NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल के मुख्य सचिव सेवानिवृत्त हो गए, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में काम करेंगे: ममता
बंगाल को लेकर मोदी और ममता के बीच तू डाल-डाल, मैं पात-पात और नहले पर दहला वाली सियासत चल रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 May 2021
बंगाल के मुख्य सचिव सेवानिवृत्त हो गए, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में काम करेंगे: ममता
फोटो साभार : लेटेस्ट ली

बंगाल को लेकर मोदी और ममता के बीच तू डाल-डाल, मैं पात-पात और नहले पर दहला वाली सियासत चल रही है। जिस मुख्य सचिव को मोदी सरकार ‘सज़ा’ के तौर पर दिल्ली बुलाना चाहती है, उसी को ममता सरकार ने रिटायर कर अपना मुख्य सलाहकार घोषित कर दिया है। ममता ने कहा, ‘‘हम उन्हें कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। वह आज सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन वह अगले तीन वर्षों तक मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के तौर पर काम करेंगे।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को अवकाश ग्रहण करने की अनुमति देने के बाद उन्हें तीन साल के लिए सलाहकार नियुक्त कर रही हैं। उनकी नियुक्ति मंगलवार से प्रभावी होगी।

केंद्र ने उन्हें दिल्ली वापस आने का आदेश दिया था।

ममता ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र ने उन्हें मंगलवार को नॉर्थ ब्लॉक आने के लिए कहा है, लेकिन वह राज्य प्रशासन की अनुमति के बिना किसी अधिकारी को वापस आने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य सचिव को कल तक नॉर्थ ब्लॉक पहुंचने के लिए केंद्र का एक पत्र मिला। यह मेरे पत्र का नहीं बल्कि मुख्य सचिव को जवाब है। मुझे उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है जो मैंने आज भेजा है।’’

ममता ने दावा किया कि केंद्र सरकार का फैसला एकतरफा और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं। वह आज सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन वह अगले तीन वर्षों तक मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के तौर पर काम करेंगे।"

इससे पहले दिन में, ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मुख्य सचिव को बुलाने के केंद्र के आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

West Bengal
mamta banerjee
TMC
Alapan Bandyopadhyay
Narendra modi
BJP

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License