NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
“27 सितम्बर के भारत बंद को बिहार के किसान-मज़दूर बनाएंगे ऐतिहासिक”
संयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आहूत 27 सितम्बर के भारत बंद को सफल करने को लेकर भाकपा माले ने एक संयुक्त बैठक की। माले ने कहा बाढ़, रोजगार और वायरल फीवर के कोहराम के मुद्दे को भी उठाया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Sep 2021
 Kisan Morcha and trade unions

संयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आहूत 27 सितम्बर के भारत बंद को ऐतिहासिक बनाने व मोदी सरकार पर दवाब बनाने के लिए कल यानी बुधवार को भाकपा-माले विधायक दल कार्यालय में पार्टी, किसान महासभा और ऐक्टू नेताओं की बैठक हुई।  

इस  बैठक में माले राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य अमर व धीरेन्द्र झा, वरिष्ठ किसान नेता के डी यादव, राजेन्द्र पटेल, उमेश सिंह, ऐक्टू नेता रणविजय कुमार, आशा कार्यकर्ताओं की नेता शशि यादव, रसोइया कार्यकर्ताओं की नेता सरोज चौबे शामिल हुए.

बैठक में भाकपा-माले पटना महानगर, आइसा और इनौस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। बैठक में आगामी 27 सितम्बर के बन्द को सफल बनाने के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई।

माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि भारत बंद के समर्थन में बिहार की लेफ्ट पार्टियां मजबूती से उतरेंगीं और राजधानी पटना सहित सभी जिला मुख्यालयों पर बन्द को सफल बनाया जाएगा. बन्द के प्रमुख मुद्दों के साथ-साथ बन्द के दौरान स्थानीय मुद्दे भी उठाए जाएंगे।  बिहार अभी बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है. वायरल बुखार कहर बरपा रहा है. रोजगार का संकट लगातार जारी है. इन मुद्दों को भी बन्द के दौरान उठाया जाएगा।

बैठक में अन्य वक्ताओं ने कहा कि खेती-किसानी और अन्न व्यापार को कारपोरेट पूंजीपतियों के हवाले करने पर तुली मोदी सरकार 9 महीने से आंदोलनरत किसानों की आवाज़ को दबाने में लगी है। प्रस्तावित बिजली विधेयक के जरिये बिजली के कारपोरेटीकरण करने में लगी है। जनता की गाढ़ी कमाई से खड़ी राष्ट्रीय सम्पदा रेल, सेल, भेल, सड़क, अस्पताल, बैंक, बीमा आदि को बेचने में लगी है।

नेताओं ने कहा कि कमरतोड़ मंहगाई से त्रस्त जनता के ऊपर टैक्स का बोझ लगातार बढ़ा रही है। आज़ादी के बाद अर्थव्यवस्था की ऐसी बुरी हालत कभी नही हुई थी। बेरोजगारी की बढ़ती दर नित्य नया रिकॉर्ड बना रही है, वहीं मज़दूरी दर में भारी गिरावट आयी है।

उन्होंने आगे कहा कि बाहर की कमाई पर आधारित बिहार की अर्थव्यवस्था तो और भी बदहाल हो गयी है। बेरोजगारी चरम पर है। 19 लाख रोज़गार देने का वादा कर सरकार में आयी डबल इंजन की सरकार सोयी-बैठी है। कोरोना से तबाह बिहार में बाढ़, अतिवृष्टि और जलजमाव ने और बड़ी तबाही ला दी है। बड़े दायरे में खेती-किसानी चौपट हो गयी है,फलतः आर्थिक तंगी ने विकरालता ग्रहण कर ली है। समाज का हर वर्ग-तबका परेशान है और सरकार गोदी मीडिया के सहारे बयानों का व्यापार करने में लगी है।

माले ने  बयान में कहा कि इस स्थिति में किसान, मज़दूर, महिला और छात्र-युवा संगठनों के 27 सितम्बर को भारत बंद के आह्वान को बिहार में पूरी तरह से लागू करेगा।

इस भारत बंद को सभी गैर एनडीए दलों ने समर्थन दिया। साथ ही उनसे जुड़े किसान और मज़दूर संगठन भी इसमें शामिल होंगे।  यह भारत बंद पूरे देश में होगा।

Bharat Bandh
27 September
Samyukt Kisan Morcha
trade unions
CPI-ML

Related Stories

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का दिखा दम !

क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License