NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बीसीआई ने खोसला को दोषी ठहराने के ख़िलाफ़ जारी वकीलों की हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया
बीसीआई ने कहा कि यह कानून के तहत प्रदत्त वैध तरीका नहीं है। एक निचली अदालत ने 1994 में एक महिला वकील के साथ मारपीट करने के मामले में 29 अक्टूबर को खोसला को दोषी ठहराया था। सजा पर बहस 15 नवंबर को होगी।
भाषा
09 Nov 2021
BCI
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

नयी दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) को मंगलवार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिला अदालत के वकील दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला को एक महिला वकील से मारपीट के मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ हड़ताल वापस लें।
         
बीसीआई ने कहा कि यह कानून के तहत प्रदत्त वैध तरीका नहीं है। एक निचली अदालत ने 1994 में एक महिला वकील के साथ मारपीट करने के मामले में 29 अक्टूबर को खोसला को दोषी ठहराया था। सजा पर बहस 15 नवंबर को होगी।
         
न्यायाधीश ने कहा था कि पीड़िता ने आरोप लगाया कि खोसला ने उसे बालों और बाजू से खींचा और धमकी दी कि वह दिल्ली की तीस हजारी अदालत में वकालत नहीं कर पाएगी। अदालत ने इन आरोपों को ‘‘पूर्णतय: सही और विश्वसनीय’’ करार दिया।
         
इसकी पृष्ठभूमि में ‘ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली’ की समन्वय समिति के सदस्यों ने जिला अदालत में मंगलवार को काम से पूरी तरह दूर रहने का संकल्प लिया।

समिति ने सोमवार को एक बैठक में संकल्प लिया था कि यदि दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ बैठक के बाद भी मामले का समाधान नहीं निकलता है, तो वे न्यायिक अधिकारी की अदालत का अनिश्चितकाल के लिए पूर्ण बहिष्कार करेंगे।

बीसीआई ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हड़ताल से किसी भी समस्या का समाधान नहीं होगा और वकीलों से अपेक्षा की जाती है कि वे विरोध प्रदर्शन के माध्यम से नहीं, बल्कि फैसले के खिलाफ अपील दायर करने और कानून के तहत उपलब्ध अन्य सभी उपायों का लाभ उठाने के लिए खोसला को सहायता प्रदान करें।
         
बीसीआई ने बीसीडी अध्यक्ष और सचिव को संबोधित पत्र में कहा, ‘‘योजना के अनुसार कोई भी अभिवेदन सौंपा जा सकता है। कोई भी कानूनी सहारा लिया जा सकता है, लेकिन न्यायिक और अदालती कार्यों में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।’’
         
उसने कहा, ‘‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली बार काउंसिल और कानूनी बिरादरी के संबंधित सदस्यों के ध्यान में लाना चाहती है कि जो तरीका अपनाया जा रहा है, वह उचित नहीं है और न ही कानून के तहत उपलब्ध कानूनी तरीका नहीं है।’’
         
काउंसिल ने यह भी कहा कि बार के सभी सदस्यों से एक दिन के लिए न्यायिक कार्य से दूर रहने की अपील करना और उसके बाद अनिश्चित काल के लिए न्यायिक अधिकारी का बहिष्कार करने का संकल्प लेना वादी पक्षों और आम जनता के साथ-साथ न्यायपालिका को उचित नहीं लगेगा।
         
पत्र में कहा गया है कि इसे अन्य लोगों को न्याय दिलाने में मदद करने वाले और भारतीय नागरिकों के सबसे शक्तिशाली वर्ग द्वारा संकट और दबाव की रणनीति अपनाए जाने के तौर पर देखा जाएगा और इस कृत्य से न्याय, न्यायपालिका, कानून और वकीलों को सभी को गंभीर नुकसान होगा।
         
खोसला पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव के रूप में उन्होंने शिकायतकर्ता सुजाता कोहली से एक सम्मेलन में शामिल होने को कहा था, लेकिन उनके मना करने पर खोसला ने धमकी दी कि बार एसोसिएशन के तहत कोहली को मिलीं सभी सुविधाएं समाप्त कर दी जाएंगी। 
         
कोहली ने आरोप लगाया था कि इन संबंध में उनके मामले की दीवानी अदालत में सुनवाई से ठीक पहले खोसला ने 40-50 वकीलों के साथ उन्हें घेर लिया और उनके बाल खींचे, उन्हें खींचा, उनकी बाजू मोड़ दी, उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकी भी दी।
                 
उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता सुजाता कोहली दिल्ली न्यायपालिका में न्यायाधीश बनीं और पिछले साल जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुईं।

BCI
Rajiv Khosla

Related Stories

भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा नियमों में संशोधन के ख़िलाफ़ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

बीसीआई सीजेआई के साथ, एससीबीए ने टिप्पणी से किया इंकार

देशभर में वकील सड़कों पर उतरे, केंद्र पर वादाख़िलाफ़ी का आरोप


बाकी खबरें

  • up elections
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनावों को लेकर चूड़ी बनाने वालों में क्यों नहीं है उत्साह!
    22 Jan 2022
    कोविड-19 की तीन लहरें और उसके बाद के लॉकडाउन, डेंगू का प्रकोप, कच्चे माल और गैस की क़ीमतों में इज़ाफ़ा, कच्चे माल पर  GST के चलते फ़िरोज़ाबाद के पारंपरिक कांच उद्योग को भारी मंदी का सामना करना पड़ा…
  • Mumbai
    भाषा
    मुंबई में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 7 लोगों की मौत, 16 अन्य घायल
    22 Jan 2022
    ''18वीं मंजिल पर आग लगने के तुरंत बाद, निवासी अपने परिवार के सदस्यों के साथ बाहर की ओर भागने लगे। प्रत्येक मंजिल पर कम से कम छह फ्लैट हैं। आग ने 18वीं और 19वीं मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ…
  • LIC
    थॉमस फ्रंकों
    एलआइसी को बेचना क्यों परिवार की चांदी बेचने से भी बदतर है?
    22 Jan 2022
    एलआइसी की सीमित बिकवाली के वादे पहले भी किए और तोड़े जा चुके हैं। भारत को अपनी एकमात्र सामाजिक सुरक्षा के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए; ऐसा करना असंवैधानिक और लोगों के साथ अन्याय होगा।
  • Hum Bharat Ke Log
    मुकुल सरल
    हम भारत के लोग:  एक नई विचार श्रृंखला
    22 Jan 2022
    “हम भारत के लोग” हमारे संविधान की प्रस्तावना (preamble) का पहला ध्येय वाक्य है। जिसके आधार पर हमारे संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक, गणराज्य की स्थापना हुई है। इसी को…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज लगातार तीसरे दिन भी कोरोना के 3 लाख से ज़्यादा नए मामले
    22 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,37,704 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 89 लाख 3 हज़ार 731 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License