NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल चुनाव : वाम दल क्यों नहीं जा रहे ममता के साथ
सीताराम येचुरी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी का प्रमुख मकसद आगामी पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा को हराना है। लेकिन इसके लिए वह तृणमूल कांग्रेस को साथ नहीं लेना चाहती क्योंकि ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लोगों में काफी नाराजगी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Jan 2021
सीताराम येचुरी

बिहार चुनाव के बाद से ही  बंगाल चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज़ हो गई है।  बंगाल चुनाव के पहले से ही एक बड़ा सवाल जो बार बार पूछा जा रहा है कि क्या वाम दलों का ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन होगा।  लेकिन वाम दलों ने इसे सीधे तौर पर नकार दिया और यह भी बताया कि वो ममता के साथ गठबंधन में क्यों नहीं जा रहे हैं।  माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी का प्रमुख मकसद आगामी पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा को हराना है। लेकिन इसके लिए वह तृणमूल कांग्रेस को साथ नहीं लेना चाहती क्योंकि ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लोगों में काफी नाराजगी है।

येचुरी ने कहा कि इसके साथ ही लोग तृणमूल के पिछले 20 वर्षों के रिकार्ड से भलीभांति परिचित हैं जब उसका भाजपा से गठबंधन था और उसके नेता भाजपा नीत राजग गठबंधन में मंत्री थे।

येचुरी कोलकाता में  पार्टी की राज्य समिति की बैठक में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मार्क्सवादियों का कांग्रेस और अन्य वाम दलों जैसे पारंपरिक सहयोगियों के अलावा राकांपा और राजद जैसे गैर-वाम सहयोगियों के साथ चुनावी गठबंधन होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल सरकार के खिलाफ लोगों की भावना इतनी गहरी है कि भाजपा विरोधी सभी दलों की कोई एकता सिर्फ भाजपा को ही अधिक मदद करेगी। यह गठबंधन नुकसानदेह होगा।’’

येचुरी ने कहा, "लोगों में तृणमूल के खिलाफ काफी नाराजगी है। तृणमूल के साथ गठबंधन करने से ही लोग हमारे खिलाफ हो जाएंगे और भाजपा की मदद करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा और तृणमूल आगामी चुनावों को द्विपक्षीय मुकाबला के तौर पर पेश कर रहे हैं। लेकिन उनका विरोध करने वाली ताकतें इसे "तोड़" देंगी।

येचुरी ने कहा, ‘‘हमारा मकसद भाजपा को हराना और तृणमूल को अलग करना है। लोगों को उनकी आजीविका के मुद्दों पर विकल्प दें, नौकरी, भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करें।’’

माकपा नेता ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन, धान के लिए उचित खरीद मूल्य और प्रवासी मजदूरों के विषय चुनाव में प्रमुख मुद्दे होंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन के बारे में येचुरी ने कहा दोनों दलों के बीच प्रारंभिक चर्चा हुई है और सीटों के तालेमल की प्रक्रिया चल रही है।

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस ने चुनाव में 120-140 सीटों की मांग की है, येचुरी ने कहा, "सीटों के तालमेल की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, कांग्रेस ने ऐसी कोई मांग नहीं की है।’’

उल्लेखनीय है कि 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होने हैं।
 
कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वाम दलों के साथ सीटों के तालमेल और साझा कार्यक्रम तय करने के मकसद से बातचीत करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी जितिन प्रसाद के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। इस समिति में वरिष्ठ नेता अब्दुल्ला मन्नान, प्रदीप भट्टाचार्य और नेपाल महतो भी शामिल हैं। कांग्रेस इस साल अप्रैल-मई में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में वाम दलों के साथ गठबंधन करने की तैयारी में है। जितिन प्रसाद ने हाल ही में पश्चिम बंगाल का दौरा किया था और गठबंधन के संदर्भ में पार्टी की प्रदेश इकाई के नेताओं से विस्तृत चर्चा की थी। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं ने वाम दलों के साथ गठबंधन की पैरवी की थी।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

West Bengal
West Bengal Elections
left parties
Sitaram yechury
mamta banerjee

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License