NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भाजपा की ‘’देखा-देखी बुल्डोज़र राजनीति’’ में विकास के हाथ-पांव फूल चुके हैं!
देश में इन दिनों भाजपा शासित राज्य बुल्डोज़र की आवाज़ से गरज रहे हैं, जिसमें न सिर्फ लोगों के घरौंदे रौंदे जा रहे हैं, बल्कि असल मुद्दों को भी जमकर कुचला जा रहा है।
रवि शंकर दुबे
22 Apr 2022
 bulldozer politics
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

हेलीकॉप्टर में बैठकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुस्कुराता वो चेहरा तो आपको याद ही होगा, जब चुनावी प्रचार के दौरान ज़मीन पर खड़े बुल्डोज़रों को दिखाकर गर्व से फूले जा रहे थे। मानों योगी जी ने कोई ऐसा उपकरण इजात कर दिया हो, जो भारत की अखण्डता, एकता, जनता, और जनता के आशियानों को जोड़ने का काम करता हो, लेकिन अफसोस, बुल्डोज़र नाम का ये उपकरण जोड़ने का नहीं सिर्फ तोड़ने का काम करता है। दंगे कराने का काम करता है। और दुर्भाग्यवश इन दिनों इसका संचालन हिंदोस्तां की जनता से मिले वोटों से बनी सरकार कर रही है।

वैसे तो सिविक एजेंसियां अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए सालों से बुल्डोज़र का इस्तेमाल करती आई हैं, लेकिन इन दिनों राजनीतिक धुरी में तेज़ी से घूम रहा बुल्डोज़र गरीबों की पाई-पाई से बने आशियाने, उनके बच्चों की खुशियों, घर में रखे दो-चार सामान और एक विशेष वर्ग की आस्था पर चलाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में जब 37 साल बाद भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रचते हुए दोबारा सरकार बनाई तो उसका क्रेडिट केंद्र सरकार की फ्री राशन स्कीम और राज्य सरकार की मज़बूत कानून व्यवस्था को दिया गया। इसमें भी योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था का श्रेय ‘’बुल्डोज़र’’ को देते नज़र आ जाते थे, वे कहते थे कि प्रदेश के माफियाओं, बाहुबलियों को अब बुल्डोज़र का खौफ होने लगा है। इसी को और बढ़ाते हुए बुल्डोज़र की रैलियां निकलीं, यहां तक लोगों ने बुल्डोज़र का टैटू बनवाना शुरू कर दिया। इस बीच वो तस्वीरें भी खूब वायरल हुईं जिसमें बुल्डोज़र के ज़रिए कानपुर के विकास दुबे का घर ढहाया जा रहा था।

अब यहीं से शुरू हो जाती है ‘’बाबा के बुल्डोज़र’’ की कहानी और भाजपा की ‘’देखा-देखी पॉलिटिक्स’’

क्योंकि बुल्डोज़र पॉलिटिक्स के जरिए उत्तर प्रदेश चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने इतिहास रच दिया था, तो क्यों न इसे भाजपा शाषित दूसरे राज्य भी अपनाएं। क्योंकि जहां विकास के नाम पर प्रगति शून्य हो वहां ऐसे उटपटांग मुद्दे ही काम आते हैं। कहने का मतलब ये कि अब ये बुल्डोज़र खुद को लोगों का मामा बताने वाले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी भा गया।

शिवराज सिंह चौहान को मौका भी अच्छा मिल गया था। दरअसल रामनवमी के दिन निकली शोभायात्रा के दौरान प्रदेश के खरगौन में हिंसा हो गई। अब लोगों के ‘’सो कॉल्ड’’ मामा ने हिंसा में कथित तौर पर शामिल लोगों के घर और दुकानों पर बुल्डोज़र चलवा दिया।

उधर राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी निकल पड़े और बोले कि जिन घरों से पत्थर आए हैं उन घरों को पत्थर का ढेर बनाएंगे। फिर हुआ भी यही। यहां भी ग़रीबों के आशियाने बर्बाद कर दिए गए।

