकार किया कि अधिकारियों ने इन मौतों को सार्वजनिक करना इसलिए नहीं चाहा कि कथित तौर पर यह "बहुत अधिक क्रोध, बहुत अधिक चिंता और बहुत दुःख का कारण नहीं है।" दूसरी ओर एएलएस जो कि इस मौत के बारे में जानकारी देने वाला एकमात्र गैर-सरकारी संस्था था वह अधिक पारदर्शिता और इन मौतों की उचित जांच का आह्वान करता रहा है।

एनएसडब्ल्यू में दो मौतों के कुछ ही दिनों बाद विक्टोरिया की राज्य सरकार ने 11 मार्च को तीसरे मामले की घोषणा की। एएलएस ने जेल व्यवस्था और कानून प्रवर्तन में पारदर्शिता और तत्काल सुधारों के लिए अपनी मांग को दोहराई। सुलिवन की मौत की खबर के बाद एएलएस ने एक बार फिर इस मांग को दोहराया है।

इस संगठन के अनुसार अप्रैल 1991 में हिरासत में आदिवासी लोगों की मौत को लेकर रॉयल कमीशन की रिपोर्ट में सिफारिश किए किए 339 सुधारों को आपराधिक न्याय प्रणाली इनमें से अधिकांश सुधारों को लागू करने में विफल रही है। एएलएस ने आदिवासी आस्ट्रेलियाई लोगों की हिरासत में 500 से अधिक मौतों का दस्तावेज तैयार भी किया है। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए एएलएस ने सरकार से तत्काल स्वतंत्र जांच शुरू करने की भी मांग की है।

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