NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल जारी, बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा असर
देश भर के बैंक कर्मचारी 31 जनवरी से दो दिनों के लिए हड़ताल पर हैं। मांगे पूरी न होने पर ये कर्मचारी फिर 11 मार्च से तीन दिनों के लिए हड़ताल की तैयारी में हैं। यदि इसके बाद भी कोई हल नहीं निकला तो बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Jan 2020
bank strike

नई दिल्ली : बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नकदी निकासी और जमा समेत विभिन्न सेवाएं प्रभावित हुईं। बैंक कर्मचारियों के संगठनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम फॉर बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने वेतन सुधार को लेकर बातचीत असफल रहने के कारण दो दिवसीय इस हड़ताल का आह्वान किया है।

यूएफबीयू ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिएशन (एआईबीईए) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स समेत नौ कर्मचारी संगठनों का निकाय है। यूनियन का दावा है कि सार्वजनिक बैंकों और निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में भाग ले रहे हैं। शुरुआती खबरों के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में सार्वजनिक बैंकों की शाखाएं बंद हैं।

कर्मचारी हड़ताल पर क्यों?

बैंक कर्मचारियों के वेतन संशोधन का मामला नवंबर 2017 से लंबित है। आपको बता दें कि इसे लेकर 11वीं दौर की भी बातचीत विफल हो चुकी हैं। बातचीत का नया दौर 13 जनवरी को शुरू हुआ था। बैंक कर्मचारियों के वेतन में बदलाव 2017 से लंबित है।

इंडियन बैंक एसोसियसन (आईबीए), यूएफबीयू के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांगों को स्वीकार करने में अभी तक विफल रहा। यूनियन की मांग है कि वेतन सहित अन्य भत्तों में 20% की बढ़ोतरी हो और हफ्ते में बैंकों में पांच दिन काम हो। अन्य मांगों में मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय और नई पेंशन योजना (एनपीएस) को हटना शामिल है।

बैंक कर्मचारी यूनियन नेताओं का कहना है कि ,“बैंकिंग क्षेत्र अभी बदहाल स्थिति में है। IBA का कहना है कि उन बाधाओं को देखते हुए हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता है।” इस पर आगे वो कहते हैं कि हालांकि, “यह बढ़ते एनपीए है का परिणाम है न कि कर्मचारी की गलती।”  

अपनी इन्हीं मांग को लेकर इस महीने की शुरुआत में बैंक के कर्मचारी ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा एक दिन की आम हड़ताल में भी शामिल हुए थे। बैंक कर्मचारियों द्वारा पहले से निर्धारित हड़ताल का दूसरा दिन 1 फरवरी को बजट के दिन का होगा, जबकि हड़ताल के पहले दिन 31 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा।

यूनियन ने कहा कि  "हमने इन दो दिनों को चुना ताकि मामला वित्त मंत्रालय का भी ध्यान आकर्षित करे और यह हस्तक्षेप करने का फैसला करे।"

हड़ताल का कामकाज पर असर

बैंक कर्मचारियों की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नकदी निकासी और जमा समेत विभिन्न सेवाएं प्रभावित हुईं।

हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक खुले हैं। भारतीय स्टेट बैंक समेत विभिन्न बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल की वजह से बैंकिंग सेवाओं पर कुछ असर पड़ सकता है। बैंककर्मियों की हड़ताल से नकदी जमा और निकासी, चेक क्लीरेंस और कर्ज वितरण जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं।

कर्मचारियों की अंश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी

देश भर के बैंक कर्मचारी पहले 31 जनवरी से दो दिनों के लिए हड़ताल पर हैं। और मांगे पूरी न होने पर ये कर्मचारी फिर 11 मार्च से तीन दिनों के लिए हड़ताल की तैयारी में हैं। यदि इसके बाद भी कोई हल नहीं निकला तो बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

bank strike
United forum for bank union
UFBU
AIBOC
AIBEA
IBA
banking sector
Banking Sector Crisis

Related Stories

ख़बरों के आगे-पीछे: 23 हज़ार करोड़ के बैंकिंग घोटाले से लेकर केजरीवाल के सर्वे तक..

बैंक निजीकरण का खेल

लोग हिंदुत्व के झांसे में फंसे हैं और बैंक में रखी उनकी मेहनत की कमाई ल़ूटी जा रही है!

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल पर खामोश क्यों मीडिया?

निजीकरण के खिलाफ़ बैंक कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल

बैंक हड़ताल: केंद्र द्वारा बैंकों के निजीकरण के ख़िलाफ़ यूनियनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी

निजीकरण को लेकर 10 लाख बैंक कर्मियों की आज से दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल

यूपी : निजीकरण के ख़िलाफ़ 900 बैंकों के 10,000 से ज़्यादा कर्मचारी 16 दिसम्बर से दो दिन की हड़ताल पर

बैंक यूनियनों का ‘निजीकरण’ के ख़िलाफ़ दो दिन की हड़ताल का ऐलान

दिल्ली: बैंक कर्मचारियों के 'बैंक बचाओ, देश बचाओ' अभियान को ट्रेड यूनियनों, किसान संगठन का मिला समर्थन  


बाकी खबरें

  • medical camp
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत
    30 Nov 2021
    प्रशासन सिर्फ़ 20 मौतों की पुष्टि कर रहा है। सरकारी दावों के उलट रिहंद जलाशय की तलहटी में बसे सिंदूर मकरा गांव में उदासी और सन्नाटा है। बीमारी और मौत से आदिवासी ख़ासे भयभीत हैं। आदिवासियों की लगातार…
  • Honduras President
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: मध्य अमेरिका में एक और कास्त्रो का उदय
    30 Nov 2021
    वामपंथी पार्टी की शियोमारा कास्त्रो बनेंगी होंदुरास की पहली महिला राष्ट्रपति। रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में कास्त्रो ने सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी नासरी असफुरा को पीछे छोड़ दिया है।
  •  Mid Day Meal Workers
    सरोजिनी बिष्ट
    बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार
    30 Nov 2021
    मिड डे मील योजना में काम करने वाली रसोइयों का आक्रोश उस समय सामने आया जब वे अपनी मांगों के साथ 29 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डेन में "उत्तर प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन" के बैनर तले एक दिवसीय धरने…
  • workers
    मुकुंद झा
    निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल
    30 Nov 2021
    भारत की निर्माण मज़दूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर ने कहा कि इस हड़ताल में केंद्रीय मुद्दों के साथ साथ राज्य के अपने मुद्दे भी शामिल होंगे। इस हड़ताल में हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में…
  • UP farmers
    प्रज्ञा सिंह
    पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान बनाम हिंदू पहचान बन सकती है चुनावी मुद्दा
    30 Nov 2021
    किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सामाजिक पहचान बदल दी है, उत्तरप्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में यहां से 122 सीटें हैं और अगले साल की शुरुआत में यहां चुनाव होने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License