NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने परिसर के भीतर छात्रों के खिलाफ आंसू गैस के गोले छोड़े जाने, उन पर लाठी चार्ज करने और ग्रेनेड का इस्तेमाल किए जाने की निंदा की है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Feb 2022
 Bangladesh
बांग्लादेश में छात्रों का विरोध ​​(​​फोटो: द डेली स्टार)

बांग्लादेश में पूर्वोत्तर के सिलहट जिले में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन के खिलाफ इस महीने की गई पुलिसिया कार्रवाई के विरुद्ध, पूरे देश में छात्र-एकजुटता की प्रबल लहर दौड़ गई है। राजधानी ढाका में भी राजशाही विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ स्टन ग्रेनेड, आंसू गैस और डंडों के इस्तेमाल की निंदा करते हुए सत्ता की "क्रूरता" की भी तीखी निंदा की।

विगत 16 जनवरी को शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने अपनी बुनियादी मांगों को पूरी किए जाने और छात्रावास में अपने मामलों की देखभाल के लिए एक प्रतिनिधि निकाय गठन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। हालाँकि, उन्हें पुलिस ने अपना विरोध प्रदर्शन करने से बलपूर्वक रोक दिया। छात्रों को तितर-बितर करने के लिए किए गए बलप्रयोग में ​कम से कम 40​​ छात्र घायल हो गए।

इस पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद देशभर में कार्यकर्ताओं, अधिकार निकायों के सदस्यों और छात्रों ने भारी हंगामा किया। इसे देखते हुए प्रशासन ने विश्वविद्यालय के छात्रों पर ताबड़तोड़ कई प्रतिबंध लगा दिए और उनके परिसर में कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने से रोक लगा दी।

पुलिस की उस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने परिसर के भीतर ही विरोध मार्च निकाला और कुलपति फरीद उद्दीन अहमद का पुतला फूंका। उन्होंने हॉल प्रोवोस्ट जफरीन अहमद और सहायक प्रोवोस्ट जोबैदा कनक खान को हटाने की भी मांग की। ​

इसके पहले 13 जनवरी को हॉल प्रोवोस्ट द्वारा कथित दुर्व्यवहार की एक घटना के बाद से ही छात्रों की लामबंदी शुरू हो गई थी। इसके बाद छात्रों ने अपनी शिकायत कुलपति से की थी। हालांकि, छात्रों की तीन-सूत्रीय माँगें (हॉल प्रोवोस्ट का इस्तीफा, छात्रावास के कथित कुप्रबंधन का समाधान, और एक छात्र-अनुकूल प्रोवोस्ट समिति लाने) नहीं मानी गईं, जिससे क्षुब्ध होकर छात्रों ने अपनी कक्षाओं का अनिश्चित काल तक बहिष्कार कर दिया।

इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति-आवास के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने 19 जनवरी को भूख हड़ताल की। इसके जवाब में ​प्रशासन ने परिसर को ही बंद कर दिया लेकिन प्रशासन की बार-बार की दमनात्मक कार्रवाइयों के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखा है।

राजशाही विश्वविद्यालय और अन्य परिसरों में भी छात्रों को गुस्से में सड़कों पर उतरते देखा गया। सोशल मीडिया पर भी छात्र-एकजुटता के संदेशों की बाढ़ आ गई, जिनमें देश के तमाम विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपना गुस्सा जताया। वे सभी छात्र अपने-अपने विश्वविद्यालयों में कमोबेश इसी तरह की अव्यवस्था का सामना कर रहे थे।

बांग्लादेश में छात्र सक्रियता का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसने परिसरों के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को समय-समय पर चुनौती दी है। विगत दो दशकों में देश के विश्वविद्यालयों में कम से कम ​50​ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

बांग्लादेश के इन विश्वविद्यालयों के छात्रों ने फीस में वृद्धि, प्रशासन की उदासीनता और अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को परेशान किए जाने और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई खुली छूट पर चिंता जताई है।

2 फरवरी को शहीद हबीबुर रहमान हॉल के एक आवासीय हॉल के सामने एक लोडेड ट्रक से कुचल कर एक छात्र की मौत हो जाने के विरोध में, छात्रों का प्रदर्शन रात भर चला, जिसने राजशाही विश्वविद्यालय प्रशासन को हिलाकर रख दिया। बाद में, मृतक छात्र की पहचान ललित कला संकाय के अंतिम वर्ष के छात्र महमूद हबीब हिमेल के रूप में हुई थी।

साभार: पीपल्स डिस्पैच​ 

Police brutality
Rajshahi University
Repression of students
Shahjalal University of Science and Technology
Solidarity protests
Student activism
students protest

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

झारखंड : हेमंत सोरेन शासन में भी पुलिस अत्याचार बदस्तूर जारी, डोमचांच में ढिबरा व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या 

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बिहार : बालू खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों के साथ पुलिस ने की बर्बरता, 13 साल की नाबालिग को भी भेजा जेल 

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

नई शिक्षा नीति के ख़िलाफ़ AISA का 'रोल बैक NEP' अभियान

यूपी की मित्र पुलिस!: ‘बच्चे को लग जाएगी सर...’, पिता चिल्लाता रहा, लेकिन उनकी लाठी न रुकी

साकेरगुडा नरसंहार के 9 साल पूरे होने के मौक़े पर पहुंचे हज़ारों प्रदर्शनकारी, बस्तर में आदिवासी की होती हत्यायाओं को बताया एक निरंतर चलने वाला वाक़या


बाकी खबरें

  • BUDGET
    मुकुंद झा
    केंद्रीय बजट-2022: मजदूर संगठनों ने कहा- ये कॉर्पोरेटों के लिए तोहफ़ा है
    02 Feb 2022
    अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) ने बजट पर अपनी प्रारंभिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा घोषित बजट कॉर्पोरेटों के लिए एक और बोनस है और…
  • budget
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नया बजट जनता के हितों से दग़ाबाज़ी : सीपीआई-एम
    02 Feb 2022
    “2022-23 का बजट, आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए प्राथमिकताओं की पहचान करने में पूरी तरह से विफल रहा है। यह विश्वासघात है”।
  • kairana
    ज़ाकिर अली त्यागी
    फ़ैक्ट चेकः योगी ने कहा मुज़फ़्फ़रनगर दंगों में 60 हिंदू मारे गये थे, दावा ग़लत है
    02 Feb 2022
    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावों की सच्चाई क्या है? दंगे में कितने लोगों की हत्या हुई? मृतकों में हिंदुओ की संख्या कितनी है, मुस्लिमों की संख्या कितनी है? यह पता लगाने के लिए आइए करते हैं…
  • tribe
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: बेदखली के नोटिस मिलने के बाद चित्रकूट के आदिवासियों ने पूछा 'हम कहां जाएंगे?
    02 Feb 2022
    चित्रकूट जिले के मानिकपुर ब्लॉक में 22 पंचायतों में फैले कम से कम 52 गांवों के लगभग 45,000 आदिवासियों को बेदखली का नोटिस दिया गया है क्योंकि उनके गांव रानीपुर वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित हैं।
  • america
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    आओ पूरी दुनिया को बताएँ कि इस दुनिया में दक्षिणी गोलार्ध के देश भी मौजूद हैं: चौथा न्यूज़लेटर (2022)
    02 Feb 2022
    इतिहास जिस दिशा में जा रहा है, उससे पता चलता है कि अमेरिकी-प्रभुत्व वाली विश्व व्यवस्था के दिन समाप्त होने वाले हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License