NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
कर्नाटक: बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के मामले में 2 और गिरफ्तार
कर्नाटक के गृहमंत्री ज्ञानेंद्र ने कहा है, “अब तक आधिकारिक रूप से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य से पूछताछ की जा रही है।”
भाषा
23 Feb 2022
Harsha
बजरंग दल कार्यकर्ता हर्ष (फ़ाइल फ़ोटो)

कर्नाटक के शिवमोगा में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में दो और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा की अवधि शुक्रवार तक बढ़ा दी है।     

राज्य के गृहमंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को कहा कि उन्होंने घटना की पृष्ठभूमि में, जिले के दो पुलिस थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जांच के आदेश दिए हैं।    

शिवमोगा के कोटे और डोड्डापेट पुलिस थाने के प्रदर्शन की जांच करने की जरूरत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “हमें यह पता लगाना है कि पिछले पांच साल में इन दोनों पुलिस थानों में कितने पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी थे तथा उन्होंने इन (गिरफ्तार किये गए आठ) आरोपियों पर किस प्रकार निगरानी रखी, जिनका इतना बड़ा आपराधिक इतिहास है।

मंत्री ने चेतावनी दी कि गैर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। शिवमोगा के पुलिस अधीक्षक बी एम लक्ष्मी प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि 28 वर्षीय हर्ष की हत्या के सिलसिले में छह व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया गया है।

गृहमंत्री ज्ञानेंद्र ने संवाददाताओं से कहा, “अब तक आधिकारिक रूप से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य से पूछताछ की जा रही है।” उन्होंने कहा कि ज्यादातर आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। वह भी शिवमोगा जिले के रहने वाले हैं।

मंत्री ने कहा, “मैंने पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद को पत्र लिखकर पूछा है कि शिवमोगा में असामाजिक तत्वों की वृद्धि का क्या कारण है। उन्हें पुलिस की जवाबदेही तय करनी चाहिए।” यह पूछे जाने पर कि क्या हर्ष हिंदुत्व की कट्टर विचारधारा का समर्थक था या यह किसी निजी दुश्मनी का नतीजा है, ज्ञानेंद्र ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद इसका पता चलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार इसे कोई आम हत्या का मामला मानकर नहीं चल रही है। सोमवार को हर्ष की शवयात्रा के दौरान शहर में आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं थीं। इस सिलसिले में पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन का एक मामला दर्ज किया है।

ये भी पढ़ें: कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया

bajrang dal
Harsha Murder
Hijab Row
karnataka

Related Stories

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

आज़म खान-शिवपाल का साथ छोड़ना! क्या उबर पाएंगे अखिलेश यादव?

मंत्री पर 40 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाने वाला ठेकेदार होटल में मृत मिला

पांच राज्यों में 30 फीसदी से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार


बाकी खबरें

  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • indian freedom struggle
    आईसीएफ़
    'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'
    28 Jan 2022
    जानी-मानी इतिहासकार तनिका सरकार अपनी इस साक्षात्कार में उन राष्ट्रवादी नायकों की नियमित रूप से जय-जयकार किये जाने की जश्न को विडंबना बताती हैं, जो "औपनिवेशिक नीतियों की लगातार सार्वजनिक आलोचना" करते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License