NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश : लॉकडाउन लागू करने से प्रवासी श्रमिक असहाय
बांग्लादेश में एक जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह भर के सख्त लॉकडाउन से पहले हजारों मज़दूर हताशा में अपने पैतृक गांवों की ओर वापस चले गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jun 2021
बांग्लादेश : लॉकडाउन लागू करने से प्रवासी श्रमिक असहाय

हाल ही में पड़ोसी भारत में तबाही मचाने वाले डेल्टा-वेरिएंट में खतरनाक वृद्धि के डर से बांग्लादेश के अधिकारियों द्वारा 1 जुलाई से सप्ताह भर के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने का फैसला करने के बाद हजारों प्रवासी श्रमिकों को वापस पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

वर्तमान में देश भर में प्रतिदिन लगभग 5,000 कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं जिनमें से दो-तिहाई नए वायरस ढाका स्थित स्वतंत्र संस्थान इंटरनेशनल सेंटर फॉर डायोरियल डिजीज के अनुसार डेल्टा वैरिएंड के पाए गए। 27 से 29 जून के बीच कोरोनावायरस के कारण कम से कम 350 और लोगों की मौत हो गई, जिससे देश भर में इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या 14,388 हो गई।

अधिकारियों को सख्त लॉकडाउन का डर है जिसे कोरोनोवायरस मामलों में वृद्धि के आधार पर बढ़ाया जा सकता है, जो अर्थव्यवस्था और अनौपचारिक क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है। यहां तक कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सख्त लॉकडाउन लागू करने के प्रभाव पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश जैसे देश में खतरनाक होगा जहां लाखों लोग गरीबी रेखा के नीचे अपनी जिंदगी गुजारते हैं। लॉकडाउन की संभावना में गंभीर मानवीय संकट हो सकते हैं।

अप्रैल के मध्य में कार्यों और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध को उन मामलों और मौत की संख्या को देखते हुए लगाया गया था जो तीन महीने पहले अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे, लेकिन बाद में मई महीने में संक्रमण की दर में गिरावट आई लेकिन एक बार फिर देश में हेल्थ केयर के स्तर आपात स्थिति पैदा हो गई है।

इससे पहले, नेशनल टेक्निकल एडवायजरी कमेटी ने चेतावनी दी थी कि वायरस के संचरण को रोकने के लिए मजबूत तंत्र के बिना बांग्लादेश में स्वास्थ्य प्रणाली "अधिक जोखिम में थी"। हालांकि स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया कि प्रवासी श्रमिक शहर से अपने गांवों तक जाने के लिए रिक्शा और एम्बुलेंस का सहारा ले रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हजारों प्रवासी श्रमिक राष्ट्रीय राजधानी में फंसे रहने के बाद ट्रकों, तिपहिया वाहनों, लोगों को ले जाने वाले वाहनों से गए और मोटरबाइक से भी सैंकड़ों लोग गए।

इस बीच कपड़ा श्रमिकों को सूचना दी गई है कि 4.5 मिलियन लोगों को रोजगार देने वाला ये उद्योग लॉकडाउन के बीच अपना संचालन जारी रखेगा। शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार ने कपड़ा उद्योगों को अपने श्रमिकों के लिए अपने खुद के परिवहन की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। सार्वजनिक परिवहन या तो आंशिक रूप से या पूरी तरह से बंद रहेगा। हेल्थ केयर लॉकडाउन को लागू करने के लिए अधिकारियों ने बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया है।

Bangladesh
Lockdown
COVID-19
Migrant workers

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • fark saaf hai
    सत्यम श्रीवास्तव
    फ़र्क़ साफ़ है- अब पुलिस सत्तासीन दल के भ्रामक विज्ञापन में इस्तेमाल हो रही है
    04 Jan 2022
    पिछले कुछ सालों से देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपने ही देश के नागरिकों को ‘कपड़ों से पहचानने’ की जो युक्ति ईज़ाद की है उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि पूरी मंशा से भाजपा ने इस विज्ञापन में दंगाई व्यक्ति…
  • Constitution of India and Privatization
    प्रभात पटनायक
    भारतीय संविधान की मूल भावना को खंडित करता निजीकरण का एजेंडा
    04 Jan 2022
    भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का निर्माण कई कारणों से किया गया था। मसलन, देश के कच्चे माल संसाधनों का नियंत्रण विदेशी पूंजी से छुड़ाकर, देश के हाथों में लाने के लिए, जैसे तेल क्षेत्र में। 
  • mental health
    शिरीष खरे
    महामारी में किशोरों का बिगड़ा मानसिक स्वास्थ्य; कैसे निपटेगी दुनिया!
    04 Jan 2022
    पिछले सप्ताह यूनिसेफ ने अपनी एक महत्त्वपूर्ण रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 के कारण बड़ी संख्या में बच्चों और किशोरों की एक बड़ी आबादी का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ गया…
  • Vasudhaiva Kutumbakam
    राम पुनियानी
    वसुधैव कुटुम्बकम: भारत को फिर से एक कैसे करें? 
    04 Jan 2022
    2022 में, याद रखें कि भारतीय राष्ट्रवाद ने हमें सांस्कृतिक समृद्धि और समन्वित धारणाओं की ताकत दी है।
  • namaj
    सतीश भारतीय
    खुले में नमाज़ के विरोध को लेकर गुरुग्राम निवासियों की प्रतिक्रिया
    04 Jan 2022
    खुले में नमाज के विरोध को लेकर गुरुग्राम निवासियों की प्रतिक्रिया में मुस्लिमों के प्रति गढ़ी गई कई तरह की धारणाएं साफ तौर पर सामने आती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License