NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
आज़मगढ़ : यूपी पुलिस ने सीएए का विरोध कर रही महिलाओं पर किया लाठीचार्ज
सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध करने को लेकर पुलिस ने महिलाओं समेत 36 लोगों के ख़िलाफ़ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है।
रिज़वाना तबस्सुम
06 Feb 2020
Azamgarh

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी)  के ख़िलाफ़ विरोध करने की वजह से महिलाओं को पुलिस की बर्बर कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने ज़िले के जौहर पार्क में विरोध कर रही महिलाओं पर मंगलवार को लाठीचार्ज और पथराव किया है। इतना ही नहीं सुबह तक पुलिस ने ना सिर्फ़ पार्क खाली करवा दिए बल्कि उसमें पानी भी भरवा दिया है। ख़बर लिखे जाने तक वहाँ पर पीएससी तैनात है, एरिया छावनी में तब्दील हो गया है। आपको बता दें कि जौहर पार्क में मंगलवार सुबह 11 बजे के क़रीब कुछ महिलाएं सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने जमा हुई थीं। रात तक उनकी उनकी संख्या क़रीब चार सौ के पार हो गई।

धरने में शामिल 32 साल की ज़ुबैदा बानो (बदला हुआ नाम) बताती हैं, "कल से ही यहाँ के बिलरियागंज के मौलाना जौहर अली पार्क में कुछ महिलाएं नागरिक संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ धरने पर बैठ कर लोकतांत्रिक तरीक़े से अपना विरोध दर्ज करा रही थीं। शांतिपूर्ण धरना चल रहा था। आधी रात में तीन बस पुलिस आती है और पुलिस पूरे पार्क को घेरकर वहां मौजूद लोगों (पुरुषों को) को खदेड़ देती है।" इतना कहते-कहते ज़ुबैदा रोने लग जाती हैं। अपने आँसू पोछते हुए वह कहती हैं, "पार्क में सिर्फ़ महिलाएं बची रह जाती हैं। फिर महिलाओं को भी वहां से जाने को कहा जाता है पर महिलाएं संविधान और लोकतंत्र की बात कहती हैं। बस, इसके बाद पुलिस आग बबूला हो जाती है।"

यहाँ के एक अन्य शख़्स नाम ना बताने की शर्त पर बताते हैं (वीडियो भी देते हैं), "रात को महिलाओं के पास ना तो कंबल था ना तो बिजली की व्यवस्था थी, पुलिस वाले सभी पुरुषों को वहाँ से भगा रहे थे किसी को भी महिलाओं से मिलने नहीं दिया जा रहा था। कुछ पुरुष जो महिलाओं की मदद करना चाह रहे थे, उन्हें ना तो वहाँ जाने दिया गया और ना ही मिलने दिया गया।"

धरने में शामिल क़रीब 40 साल की महिला बताती हैं, "जिस पार्क में बैठकर हम लोग प्रोटेस्ट कर रहे थे उसे चारों तरफ़ से पुलिस ने घेर लिया था। हम सब रात को ऐसे ही बैठे थे, हम लड़ाई करने नहीं गए थे, हम तो बस अपनी बात कहना चाहते थे लेकिन हमारी बात ना सुनकर हम पर लाठीचार्ज किया गया।"

उस समय वहाँ मौजूद साबिया ख़ातून (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि, "ऐसा लगता है कि पुलिस हम सभी को मारने के लिए ही आई थी, जैसे ही हम पुलिस से अपनी बात कहते हैं पुलिस बर्बरता पर उतारू होकर लाठी चार्ज करने लगती है। पुलिस यहाँ आँसू गैस भी छोड़ती है।" साबिया कहती हैं कि इतना सबकुछ करने के बाद भी पुलिस रुकी नहीं। साबिया यह भी बताती हैं कि, पुलिस की लाठीचार्ज में कई महिलाओं को चोट लगी है। इसमें सरवरी नाम की एक महिला को गंभीर चोट लगी है और उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है।

आजमगढ़ -1_0.jpg

सरवरी गंभीर रूप से घायल हैं। वो ज़िले के दानिश अस्पताल में भर्ती हैं, उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोट लगी है। सरवरी के पुत्र बिलाल अपनी माँ को लेकर अस्पताल में हैं। बिलाल बताते हैं, "सुबह क़रीब चार बजे के आसपास अम्मी को चोट लगी है, पहले तो उनके सिर में छह टांके लगा उसके बाद उन्हें आईसीयू में एडमिट कर दिया गया। इस समय उनका ऑपरेशन चल रहा है।"

यहाँ के एक 25 साल के एक युवक नाम ना बताने की शर्त पर बताते हैं, "पुलिस ने ना केवल यहाँ पर महिलाओं पर लाठीचार्ज किया है बल्कि लोगों के घरों में भी घुस गई। घरों में घुस-घुसकर जो भी मिला पुलिस उसको पकड़ ले गयी, जिनको भी पुलिस पकड़कर ले गयी है उनके मोबाइल स्विच ऑफ़ हो गए हैं, अभी तक उनका परिवार से कोई कॉन्टेक्ट ही नहीं हो पा रहा है। आज़मगढ़ पुलिस ने 18 लोगों को नामज़द करके लिस्ट जारी की है। ख़बर लिखे जाने तक ज़िले की पुलिस लाइन का घेराव चल रहा है। पुलिस ने मुन्नी बानो नाम की महिला को बिना अनुमति धरने की अगुवाई करने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है।"

