NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनाव आते ही बीजेपी वालों को लोगों के खाने से क्या दिक्कत हो जाती है?
ग़ाज़ियाबाद के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर का तानाशाही रवैया एक बार फिर देखने को मिला, जब उन्होंने अपने इलाके की सभी मीट की दुकानें बंद करवा दीं।
रवि शंकर दुबे
28 Dec 2021
NAND KISHOR GURJER
स्क्रीन शॉट

‘’क्या खाना है, क्या पहनना है’’ इस बारे में फैसला लेने का हक हर देशवासी को है, लेकिन आज़ादी के 70 साल बाद भी इस मुल्क में बहुत लोगों को इसकी भी आज़ादी नहीं है। अंग्रेजों की तरह सत्ताधारी पार्टी का एक नुमाइंदा आता है और हमारे खाने पर, पहनावे पर हंटर चलाकर चला जाता है।

दरअसल हम बात कर रहे हैं गाजियाबाद के लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर की... जिनकी राजनीति एक बार फिर लोगों का रोज़गार छीनने का काम कर रही है, सत्ता के नशे में चूर नंदकिशोर गुर्जर ने लोनी इलाके की सारी मीट की दुकानें बंद करवा दी हैं, नंद किशोर गुर्जर मीट की दुकानों पर पहुंचे और धमकी दी, कि ‘इस इलाके में एक भी मुर्गे की दुकान नहीं चलने दूंगा।’

अब सवाल ये हैं कि क्या नंद किशोर गुर्जर खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, या फिर उन्हें किसी के रोज़गार और परिवार के पालन से मतलब नहीं रह गया है। क्योंकि जिस जनता ने गुर्जर को अपना प्रतिनिधि चुना है, वो उसी जनता की थाली से खाना छीनने में लगे हुए हैं।

नंद किशोर गुर्जर का ये तानाशाही रवैया पहले भी देखा जाता रहा है, कि कैसे नंदकिशोर गुर्जर अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंचकर एक समुदाय को धमकाते और डराते हैं, इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। हालांकि इस वीडियो की हम स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं कर सकते।

वीडियो में दुकान पर पहुंचकर नंदकिशोर गुर्जर चिल्लाते नज़र आए कि लोनी में इल्लीगल काम बिल्कुल नहीं होने दूंगा। अब विधायक नंद किशोर गुर्जर को कोई ये बताए कि क्या मुर्गे की दुकानें सिर्फ लोनी में हैं, या फिर इस देश में मीट खाना मना है। उनकी इन हरकतों पर राज्य में बैठी सरकारें, केंद्र सरकार और पुलिस ने अपनी आंखे मूंद रखी हैं। क्योंकि जो किसी को नहीं दिखता है वो आजकल नंदकिशोर गुर्जर को दिख जाता है, तभी तो अपनी दुकान से दो परिवार पाल रहे लोगों का काम इन्हें इल्लीगल लगने लगा है।

वैसे ये कहना ग़लत नहीं होगा कि चुनाव आते ही बीजेपी के तमाम नेता ऐसी ऊल-जुलूल हरकतों के लिए सक्रिय हो जाते हैं, और अल्पसंख्यक समुदायों पर अपना रौब दिखाते हैं, इसका उदाहरण कुछ दिनों पहले क्रिसमस पर देखने को मिला था, जब भारतीय जनता पार्टी के शह पर पलने वाले बजरंग दल ने ईसाइयों के त्यौहार में खलल डालने की कोशिश की थी। कुल मिलाकर इन सब बातों का मकसद एक ही है कि कैसे प्रदेश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करके चुनाव में लाभ लिया जाए।

NANDKISHOR GURJER
UP GOV
Yogi Adityanath
UP police
politics
Ghaziabad Police

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 


बाकी खबरें

  • Iran
    प्रबीर पुरकायस्थ
    ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा
    21 Feb 2022
    वाशिंगटन की मूर्खता सबसे कठोर परमाणु समझौते से बाहर निकलना था, जिस पर कोई देश भी सहमत हो सकता था। ईरान अभी भी उन पुरानी शर्तों में से अधिकांश को स्वीकार कर सकता है, लेकिन जो कुछ उन्नत क्षमताएं इसने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    इस साल रेड बुक्स डे (21 फ़रवरी) पर आप कौन-सी रेड बुक पढ़ेंगे?
    21 Feb 2022
    गोविंद पानसरे की हत्या के कुछ साल बाद, नयी दिल्ली स्थित लेफ़्टवर्ड बुक्स (एक प्रकाशन संस्थान) ने रेड बुक्स डे पर विचार करना शुरू किया। एक ऐसा दिन जब परिवर्तनवादी किताबों और उन्हें तैयार करने वाले…
  • vp
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों थे वी.पी सिंह गठबंधन की सरकार के मज़बूत स्तंभ
    20 Feb 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष मुखर्जी से। देबाशीष ने हाल ही में ही वी पी सिंह पर एक किताब लिखी है. उन्होंने सिंह, गठबंधन सरकार और उसके महत्व…
  • punjab
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनादेश 2022: पंजाब चुनाव में दिखे कई रंग, अगली सरकार ईवीएम में बंद
    20 Feb 2022
    पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए शाम पांच बजे तक 63 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनादेश 2022:  तीसरे चरण की 59 सीटों के साथ यूपी की 172 सीटों का भविष्य ईवीएम में लॉक
    20 Feb 2022
    निर्वाचन आयोग की ओर से अभी शाम 5 बजे तक के आंकड़े जारी किए हैं। जिसके अनुसार शाम 5 बजे तक कुल औसतन मतदान 57.58% रहा। इनमें ललितपुर में सबसे ज़्यादा 67.38 प्रतिशत वोट पड़े जबकि सबसे कम कानपुर नगर में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License