मध्य प्रदेश के ‘’सो कॉल्ड मामा’’ यानी शिवराज सिंह भी जब बुल्डोज़र के ज़रिए ग़रीबों से खेलकर थक गए तब ये निकल पड़ा गुजरात के लिए। गुजरात के खंभात में रामनवमी के दिन हिंसा की ख़बरें आई थीं। बताया गया कि शोभायात्रा के मौके पर लोगों ने पथराव किया और सांप्रादायिक दंगे भड़काने की कोशिश की।

अब क्योंकि कार्रवाई का कोई दूसरा तरीका तो सरकारों के पास बचा नहीं है, ऐसे में एक उपाय जो ट्रेंड में चल रहा है, ‘’बुल्डोज़र चला दो’’। यहां भी यही किया गया। लोगों के घरों पर और दुकानों पर बुल्डोज़र चलाकर उन्हें ज़मीदोज़ कर दिया गया। बाद में बताया गया कि जिन दुकानों पर बुल्डोज़र चलाया गया है, ऐसा माना जा रहा है, कि ये वहीं दुकानें हैं जहां से रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। पुलिस प्रशासन ने कहा, कि उन्हें सबूत मिले हैं, कि इन दुकानों में पत्थर को लाकर छुपाया गया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच, तहसील के कर्मचारियों ने यहां बनी अवैध दुकानों को बुलडोज़र से गिरा दिया है।

गुजरात के खंभात में चले बुल्डोज़र के बाद पुलिस का कहना था कि रामनवमी के दिन हुई हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी। हिंसा के बाद इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 3 मौलाना इस साज़िश के मुख्य आरोपी है। साथ ही ये भी कहा गया कि हिंसा को अंजाम देने के लिए खंभात में एक दिन पहले ही कुछ लोगों को बाहर से बुलाया गया था। ये लोग घातक चीजें लेकर आए थे, साथ ही इस हिंसा के लिए पैसे भी इकट्ठा किए गए थे।      

जब देश के छोटे-छोटे राज्यों में बुल्डोज़र दौड़ पड़ा फिर देश की राजधानी कैसे पीछे रह जाती... यहां रामनवमी तो सुख से बीत गई लेकिन हनुमान जयंती के दिन शोभायात्राओं के दौरान जहांगीरपुर में हिंसा हो गई। हिंसा के लिए भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी अवैध शरणार्थियों को जिम्मादार ठहराने लगीं।

उधर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने हिंसा फैलाने वाले कथित जिम्मेदार लोगों के अवैध निर्माण पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम से बुल्डोज़र चलाने की मांग कर दी। फिर क्या था अगले ही दिन सुबह-सुबह कई बुल्डोज़र जहांगीरपुरी पहुंचे और एक के बाद एक कई दुकानें और मकान ढहा दिए गए। इस दौरान वहां मौजूद लोग चीखते रहे कि यही एक मात्र घर चलाने का सहारा है, लेकिन बुल्डोज़र नहीं रुके, और मस्जिद के गेट को भी नेस्तनाबूत कर दिया। बुल्डोज़र चलवाने वालों पर तानाशाही इस कदर हावी थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी बुल्डोज़र अपनी रफ़्तार से लोगों के घरों को रौंदता रहा और तब जाकर रुका जब एक मंदिर के अवैध निर्माण को तोड़े जाने की बात की जाने लगी। जब इस मामले में सवाल किए गए तो दलीले पेश की गईं कि कोर्ट का ऑर्डर पहुंचने में समय लगता है।

राजधानी दिल्ली के बाद हरियाणा में बुल्डोज़र चला लेकिन इस बात ने ज्यादा तूल नहीं पकड़ा। इस बात की जानकारी तब हुई जब भाजपा नेता अरुण यादव ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया कि हरियाणा में बुल्डोज़र चला, नशा तस्करी के आरोपों में फंसे पूर्व कांग्रेस पार्षद के घर।

