NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बीएचयू में छात्र फिर आंदोलनरत, कैंपस में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात
बीएचयू के सिंहद्वार को बंद कर गुरुवार देर रात से ही छात्र धरने पर बैठे हैं। छात्रों के समर्थन में कई फैकल्टी बंद है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Nov 2019
BHU

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी के गरमाया माहौल शुक्रवार को भी शांत नहीं हुआ है। लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास में रहने वाले छात्रों की बर्बरता पूर्वक पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई से नाराज छात्रों का धरना प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन सिंहद्वार पर धरना प्रदर्शन चल रहा है।

छात्रों से हुई बर्बरता पर पुलिस के खिलाफ धीरे धीरे अन्य हॉस्टलों के छात्र भी एकजुट हैं। सुबह से विभिन्न हॉस्टलों के छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में मार्च करते हुए नारेबाजी की। विवाद को देखते हुए मौके पर सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई है। हालांकि बीएचयू प्रशासन भी छात्रों से बातचीत कर धरना प्रदर्शन खत्‍म कराने की कोशिश कर रहा है, मगर पुलिस द्वारा हॉस्‍टल में घुसकर पीटे जाने के बाद से ही छात्र आक्रोशित हैं और जिम्‍मेदारों पर कार्रवाई को लेकर अडिग हैं। छात्रों ने विवि प्रशासन के सामने अपनी छह बिंदुओं की मांग रखी है।

छात्रों की मांग है कि -

1- कैंपस से पुलिस फोर्स तत्‍काल बाहर हो।

2- लाठी चार्ज के आरोपी पुलिस वालों को तत्‍काल चिह्नित करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए।

3- लाठीचार्ज की नै‍तिक जिम्‍मेदारी लेते हुए वाइस वांसलर और चीफ प्रॉक्‍टर का इस्‍तीफा।

4- कैंपस में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल की जाए।

5- छात्र, शिक्षक, कर्मचारी संघ बहाल किया जाए।

6- सीर चौकी इंचार्ज अमरेंद्र पांडेय की बर्खास्‍तगी।


प्रदर्शन में शामिल छात्र शुभम पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहते हैं, 'हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट होती है। इसके बाद एलबीएस छात्रावास और पं. बृजनाथ छात्रावास में पुलिस ने घुसकर कई छात्रों को जमकर पीटा और विरोध करने पर पूरा छात्रावास खाली करवाकर छात्रों को बाहर कर दिया गया। लाठीचार्ज में निर्दोष एवं दिव्यांग छात्रों को भी नहीं बख्शा गया जिसमें अनेक छात्र गंभीर घायल हो गए हैं। हॉस्‍टल से बेदखल करने के बाद छात्रों के सामने संकट आ गया कि वह अचानक अपने घर कैसे जाएं या कहां रहें इसकी कोई व्‍यवस्‍था नहीं है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ये समय सेमेस्टर परीक्षाओं का है और छात्र पठन-पाठन में लगे हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा संकट करियर को लेकर है।'

इसी तरह दूसरे छात्र गौरव कहते हैं, 'बीएचयू में जो भी हुआ है वह सोशल मीडिया के जरिये पूरे देश ने देखा है। लगभग तीन सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी छात्रावास में घुस जातें हैं और सोते, जगते, पढ़ते, दिव्यांग छात्र जो भी मिलता है बिना देखे डंडों से सर, पैर, पीठ पर बरसाना चालू कर देते हैं। भारत के एक शीर्ष केंद्रीय विश्वविद्यालय में बच्चों के मानव अधिकारों को ताक पर रख देना कहां का न्याय हैं।'
70666782_1581069378718466_8252531053672005632_n.jpg
वहीं, देर रात तक बीएचयू स्थित भाभा हास्टल के छात्र को पीटने के मामले में पीड़ित की तहरीर पर गुरुवार को लंका पुलिस ने तीन नामजद सहित 15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने कहा कि मामले में आनंद ठाकुर, आलोक सिंह यादव व गोपी सिंह व अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया है।

वहीं, एसपी (सिटी) दिनेश सिंह के अनुसार, पुलिस ने झड़पों में कथित संलिप्तता के लिए लगभग 15-16 लोगों को हिरासत में लिया है। आगे किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों सहित सुरक्षा बलों का भारी बंदोबस्त किया गया है। साथ ही लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास को भी खाली कराया गया है।

इस बीच, बीएचयू प्रशासन ने मामले में जांच शुरू कर दी है। जब न्यूज़क्लिक ने प्रशासन से बात करने की कोशिश की, तो यूनिवर्सिटी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

फिलहाल एक तरफ मरीजों को लेकर पहुंचे तीमारदारों को सिंहद्वार बंद होने की वजह से काफी परेशानी हो रही है तो दूसरी तरफ हॉस्टल खाली होने के बाद दर्जनों छात्र सड़कों पर भटक रहे हैं। कई विवादों को लेकर लगातार चर्चा में रहने वाले बीएचयू का यह विवाद भी लंबा खिंचता हुआ नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले हाल ही में बीएचयू में तब हंगामा मचा था, जब विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्र अपने विभाग में गैर हिंदू धर्म के शिक्षक की नियुक्ति का विरोध कर रहे थे।

वहीं, बरकछा स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिण परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का झण्डा हटाए जाने को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले में डिप्टी चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को दी गयी तहरीर के अनुसार राजीव गांधी दक्षिण परिसर के मैदान में मंगलवार 12 नवंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य शाखा लगाकर योगाभ्यास कर रहे थे।

इस बीच डिप्टी चीफ प्रॉक्टर किरण दामले वहाँ पहुंच गईं और आरएसएस का झंडा उखाड़ दिया तथा उसे लेकर चली गईं। झंडा लगाने का विरोध करते हुए डिप्टी चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि "ध्वज नहीं लगेगा, आप योग कर सकते हैं।"

संघ के सदस्यों ने झंडा उखाड़ने का विरोध किया और इसे झंडे का अपमान बताया तथा प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि डिप्टी चीफ प्रॉक्टर इस्तीफा दें और उन लोगों को अगले दिन से ध्वज लगाकर योगाभ्यास करने दिया जाए। छात्रों ने डिप्टी चीफ प्रॉक्टर पर झंडे का अपमान करने के साथ ही अपने साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। मामला बढ़ते देख डिप्टी चीफ प्रॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया और झंडा हटाने पर माफी मांगी।

BHU
BHU protstests
Student Protests
Large security force in Campus
ABVP
RSS
RSS flag

Related Stories

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

बीएचयू: अंबेडकर जयंती मनाने वाले छात्रों पर लगातार हमले, लेकिन पुलिस और कुलपति ख़ामोश!

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License