NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
संवैधानिक संस्थाओं पर निरंतर आघात कर रही भाजपा सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद आज संविधान दिवस के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
भाषा
26 Nov 2021
constitution

कांग्रेस ने संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित संविधान दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बाद शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि यह सरकार संवैधानिक संस्थाओं और संविधान की मूल भावना पर आघात कर रही है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने यह भी कहा कि यह सरकार प्रजातंत्र और संविधान के जश्न के आयोजन में विपक्ष का सम्मान नहीं करती और संसदीय लोकतंत्र का अपमान करती है, जिस कारण कई विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम से अलग रहने का फैसला किया।

कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद संविधान दिवस के कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। संविधान दिवस पर संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सांसद एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे । 

राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता शर्मा ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विपक्ष की आलोचना करने का कोई औचित्य नहीं था।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और अन्य मुख्य विपक्षी दल इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। भाजपा की सरकार निरंतर संवैधानिक संस्थाओं को चोट पहुंचा रही है, संवैधानिक नियमों का उल्लंघन हो रहा है। संविधान की मूल भावना पर आघात कर रही है।’’

शर्मा के मुताबिक, ‘‘दो साल पहले भी यही स्थिति पैदा हुई थी और हमने विरोध दर्ज कराया था। हमारी अपेक्षा थी कि सरकार सचेत हो जाएगी और विपक्ष को सम्मान देगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम संविधान और राष्ट्रपति का सम्मान करते हुए यह कहना चाहते हैं कि अगर प्रतिपक्ष के नेताओं और विपक्षी नेताओं को प्रजातंत्र या संविधान के जश्न के आयोजन में शामिल नहीं किया जाएगा और सिर्फ दर्शक की तरह बुलाया जाएगा तो यह हमें स्वीकार नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी का विपक्ष की आलोचना करना सही नहीं है। इसका कोई औचित्य नहीं है। सरकार कोई अवसर नहीं छोड़ती कि संविधान और संवैधानिक परंपराओं को दबाकर निर्णय लिया जाए।’’

शर्मा ने दावा किया, ‘‘देश में कई समस्याएं और विकट परिस्थितियां पैदा हुई हैं। सरकार ने जिस तरह से कानून बनाए, उससे समाज में टकराव और और उत्तेजना पैदा हुई है। तीनों कृषि कानूनों को लेकर यही हुआ। हमने सरकार से कहा था कि विधेयक पारित कराने की एक प्रक्रिया होती है। सरकार ने प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया। यही कारण है कि किसानों का एक साल तक आंदोलन चला और अब सरकार कानूनों को वापस ले रही है। अगर विपक्ष की बात सुनते तो इतना बड़ा संकट नहीं आता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अभी भी समय है। सरकार अपनी कार्यशैली और अपनी मानसिकता बदले। वह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सहमति बनाए।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘वह जानते हैं कि आजादी के संग्राम में उनके वैचारिक पूर्वजों का कोई योगदान नहीं था, बल्कि वो लोग अंग्रेजों के साथ मिले हुए थे। ऐसे में वो दूसरे नायक ढूंढ रहे हैं। प्रधानमंत्री दूसरे दलों को नसीहत नहीं, बल्कि हमने जो मुद्दे उठाए हैं, उस पर जवाब दें।’’

Constitution of India
Congress
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • JEWER
    मुकुंद झा
    जेवर एयरपोर्टः दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं होगा आसान, किसानों की चार गुना मुआवज़े की मांग
    29 Dec 2021
    जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे फेज के लिए छह अन्य गांवों से 1,334 हेक्टेयर और भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसको लेकर किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है।
  • कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    29 Dec 2021
    देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है | देश में 20 दिन बाद कोरोना के 9 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं मंगलवार को ओमीक्रॉन के सबसे ज्यादा यानी 128 नए मामले सामने आए हैं।
  • लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    सुमैया खान
    लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    29 Dec 2021
    इसकी बजाय सरकार को लड़कियों को शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य-सेवाएं एवं सुरक्षा प्रदान करने में और अधिक निवेश करना चाहिए। उन्हें अपना करियर चुनने में मदद करनी चाहिए।
  • एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    नवप्रीत कौर, सी सरतचंद
    एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    29 Dec 2021
    एक गारंटीशुदा एमएसपी प्रणाली सार्वजनिक भंडारण लागत/अपव्यय को भी कम करेगी बशर्ते इसे एक सार्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा पूरक बनाया जाए।
  • डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    रौनक छाबड़ा
    डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    29 Dec 2021
    डीजेबी यूनियन ने मंगलवार यह आरोप लगाते हुए एक प्रदर्शन किया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस समय पानी की बिलिंग की जो गड़बड़ियां सामने आ रही हैं,वह विप्रो की ओर से व्यवस्थित किये जा रहे राजस्व प्रबंधन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License