हरियाणा के अंबाला में भी चला बुलडोजर नशा तस्करी के आरोपों में फंसे पूर्व कांग्रेसी पार्षद के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर। pic.twitter.com/9f10DOyTgU

— Arun Yadav (@beingarun28) April 21, 2022

इन तमाम राज्यों में बुल्डोज़र चलने का अगर छोटा सा सार देखें... तो ये कहीं से भी जोड़ों की राजनीति नहीं है बल्कि तोड़ों की राजनीति है। दूसरी बात ये, कि एक के बाद एक भाजपा शाषित राज्यों में बुल्डोज़र के ज़रिए आशियाने और दुकानें गिराना भाजपा की ‘देखा-देखी राजनीति’ की ओर भी इशारा करती है। कहने का अर्थ ये है कि जब विकास के लिए सरकार के हाथ-पैर ठंडे पड़े हों तब पूरी सरकार एक ही पैटर्न पर एक ही काम करती नज़र आ रही है।

सरकार के एक ही पैटर्न पर चलने की पुष्टि बीबीसी की एक रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार मनीष दीक्षित भी करते हैं। वो कहते हैं कि जैसे लव जिहाद के ख़िलाफ़ कानून यूपी में पहले आया और फिर मध्य प्रदेश में और फिर बाक़ी बीजेपी शासित राज्यों ने भी इसे अपनाने की पहल की। अगले साल यहां चुनाव है। शिवराज सिंह चौहान बीजेपी का 'हार्डलाइन' वाला चेहरा नहीं रहे हैं। उनकी छवि अटल बिहारी वाजपेयी की थी जिनकी हिंदू और मुसलमानों में समान तरह की स्वीकार्यता थी। लेकिन राज्य बीजेपी के नेताओं में एक दूसरे से आगे निकलने की एक होड़ सी लगी है. उसमें लगता है कि शिवराज भी पीछे नहीं रहना चाहते।"

ये कहना गलत नहीं होगा कि बुल्डोज़र भाजपा के लिए खुद को मज़बूत दिखाने का एक ज़रिया बन गया है। दूसरी ओर इसके ज़रिए ये संदेश दिया जाता है कि ये अपराधियों पर चल रहा है फिर वो किसी भी तरह के हों या किसी भी धर्म के। अब इसमें ‘’किसी भी धर्म’’ वाली लाइन पर ग़ौर करना ज़रूरी है। क्योंकि ये भी एक पैटर्न तय करता है, कैसे?

बुल्डोज़र चलता है मुख्तार अंसारी के यहां, बुल्डोज़र चलता है आज़म खान के यहां, बुल्डोज़र चलता है दिल्ली के जहांगीरपुरी में। खरगौन में, खंभात में... कहने का अर्थ है कि ये इलाके एक धर्म विशेष का बहुसंख्यक हैं और यहां अतिक्रमण के नाम पर बुल्डोज़र चलाकर सीधे तौर पर योगी वाले नारे... ‘’80 बनाम 20’’ के संदेश को 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए तैयार किया जा रहा है।   

ये आरोप कुछ दिनों पहले एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी एक न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत के वक्त लगाया था, कि बुल्डोज़र चलेगा तो सिर्फ अहमद और अंसार पर, अजय और अर्जुन पर कभी नहीं चलेगा। मस्जिद के सामने की दुकानों को तोड़ा गया लेकिन मंदिर के पास वाली दुकानों को छोड़ दिया गया। क्यों? अपने इस वीडियो को ओवैसी ने ख़ुद ट्वीट किया था।

#बुल्डोजर चलेगा तो अहमद और अन्सार पर, अजय और अर्जुन पर कभी नहीं चलेगा। मस्जिद के सामने की दुकानों को तोड़ा गया लेकिन मंदिर के पास वाली दुकानों को छोड़ दिया गया, क्यूँ? pic.twitter.com/BPBPSVsQ2D

