NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बैंक लोन पुनर्गठन के लिए स्वतंत्र, लेकिन किस्त स्थगन के लिए क़र्ज़दारों को दंडित नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्थगन अवधि के दौरान स्थगित किस्तों पर ब्याज लेने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान कहा कि ब्याज पर ब्याज लेना, क़र्ज़दारों के लिए एक ‘‘दोहरी मार’’ है।


भाषा
02 Sep 2020
 बैंक लोन पुनर्गठन के लिए स्वतंत्र, लेकिन किस्त स्थगन के लिए क़र्ज़दारों को दंडित नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि बैंक लोन यानी ऋण पुनर्गठन के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वे कोविड-19 महामारी के दौरान किस्तों को स्थगित करने (मोरेटोरियम) की योजना के तहत ईएमई भुगतान टालने के लिए ब्याज पर ब्याज लेकर ईमानदार क़र्ज़दारों को दंडित नहीं कर सकते।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्थगन अवधि के दौरान स्थगित किस्तों पर ब्याज लेने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान कहा कि ब्याज पर ब्याज लेना, क़र्ज़दारों के लिए एक ‘‘दोहरी मार’’ है।

याचिकाकर्ता गजेंद्र शर्मा की वकील राजीव दत्ता ने किस्त स्थगन की अवधि के दौरान भी ब्याज लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई यह योजना लाया और हमने सोचा कि हम किस्त स्थगन अवधि के बाद ईएमआई भुगतान करेंगे, बाद में हमें बताया गया कि चक्रवृद्धि ब्याज लिया जाएगा। यह हमारे लिए और भी मुश्किल होगा, क्योंकि हमें ब्याज पर ब्याज देना पड़ेगा।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘उन्होंने (आरबीआई) बैंकों को बहुत अधिक राहत दी हैं और हमें सच में कोई राहत नहीं दी गई।’’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘मेरी (याचिकाकर्ता) तरफ से कोई चूक नहीं हुई है और एक योजना का हिस्सा बनने के लिए ब्याज पर ब्याज लेकर हमें दंडित नहीं किया जा सकता।’’

दत्ता ने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक एक नियामक है और ‘‘बैंकों का एजेंट नहीं है’’ तथा क़र्ज़दारों को कोविड-19 के दौरान दंडित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब सरकार कह रही है कि ऋणों का पुनर्गठन किया जाएगा। आप पुनर्गठन कीजिए, लेकिन ईमानदार क़र्ज़दारों को दंडित न कीजिए।’’

कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सी ए सुंदरम ने पीठ से कहा कि किस्त स्थगन को कम से कम छह महीने के लिए बढ़ाया जाना चाहिए।

Moratorium for Loan Repayment
Bank
Supreme Court
loans
COVID-19
EMI

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?


बाकी खबरें

  • दिल्ली में महिलाओं से बलात्कार एवं उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी
    भाषा
    दिल्ली में महिलाओं से बलात्कार एवं उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी
    06 Jul 2021
    बलात्कार और उत्पीड़न के मामलों में इस साल के पहले साढ़े पांच महीनों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अन्य जघन्य अपराधों की कुल संख्या में मामूली कमी आयी…
  • कोरोना : कहाँ से आया कोविड-19 का वायरस
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना : कहाँ से आया कोविड-19 का वायरस
    06 Jul 2021
    कोरोना संक्रमण के फैलाव को लेकर अनेक सवाल उठाए जा रहे हैं। इस अंक में हम इन्ही मुद्दों पर नज़र डाल रहे
  • विशेष: पश्चिमी प्रचार के अलावा आप चीन के बारे में क्या जानते हैं?
    अनीश अंकुर
    विशेष: पश्चिमी प्रचार के अलावा आप चीन के बारे में क्या जानते हैं?
    06 Jul 2021
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सौ वर्ष (1921-2021) के मौके पर आइए जानते हैं कि चीन कैसे बिना एक भी गोली दागे, बिना किसी देश को उपनिवेश बनाए महाशक्ति बना।
  •  फादर स्टेन स्वामी
    अजय कुमार
    दुख की बात है कि हमारे समाज में फादर स्टेन स्वामी जैसे लोग हीरो नहीं बनते!
    06 Jul 2021
    दुख की बात यह भी है कि हम में अधिकतर लोगों ने आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में अपना जीवन खपा देने वाले इस इंसान के बारे में तब जाना जब भीमा कोरेगांव मामले में इन्हें गिरफ्तार किया गया।
  • अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा
    पीपल्स डिस्पैच
    अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा
    06 Jul 2021
    अल्जीरिया में अभी भी क़रीब 300 राजनीतिक क़ैदी हैं। भले ही राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और रिहाई होगी ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि इन क़ैदियों रिहा किया जाएगा या नहीं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License