NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन की आवाज़ उठाने वाले क़रीब 250 ट्विटर अकाउंट पर लगाई रोक!
सवाल उठता है कि क्या अब ट्विटर किसान आंदोलन को दबाने में भारत सरकार की मदद कर रहा है? जैसे ही आप इन ट्वीटर अकाउंट को खोलते हैं तो एक मैसेज स्क्रीन पर दिखता है जिसमें लिखा है- Account has been withheld in India in response to a legal demand। इसका मतलब है कि न्यायिक मांग पर भारत में इन अकाउंट को रोक दिया गया है।
राज कुमार
01 Feb 2021
ट्विटर अकाउंट

भारत में धड़ा-धड़ उन ट्वीटर अकाउंट को बंद कर दिया गया है, जो किसान आंदोलन के बारे ट्वीट कर रहे थे। इनमें पत्रकार, राजनेता, कार्यकर्ता, संगठन और मीडिया के अकाउंट शामिल हैं। अनुमान है कि भारतीय किसान युनिन उग्राहां, द कारवां, किसान एकता मोर्चा, ट्रैक्टर टू ट्विटर,जाट जंक्शन,सीपीआइएम पांडिचेरी, सीपीआइएम के सांसद मोहम्मद सलीम, आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय नेता प्रीति शर्मा के अकाउंट सहित लगभग 250 अकाउंट पर भारत में रोक लगा दी गई है। तो सवाल उठता है कि क्या अब ट्विटर किसान आंदोलन को दबाने में भारत सरकार की मदद कर रहा है?

जैसे ही आप इन ट्वीटर अकाउंट को खोलते हैं तो एक मैसेज स्क्रीन पर दिखता है जिसमें लिखा है- Account has been withheld in India in response to a legal demand.

यानी न्यायिक मांग पर भारत में इन अकाउंट को रोक दिया गया है।

अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं है कि और किन-किन अकाउंट पर रोक लगाई गई है। लोग ट्विटर पर ढूंढ ही रहे हैं। क्योंकि सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। ट्विटर ने कहा है कि एक न्यायिक मांग के कारण ऐसा किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रोनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने तकरीबन 250 अकाउंट की सूचि ट्विटर को सौंपी है और इन पर भारत में रोक लगाने की सिफ़ारिश की है।

एएनआई के अनुसार भारत सरकार का कहना है कि ये अकाउंट modiplanningfarmersgenocide हैशटैग का इस्तेमाल कर रहे थे। जिसका हिंदी में अर्थ है कि मोदी किसानों के नरसंहार की योजना बना रहा है। 30 जनवरी को इन्होंने इस हैशटैग के साथ ट्वीट किये हैं, जो फेक और भड़काऊ हैं। गृह मंत्रालय का कहना कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिये इन अकाउंट पर रोक लगाना ज़रूरी है। लेकिन ऐसे अकाउंट भी बंद कर दिये गये हैं जिन्होंने इस हैशटैग को ट्वीट नहीं किया है। उदहारण के तौर पर प्रसार भारती के सीइओ शशि शेखर के अकाउंट पर भी रोक लगा दी है। तो क्या  शशि शेखर भी “मोदी किसानों के नरसंहार की योजना बना रहा है” ट्वीट कर रहे थे? क्या ये एक हैशटैग की आड़ लेकर किसान आंदोलन की आवाज़ को दबाने का मामला नहीं है?

गौरतलब है कि ज्यादातर उन अकाउंट पर रोक लगाई है जो किसान आंदोलन के संबंध में सूचनाएं साझा कर रहे थे और ट्वीट कर रहे थे। जिनमें किसान एकता मोर्चा का ऑफिशियल अकाउंट @kisanektamorcha भी शामिल है। @tractor2twitr लगातार किसान आंदोलन पर सूचनाएं साझा कर रहा था। तो क्या भारत सरकार ने ये सब किसान आंदोलन की आवाज़ को दबाने के लिये किया है? क्या ये बोलने की आज़ादी पर हमला नहीं है? एक तरफ प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम किसानों से एक कॉल की दूरी पर हैं दूसरी तरफ इस तरह से किसानों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। उनके सोशल मीडियो के मंचो को बंद किया जा रहा है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

farmers protest
Farm bills 2020
twitter
Twitter accounts ban
#modiplanningfarmersgenocide

Related Stories

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मुख्यमंत्री पर टिप्पणी पड़ी शहीद ब्रिगेडियर की बेटी को भारी, भक्तों ने किया ट्रोल

कांग्रेस, राहुल, अन्य नेताओं के ट्विटर अकाउंट बहाल, राहुल बोले “सत्यमेव जयते”

ट्विटर बताए कि आईटी नियमों के अनुरूप शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक होगी : अदालत

संसदीय समिति ने ट्विटर से कहा: देश का कानून सर्वोपरि, आपकी नीति नहीं

मोहन भागवत समेत कई आरएसएस पदाधिकारियों के ट्विटर अकाउंट से हटा ब्लू टिक

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

जिसे कांग्रेस की ‘COVID टूलकिट’ बताया जा रहा है, वो जाली लेटरहेड पर बनाया गया डॉक्युमेंट है

ट्विटर ने कंगना का अकाउंट स्थायी रूप से बंद किया


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License