NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
भोपाल : लखीमपुर नरसंहार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई किसानों की हत्या का विरोध मध्यप्रदेश के कई ज़िलों में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने 'टेनी, खट्टर को बर्खास्त करो ; हत्यारों को गिरफ्तार करो' का नारा लगाया और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
बादल सरोज
04 Oct 2021
Lakhimpur massacre

भोपाल। कल, गाँधी जयन्ती के ठीक अगले दिन, 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) में किसानों को रौंदकर दिनदहाड़े उनकी बर्बर हत्या किये जाने की नरसंहारी घटना के खिलाफ मध्यप्रदेश के अनेक जिलों में प्रदर्शन हुए। जिलाधीश तथा एसडीएम के मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजे गए और  केंद्रीय राज्य गृह मंत्री अजय मिश्र टेनी को तुरंत बर्खास्त किये जाने, उनके विरुद्ध हिंसा उकसाने और सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का मुकदमा दर्ज किये जाने, मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा "मोनू" और उसके साथी गुंडों पर तुरंत 302 (हत्या) का मुकदमा दर्ज करने, उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने, इस वारदात की एफआईआर की तफ्तीश सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने, शहीद परिवारों को 1 करोड़ रुपये और नौकरी के साथ घायलों को 25 लाख का मुआवजा दिए जाने की माँग की गई।

राष्ट्रपति से भाजपा और आरएसएस के अपने कार्यकर्ताओं से इसी तरह के हमलों का आह्वान करने तथा हिंसा के लिए उकसाने के दोषी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को तत्काल बर्खास्त किये जाने की माँग भी की गई।

संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर हुई इन विरोध कार्यवाहियों में शामिल संगठनों ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र "टेनी" के बेटे और उसके गुंडों ने जिस बेखौफ तरीके से घटना को अंजाम दिया वह उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की एक गहरी साजिश दर्शाता है। अजय मिश्रा पहले ही किसानों के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक भाषण देकर इस हमले की पृष्ठभूमि तैयार कर चुके थे। इसके वीडियो स्वयं उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किये थे।  यह संयोग नहीं कि उसी दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सार्वजनिक तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को किसानों के खिलाफ डंडे उठाने ,जमानत की परवाह न करने ,जैसे को तैसा जबाब देने जैसे बयान देकर, हिंसा के लिए उकसाने का काम किया है। इसके वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं।

संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से बादल सरोज ने कहा है कि जब कार चढ़ाकर किसानो को कुचला गया तब किसान घेराव कर नहीं रहे थे -  वे काले झण्डे दिखाकर, आंदोलन करके और केशव प्रसाद मौर्या केएक कुश्ती मुकाबले को देखने आने  के लिए  हेलीकॉप्टर से उतरने से रोकने के बाद वापस घर लौट रहे थे। इसलिए 10 महीने से बिना किसी हिंसा के जारी किसान आंदोलन पर उकसावे का आरोप लगाया जाना हत्यारों को बचाने की धूर्ततापूर्ण कोशिश है।
   
एसकेएम के अनुसार इन  घटनाओं  से यह साफ हो जाता है संवैधानिक पदों पर बैठे  व्यक्तियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अन्नदाताओं के विरुद्ध सुनियोजित हिंसा के लिए किया जा रहा है। यह कानून, संविधान और देश के प्रति अपराध है। ऐसे अपराधियों को तुरंत बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए।

आज के प्रदर्शन में  एसकेएम के वरिष्ठ नेता डॉ सुनीलम तथा अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह ग्वालियर में, मप्र किसान सभा अध्यक्ष रामनारायण कुररिया सतना में, अशोक तिवारी मुरैना में. अखिल भारतीय किसान सभा प्रदेश महासचिव प्रह्लाद वैरागी सीहोर में, एनएपीएम के वरिष्ठ नेता राजकुमार सिन्हा जबलपुर में शामिल हुए।

बादल सरोज एआईकेएससीसी के संयोजक और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव हैं।

Lakhimpur massacre
Lakhimpur Kheri
kisan andolan
Bhopal
Bhopal protest
Ramnath Kovind
BJP
RSS
Samyukt Kisan Morcha
Madhya Pradesh

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • hunger crisis
    डॉ. राजू पाण्डेय
    चिंता: ग्लोबल हंगर इंडेक्स को लेकर भी असहिष्णु सरकार
    29 Oct 2021
    पिछले कुछ समय से सरकार ऐसे हर आकलन को खारिज करती रही है जो उसकी असफलताओं को उजागर करता है।
  • climate
    टिकेंदर सिंह पंवार
    जलवायु परिवर्तन का संकट बहुत वास्तविक है
    29 Oct 2021
    भविष्य में आने वाली अधिक आपदाओं का मुक़ाबला करने के लिए आपदा जोखिम को कमतर करने वाले सिद्धांतों को मज़बूत करने की ज़रूरत है।
  • Supreme Court on Pegasus
    अजय कुमार
    पेगासस जासूसी कांड पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी: 46 पन्नों के आदेश का निचोड़
    29 Oct 2021
    केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र कर सरकार को निजता के अधिकार के उल्लंघन से जुड़े सवालों के जवाब देने से छूट नहीं मिल सकती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 14,348 नए मामले, 805 मरीज़ों की मौत
    29 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 0.47 फ़ीसदी यानी 1 लाख 61 हज़ार 334 हो गयी है।
  • exxon
    इलियट नेगिन
    प्रतिबंधित होने के बावजूद एक्सॉनमोबिल का जलवायु विज्ञान को ख़ारिज करने वालों को फंड देना जारी
    29 Oct 2021
    अमेरिकी तेल और गैस की प्रमुख कंपनी एक्सॉनमोबिल ने जलवायु विज्ञान को लेकर संदेह पैदा करने के लिए 39 मिलियन डॉलर से ज़्यादा ख़र्च किए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License