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) April 20, 2022

बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कुछ बाते बताईं कि "बीजेपी अगर 15 साल से नगर निगम की सत्ता पर काबिज़ है तो 15 हज़ार बार अतिक्रमण हटाने का काम किया है। इस साल 20 अप्रैल तक सिर्फ़ जहांगीरपुरी इलाके की बात करें तो अतिक्रमण हटाने की 7 बार कार्रवाई हुई है। अतिक्रमण हटाने की पिछली कार्रवाई यहां 11 अप्रैल को हुई थी। जो लोग इस कार्रवाई को धर्म के चश्मे से देख रहे हैं उनका मक़सद दंगाइयों को बचाना और शरण देने का है।"

ख़ैर... भाजपा के किसी भी नेता के मुंह से दूसरों के लिए ‘’धर्म के चश्मे’’ जैसा शब्द जमता नहीं है, लेकिन फिर भी ये वही लोग है जो जहांगीर पुरी को कथित तौर पर दंगाईयों का इलाका बताते हैं। दूसरी बात ये कि अगर भाजपा पिछले 15 सालों से दिल्ली की एमसीडी संभाल रही है तो उन अवैध दुकानों को अलॉट नंबरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्योंकि कार्रवाई के बाद जब वहां के लोगों से बात हुई तो पीड़ितों का ये तक कहना था कि उनकी दुकानों का लाइसेंस बना हुआ है, दुकानों का नंबर अलॉट है, एमसीडी को दुकान का पैसा जाता है।

लोगों के कहे मुताबिक़ तो साफ़ है की एमसीडी के ज़रिए भाजपा बड़े घोटाले में लिप्त है। और अगर ऐसा नहीं है तो एक विशेष समुदाय को टारगेट कर अचानक माहौल बिगाड़ने का काम किया गया।

ग़ौर करने वाली बात ये है कि एक ओर देश सांप्रदायिक दंगो की आग में झुलस गया, दूसरी ओर प्रधानमंत्री ने इस बारे में एक शब्द नहीं बोला, इसके अलावा पूरे मामले में गृह मंत्री की जवाबदेही तय होती है, जिस पर अभी तक कोई ख़बर नहीं मिली है।

आपको एक बार फिर याद दिलाते चलें कि साल 2025 में संघ के 100 साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में पिछले दिनों हुई तथाकथित धर्म संसदें, और अब राज्य दर राज्य अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई एक ही डोर की गांठें हैं।

BJP
Narendra modi
Modi Govt
Yogi Adityanath
Shivraj Singh Chouhan
Bulldozer Politics
Bulldozer
development
Inflation
poverty

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

वे डरते हैं...तमाम गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज और बुलडोज़र के बावजूद!

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के मामलों में क़रीब 25 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई
    04 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,205 नए मामले सामने आए हैं। जबकि कल 3 मई को कुल 2,568 मामले सामने आए थे।
  • mp
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
    04 May 2022
    माकपा और कांग्रेस ने इस घटना पर शोक और रोष जाहिर किया है। माकपा ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य…
  • hasdev arnay
    सत्यम श्रीवास्तव
    कोर्पोरेट्स द्वारा अपहृत लोकतन्त्र में उम्मीद की किरण बनीं हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं
    04 May 2022
    हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं, लोहिया के शब्दों में ‘निराशा के अंतिम कर्तव्य’ निभा रही हैं। इन्हें ज़रूरत है देशव्यापी समर्थन की और उन तमाम नागरिकों के साथ की जिनका भरोसा अभी भी संविधान और उसमें लिखी…
  • CPI(M) expresses concern over Jodhpur incident, demands strict action from Gehlot government
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
    04 May 2022
    माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल
    04 May 2022
    भारत का विवेक उतना ही स्पष्ट है जितना कि रूस की निंदा करने के प्रति जर्मनी का उत्साह।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License