NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेल्जियम के श्रमिक वर्ग ने ट्रेड यूनियन वालों की सज़ा का विरोध किया
मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बेल्जियम के श्रमिकों ने 23 नवंबर को लीगे क्रिमिनल कोर्ट द्वारा सुनाए गए 17 ट्रेड यूनियनिस्टों के ख़िलाफ़ सज़ा को रद्द करने की अपील की।
पीपल्स डिस्पैच
11 Dec 2020
बेल्जियम

गुरुवार 10 दिसंबर को जनरल लेबर फेडरेशन ऑफ बेल्जियम (एफजीटीबी/एबीवीवी) के नेतृत्व में श्रमिकों ने हड़ताल करने और सार्वजनिक स्थान पर स्वतंत्र रूप से विरोध करने के अधिकार को लेकर बेल्जिमय भर में प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन मानवाधिकार दिवस की पृष्ठभूमि में 10 दिसंबर को किया गया था। ये प्रदर्शन इस साल 23 नवंबर को बेल्जियम के एक अदालत द्वारा (एफजीटीबी अध्यक्ष थर्टी बोडसन सहित) 17 यूनियनिस्टों के खिलाफ जेल की सजा और जुर्माने के आदेश रद्द करने की अपील को लेकर किया गया था। इन नेताओं को साल 2015 में सरकार की नीतियों के खिलाफ हड़ताल के दौरान सड़क ब्लॉक करने में शामिल होने को लेकर सजा सुनाई गई थी।

23 नवंबर को लीगे क्रिमिनल कोर्ट द्वारा 17 ट्रेड यूनियनिस्टों को सजा सुनाए जाने को लेकर बेल्जियम के श्रमिक वर्ग और अन्य प्रगतिशील वर्गों के बीच व्यापक आक्रोश पैदा हुआ। अदालत ने ब्लॉकेड में उपस्थित होने के लिए इन यूनियनिस्टों को 600 यूरो (729 यूएसडी) से लेकर 4,800 यूरो (5834 यूएसडी) तक के जुर्माने के साथ सस्पेंडेड प्रीजन सेंटेंस की सजा सुनाई थी।

गुरुवार 10 दिसंबर को लगभग 700 श्रमिकों ने दोषी ठहराए गए श्रमिकों के साथ एकजुटता दिखाते हुए लीगे में पलाइस डी जस्टिस (कोर्ट हाउस) के सामने प्रदर्शन किया जबकि 17 ट्रेड यूनियन के वकील ने 23 नवंबर के फैसले के ख़िलाफ़ अपनी अपील की है। एकजुटता को लेकर ब्रुसेल्स, चार्लेरोई, मॉन्स, नामुर, टुर्नाई, वर्वियर, अरलोन आदि में भी सभा आयोजित किए गए।

इससे पहले जनरल लेबर फेडरेशन ऑफ बेल्जियम (एफजीटीबी/ एबीवीवी) ने लीगे क्रिमिनल कोर्ट द्वारा ट्रेड यूनियनिस्टों के ख़िलाफ़ फैसले को "राजनीतिक" बताया। एफजीटीबी ने आरोप लगाया है कि 5 वर्षों से एफजीटीबी,इसके कार्यकर्ता, इसकी कार्यपद्धतियां न्यायिक उत्पीड़न का विषय रही हैं। यूनियन ने कहा है कि “लीगे क्रिमिनल कोर्ट में 23 नवंबर 2020 को दिया गया निर्णय एक राजनीतिक निर्णय है। यह निर्णय किसी भी व्यक्ति के लिए हड़ताल करने के अधिकार का उल्लंघन और सार्वजनिक स्थान पर सभा में भाग लेने वाले सभी सामाजिक संगठनों के लिए खतरा है।

यूनियन ने कहा, “सामाजिक न्याय और एकजुटता के लिए लड़ने वाले ट्रेड यूनियनिस्ट अपराधी नहीं हैं। हड़ताल करना अधिकार है। अगर न्याय हमें इस अधिकार का प्रयोग करने से रोकता है तो यह अधिकार को समाप्त करता है।”

वर्कर्स पार्टी ऑफ बेल्जियम (पीटीबी/पीवीडीए) ने विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता व्यक्त की है।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बेल्जियम (पीसीबी-सीपीबी) के कैडरों ने भी प्रदर्शनकारी श्रमिकों को अपना समर्थन दिया है और ट्रेड यूनियनिस्टों के साथ एकजुटता दिखाते हुए बेल्जियम भर में विभिन्न हुए प्रदर्शनों में भाग लिया है।

Belgium
International Human Rights Day
Labor Federation of Belgium
FGTB
ABVV

Related Stories

नाटो शिखर वार्ता के ख़िलाफ़ ब्रसेल्स में विरोध प्रदर्शन

बेल्जियमः वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिक वर्ग सड़कों पर उतरा

विश्व भर के साम्राज्यवाद-विरोधियों ने असांज के साथ एकजुटता व्यक्त की

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: कहां हैं हमारे मानव अधिकार?

इक्वाडोर की अदालत ने 'रिश्वत 2012-16 मामले' में राफेल कोर्रिया की गिरफ़्तारी का आदेश दिया

अमेरिका ने जर्मनी से लगभग 12,000 सैनिकों की वापसी की घोषणा की

बेल्जियम में श्रमिक वर्ग को महामारी से बचाने के लिए करोड़पतियों पर विशेष कर लगाने का प्रस्ताव

ब्रुसेल्स में श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ हज़ारों लोग “मार्च ऑफ एंगर” में शामिल हुए

बेल्जियम के श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के बचाव के लिए सड़क पर उतरे


बाकी खबरें

  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव दूसरा चरण:  वोट अपील के बहाने सियासी बयानबाज़ी के बीच मतदान
    14 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कितने अहम हैं, ये दिग्गज राजनेताओं की सक्रियता से ही भांपा जा सकता है, मतदान के पहले तक राजनीतिक दलों और राजनेताओं की ओर से वोट के लिए अपील की जा रही है, वो भी बेहद तीखे…
  • unemployment
    तारिक़ अनवर
    उत्तर प्रदेश: क्या बेरोज़गारी ने बीजेपी का युवा वोट छीन लिया है?
    14 Feb 2022
    21 साल की एक अंग्रेज़ी ग्रेजुएट शिकायत करते हुए कहती हैं कि उनकी शिक्षा के बावजूद, उन्हें राज्य में बेरोज़गारी के चलते उपले बनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
  • delhi high court
    भाषा
    अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
    14 Feb 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’ अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
  • ashok gehlot
    भाषा
    रीट पर गतिरोध कायम, सरकार ने कहा ‘एसओजी पर विश्वास रखे विपक्ष’
    14 Feb 2022
    इस मुद्दे पर विधानसभा में हुई विशेष चर्चा पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने सदन में नारेबाजी व प्रदर्शन जारी रखा। ये विधायक तीन कार्यदिवसों से इसको लेकर सदन में प्रदर्शन कर…
  • ISRO
    भाषा
    इसरो का 2022 का पहला प्रक्षेपण: धरती पर नज़र रखने वाला उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित
    14 Feb 2022
    पीएसएलवी-सी 52 के जरिए धरती पर नजर रखने वाले उपग्रह ईओएस-04 और दो छोटे उपग्रहों को सोमवार को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित कर दिया। इसरो ने इसे ‘‘अद्भुत उपलब्धि’’ बताया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License