NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेल्जियमः वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिक वर्ग सड़कों पर उतरा
देश के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए बेहद उचित वेतन बढ़ोतरी को लेकर सरकार और नियोक्ता की सांठगांठ का विरोध करते हुए बेल्जियम में प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया।
पीपल्स डिस्पैच
30 Mar 2021
बेल्जियमः वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिक वर्ग सड़कों पर उतरा

बेहतर वेतन, उचित अनुबंध, अधिकार और सम्मान की मांग करते हुए सोमवार 29 मार्च को बेल्जियम के श्रमिक वर्ग ने देशव्यापी हड़ताल किया। विनिर्माण, धातु उद्योग,परिवहन, शिक्षा, हेल्थकेयर आदि सहित सभी क्षेत्रों के श्रमिक इस हड़ताल में शामिल हुए। इस हड़ताल का आह्वान जनरल लेबर फेडरेशन ऑफ बेल्जियम(एफजीटीबी/ एबीवीवी) और कन्फेडरेशन ऑफ क्रिश्चियन ट्रेड यूनियन (सीएसी/ एसीवी) सहित प्रमुख ट्रेड यूनियनों द्वारा दिया गया था। वर्कर्स पार्टी ऑफ बेल्जियम (पीटीबी / पीवीडीए) और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ बेल्जियम (पीसीबी / सीपीबी) सहित प्रगतिशील राजनीतिक दलों ने इस हड़ताल के साथ एकजुटता व्यक्त की है और देश भर में हुए इस हड़ताल में भाग लिया है।

मज़दूरी में वृद्धि को लेकर महत्वपूर्ण क्षेत्रों के नियोक्ताओं के साथ अनुबंध चर्चा असफल होने के बाद इस हड़ताल का आह्वान किया गया। इन यूनियनों ने सरकार और नियोक्ताओं के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया जिसमें 2 साल के लिए 0.4% बढ़ोतरी का ऑफर किया गया। यूनियनों ने उचित वेतन वृद्धि की मांग की है। यूनियन ने 58 वर्ष की आयु में कर्मचारियों के लिए समय से पहले सेवानिवृत्ति का अधिकार सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया है क्योंकि देश में आधिकारिक सेवानिवृत्ति की आयु 65 है। श्रमिकों ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए एक उचित वेतन वृद्धि की भी मांग की है।

देशव्यापी हड़ताल को लेकर अपने बयान में वर्कर्स पार्टी के अध्यक्ष पीटर मर्टेंस ने आरोप लगाया है कि नियोक्ता और सत्ताधरी वर्ग COVID -19 संकट का हवाला देते हुए श्रमिक वर्ग के लिए आवश्यक वेतन वृद्धि से इनकार कर रहे हैं। पीटर ने कहा, “जाहिर है, COVID-19 का काल सभी के लिए उतनी बुरा नहीं है: देश की लगभग आधी सूचीबद्ध कंपनियों ने अपने लाभांश बढ़ाए हैं। वे शेयरधारकों के लिए 6.3 बिलियन यूरो तक पा सकते हैं। हम केवल अपने वेतन का कुछ हिस्सा क्यों पाएंगे?

वर्कर्स पार्टी ऑफ बेल्जियम (पीटीबी/ पीवीडीए) ने 1996 के वेज स्टैंडर्ड एक्ट में संशोधन की मांग करते हुए एक याचिका आरंभ किया है। ये एक्ट देश में मजदूरी में किसी भी वास्तविक वृद्धि को रोकता है। मार्च 29 तक लगभग13,343 लोगों ने इस अधिनियम में संशोधन करने और मजदूरी में वास्तविक वृद्धि का आह्वान करने की इस याचिका का समर्थन किया है।

Belgium
workers protest
trade unions
Workers Party of Belgium

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    सीवर में मौतों (हत्याओं) का अंतहीन सिलसिला
    01 Apr 2022
    क्यों कोई नहीं ठहराया जाता इन हत्याओं का जिम्मेदार? दोषियों के खिलाफ दर्ज होना चाहिए आपराधिक मामला, लेकिन...
  • अजय कुमार
    अगर हिंदू अल्पसंख्यक हैं, मतलब मुस्लिमों को मिला अल्पसंख्यक दर्जा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं
    01 Apr 2022
    भाजपा कहती थी कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक कहना तुष्टिकरण की राजनीति है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे ने इस आरोप को खुद ख़ारिज कर दिया।  
  • एजाज़ अशरफ़
    केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं
    01 Apr 2022
    जब आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी कहती हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है, तब भी इसमें पाखंड की बू आती है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: क्या कुछ चर्चा महंगाई और बेरोज़गारी पर भी हो जाए
    01 Apr 2022
    सच तो ये है कि परीक्षा पर चर्चा अध्यापकों का काम होना चाहिए। ख़ैर हमारे प्रधानमंत्री जी ने सबकी भूमिका खुद ही ले रखी है। रक्षा मंत्री की भी, विदेश मंत्री की और राज्यों के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    श्रीलंका में भी संकट गहराया, स्टालिन ने श्रीलंकाई तमिलों की मानवीय सहायता के लिए केंद्र की अनुमति मांगी
    01 Apr 2022
    पाकिस्तान के अलावा भारत के एक और पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में भारी उथल-पुथल। आर्थिक संकट के ख़िलाफ़ जनता सड़कों पर उतरी। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफ़ा मांगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License