आज़मगढ़ ज़िले के सिविल कोर्ट के वकील विनोद बताते हैं, "सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध करने को लेकर पुलिस ने महिलाओं समेत 36 लोगों के ख़िलाफ़ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मु0अ0सं0-14/20 धारा 147/148/149/124ए/153/504/505/506/ 188/332/333/336/186/353/307/120 बी भादवि व 2/3 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम व 7 सीएलए एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज की है। जिसमें ताहिर मदनी पुत्र मो0 सगीर हसन, समीम अहमद पुत्र शमसाद अहमद, शादाब पुत्र गुफ़रान, अरकम पुत्र मुलतज, अबुशाद पुत्र मक़सूद अहमद, ज़ियाउर्रहमान पुत्र हिफ़सू रहमान, ख़ान रय्यान पुत्र खान सहदाब, अजमैन उर्फ महबूब पुत्र हकीमुद्दीन, बेलाल अहमद पुत्र अजीमुल्ला, युसूफ पुत्र राशिद, आमीर पुत्र नशीम अहमद, सलमान पुत्र जुल्फेकार अहमद, आरिफ पुत्र बख्तेनसर, अबु तलहा पुत्र मो0 तौकीर, अब्दुल्ला पुत्र शाह आलम, तहजीब अहमद उर्फ वकील पुत्र तौहाब अहमद, रहीम पुत्र अमानुलहक निवासीगण, हकीब पुत्र अबुल जैश, सहाब पुत्र शादाब आलम को गिरफ़्तार किया गया है।"

आज़मगढ़ ज़िले की इस स्थिति के बारे में जब ज़िले के ज़िलाधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो पहले तो उन्होंने बात सुन ली उसके बाद वो ऐसे बोल रहे थे जैसे कि उन्हें सुनाई ही ना दे रहा हो। हो सकता है ज़िलाधिकारी ना सुन पाएँ हों, लेकिन जब उनसे दोबारा बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रीसीव नहीं किया। ज़िले के एसएसपी से भी बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया।

UttarPradesh
Azamgarh
CAA
NRC
Protest against CAA
Police lathicharge on Women
Yogi Adityanath
yogi sarkar
NRC-CAA-NPR
Amit Shah
Narendra modi

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

अनुदेशकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों? 17 हज़ार तनख़्वाह, मिलते हैं सिर्फ़ 7000...


बाकी खबरें

  • tikoniya
    लाल बहादुर सिंह
    मोदी भारी राजनीतिक कीमत चुका कर ही अब अजय मिश्रा टेनी को मंत्री बनाये रख सकते हैं
    12 Oct 2021
    आज अंतिम अरदास के मौके पर पूरा देश लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दे रहा है तथा घटनास्थल तिकोनिया में पूरे देश से आये किसानों का विराट संगम हो रहा है।
  • New Service Rules in Jammu and Kashmir
    डॉ राधा कुमार
    ज़ुल्म के दरवाज़े खोलते जम्मू-कश्मीर के नये सेवा नियम
    12 Oct 2021
    बर्ख़ास्त किये गये ज़्यादातर लोगों के ख़िलाफ़ जो आरोप क़ायम किये गये हैं, वे गंभीर हैं, लेकिन चूंकि आम लोगों के सामने इसे लेकर कोई सबूत नहीं रखा गया है, इसलिए यह साफ़ नहीं है कि इन आरोपों में दम है…
  • facebook
    प्रबीर पुरकायस्थ
    एक व्हिसलब्लोअर की जुबानी: फेसबुक का एल्गोरिद्म कैसे नफ़रती और ज़हरीली सामग्री को बढ़ावा देता है
    12 Oct 2021
    बेशक, यह सवाल पूछा जा सकता है कि जब फेसबुक के सिलसिले में ये सभी सवाल पहले भी उठाए जाते रहे हैं, तो इसमें नया क्या है। इस सब में बड़ी खबर यह है कि अब हमारे पास इसके सबूत हैं कि फेसबुक को इसकी पूरी…
  • Fb
    सोनाली कोल्हटकर
    समझिए कैसे फ़ेसबुक का मुनाफ़ा झूठ और नफ़रत पर आधारित है
    12 Oct 2021
    फ़ेसबुक की पूर्व कर्मचारी फ़्रांसेस हौगेन द्वारा किए गए खुलासों से पता चलता है कि दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अच्छी तरह जानता है कि उसके प्लेटफॉर्म का समाज पर किस तरह नकारात्मक प्रभाव…
  • attack on dalit
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, तमिलनाडु में चाकू से हमला कर ली जान
    12 Oct 2021
    दलित समाज के लोगों पर हमलों की घटना लगातार सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां राजस्थान के हुनुमानगढ़ जिले में दलित युवक जगदीश की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वहीं तमिलनाडु के तंजावुर में दलित युवक प्रभाकरण की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License