NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अयोध्या विवाद: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सभी से संयम और सौहार्द की अपील
अभी आरएसएस ने भी सभी से अदालत का फ़ैसला खुले दिल से मानने की अपील की थी। हालांकि उसका ये रुख चौंकाने वाला रहा...
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Nov 2019
Ayodhya issue

आरएसएस के बाद अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने भी अयोध्या मसले पर आने वाले फ़ैसले को लेकर सभी से संयम और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

लखनऊ में बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने अयोध्या मसले पर उच्चतम न्यायालय का फैसला जल्द आने की सम्भावना के मद्देनजर तमाम मस्जिदों के इमामों से अपील की है कि वे मुसलमानों को मुल्क के संविधान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा करने और साम्प्रदायिक भाईचारे पर आंच न आने देने की हिदायत दें।

मौलाना खालिद ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, ''जैसा मीडिया की रिपोर्टों से इस बात का अंदाजा लग रहा है कि अयोध्या मसले पर उच्चतम न्यायालय का अंतिम फैसला जल्द ही आने वाला है। आप तमाम लोग इससे बखूबी वाकिफ हैं कि अयोध्या का यह मसला आजाद हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा और संवेदनशील मसला है, जिस पर न सिर्फ पूरे मुल्क की बल्कि अंतरर्राष्ट्रीय समुदाय की भी निगाहें लगी हुई हैं। लिहाजा हर नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि अदालत का जो भी फैसला आये उसका सम्मान करे और हर हाल में अमन कायम रखे।''

उन्होंने कहा, ''मेरी तमाम मस्जिदों के जिम्मेदारों और इमामों से अपील है कि जुमे की नमाज से पहले अपने खुतबों और तकरीरों में अवाम से इस सिलसिले में अपील करें कि मुसलमानों को खौफजदा होने या डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे मुल्क के संविधान और न्यायपालिका पर पूरी तरीके से विश्वास करें और जो भी फैसला आये, उसका हम एहतराम करें।''

जामा मस्जिद ईदगाह के शाही इमाम मौलाना खालिद ने कहा कि मस्जिदों के इमाम अपनी तकरीरों में मुसलमानों से यह भी अपील करें कि वे फैसला आने के बाद न किसी किस्म का जश्न मनाएं, न नारेबाजी करें और न ही कोई विरोध—प्रदर्शन करें। साथ ही किसी के मजहबी जज्बात को ठेस पहुंचाने वाली कोई बात करें। साथ ही अपने मुल्क की कौमी एकता, गंगा—जमनी तहजीब और साम्प्रदायिक सौहार्द पर कोई भी आंच न आने दें।

मालूम हो कि उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मसले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और माना जा रहा है कि 17 नवम्बर को वर्तमान प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से पहले ही फैसला सुना दिया जाएगा।

आरएसएस ने भी की थी अपील

आपको बता दें कि इससे पहले बुधवार, 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी इसी तरह की अपील की थी। हालांकि उसका ये रुख चौंकाने वाला रहा, क्योंकि मुस्लिम पक्ष शुरू से अदालत का फ़ैसला मानने की बात करता रहा है, लेकिन आरएसएस व अन्य हिन्दूवादी संगठन इसे आस्था का मसला बताते हुए कोर्ट से अपने पक्ष में फ़ैसला न आने की स्थिति में संसद से कानून बनाने की बात करते रहे हैं।

आरएसएस ने बुधवार को अपने एक आधिकारिक ट्वीट में कहा- अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। आरएसएस ने कहा कि फैसला कुछ भी हो, लेकिन देश में सौहार्द कायम रखना सभी की जिम्मेदारी है। आरएसएस ने अयोध्या विवाद पर अदालत के फैसले के बाद बनने वाले हालात पर चर्चा के लिए, दिल्ली में अपने प्रचारकों की 2 दिवसीय बैठक भी बुलाई।

pic.twitter.com/wlRwaG1MNM

— RSS (@RSSorg) October 30, 2019

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Ayodhya Dispute
Ayodhya Case
Babri Masjid-Ram Mandir
Muslim Personal Law Board
RSS
hindu-muslim

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

बनारस में ये हैं इंसानियत की भाषा सिखाने वाले मज़हबी मरकज़

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप


बाकी खबरें

  • beedi worker
    सतीश भारतीय
    बीड़ी कारोबार शरीर को बर्बाद कर देता है, मगर सवाल यह है बीड़ी मजदूर जाएं तो जाएं कहां?
    05 Feb 2022
    मध्यप्रदेश का सागर जिला जिसे बीड़ी उद्योग का घर कहा जाता है, वहां बीड़ी कारोबार नशा से बढ़कर गरीब आवाम की रोजी-रोटी का सहारा है। उन्हें बीड़ी कारोबार से बाहर निकालकर गरिमा पूर्ण जीवन मुहैया करवाने के…
  • handloom
    मोहम्मद ताहिर
    ग्राउंड रिपोर्ट : जिस ‘हैंडलूम और टेक्सटाइल इंडस्ट्री' को PM ने कहा- प्राइड, वो है बंद होने की कगार पर
    05 Feb 2022
    देश के प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले हैंडलूम सेक्टर को मेरठ का ’प्राइड’ कहा था। न्यूज़क्लिक ने जब इस सेक्टर की पड़ताल की तो पता चला कि ये सेक्टर अपने सबसे ख़राब दिनों से गुजर रहा है। जिसकी…
  • up elections
    एस एन साहू 
    यूपी चुनाव: क्या पश्चिमी यूपी कर सकता है भाजपा का गणित ख़राब?
    05 Feb 2022
    पश्चिमी यूपी में 10 फरवरी, 2022 को होने वाला पहले चरण का चुनाव, शेष चरणों के लिए भी काफी महत्व रखता है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से, पश्चिमी यूपी में अधिकांश विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने वाला राजनीतिक…
  • up chunav
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: कांस्य युग में फंसा एक द्वीपनुमा गांव
    05 Feb 2022
    उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार चल रहा है, लेकिन ग्रामीणों को अभी तक उनके क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के बारे में पता तक नहीं चल पाया है। इसके पीछे की वजह है-बुनियादी सुविधाओं का अभाव। 21वीं…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1.28 लाख नए मामले, 1,059 मरीज़ों की मौत
    05 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,27,952 नए मामले सामने आए हैं | देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 20 लाख 80 हज़ार 664 हो गयी है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License