NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोलकाता: वाम-कांग्रेस ब्रिगेड रैली की बड़ी तैयारी
पिछले 50 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि वामपंथी और कांग्रेस ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किसी रैली के लिए एक संयुक्त आह्वान किया हो और आयोजकों को उम्मीद है कि उस रैली में दस लाख से ज़्यादा की भीड़ जुटने जा रही है।
संदीप चक्रवर्ती
27 Feb 2021
congress  left

दुर्गापुर / कोलकाता: दुर्गापुर स्टील प्लांट (DSP) में अपूर्वा चौधरी और मोहम्मद निषाद, दोनों संविदा कर्मचारी थे। प्लांट ने प्रक्रियाओं के फिर से किये जा रहे विभाजन और कारखाना परिसर में स्लैग (स्क्रैप) की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए कारखाने को बंद कर दिया था और फिर इन दोनों की नौकरी चली गयी थी।

ये दोनों डीएसपी के कारखाने के फाटक के सामने धरने पर बैठते रहे हैं और अब दोनों 28 फ़रवरी को उस ब्रिगेड रैली में भागीदारी को लेकर दूसरे कारखानों और उद्योगों के श्रमिकों को शामिल करने की योजना बना रहे हैं, जिसे वाम मोर्चा और कांग्रेस ने शुक्रवार को घोषित विधानसभा चुनावों के ठीक दो दिन बाद बुलाया है।

पिछले 50 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि वामपंथी और कांग्रेस ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किसी रैली के लिए एक संयुक्त आह्वान किया हो और आयोजकों को उम्मीद है कि उस रैली में दस लाख से ज़्यादा की भीड़ जुटने जा रही है।

इस बीच रैली के लिए ज़बरदस्त भीड़ जुटाने की तैयारियां ज़ोंरों पर हैं,जहां चुनाव पूर्व गठबंधन के ज़रिये सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जगह वाम-कांग्रेस को "लोगों के विकल्प" की तरह पेश किये जाने की उम्मीद है।

इस ब्रिगेड रैली के आयोजकों में से कुछ का कहना है लगातार चल रहे अभियानों, नुक्कड़ सभाओं, कारखानों के गेट के सामने हो रही बैठकों, जनसभाओं,गाये जा रहे बेशुमार गानों और नौकरी और शिक्षा की मांग करने वाले नौजवानों और छात्र का नबना (नबना हावड़ा ज़िले में स्थित वह इमारत है, जहां पश्चिम बंगाल का अस्थायी राज्य सचिवालय है) की ओर किये गये मार्च के बाद मनोबल ऊंचा है।

इस अभियान में जो एक रंग और जुड़ गया है,वह हिट रैप गीत (टम्पा) का है। यह गीत असल में निचले तबके की संस्कृति की बात करती वह पैरोडी है,जो वायरल हो गया है। इस पैरोडी में लोगों को सब कुछ छोड़कर इस ब्रिगेड रैली में आने का आह्वान किया गया है।

इसके साथ ही इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) के पारंपरिक गाने भी लोगों के साथ गूंज रहे हैं, इन्हीं गानों में से एक गाना वह भी है,जिसे समकालीन संगीतकार की जोड़ी-राहुल और नीलाब्जा ने निचले तबके में इस्तेमाल होने वाले बंगाली शब्दों का इस्तेमाल करते हुए "झुग्गी में रहने वालों और नौजवानों के बीच” जादू पैदा कर दिया है और यह गीत सही मायने में राज्य और केंद्र की क्रमश: टीएमसी और बीजेपी के कुशासन की पैरोडी बन गया है।

इस रैली के कुछ प्रमुख आयोजकों के मुताबिक़,पहले ही राज्य भर में एक हज़ार से ज़्यादा सभायें हो चुकी हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों को ब्रिगेड ग्राउंड तक लोकल ट्रेनों, बसों और अन्य वाहनों से लाने की योजना है।

उत्साहित मनोदेशा

पिछले साल की ब्रिगेड रैली वाम मोर्चा की तरफ़ से बुलायी गयी थी, उस रैली में परिसर के भीतर तक़रीबन रिकॉर्ड 3 लाख रुपये की किताबें बिक गयी थीं। इस साल तो आयोजकों को और भी बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद है।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कोलकाता ज़िला सचिव कल्लोल मजूमदार ने बताया, "इस साल ब्रिगेड के पूरे इलाक़े में 675 से ज़्यादा माइक लगाये जायेंगे।"

यू-ट्यूब चैनलों और अन्य सोशल मीडिया पर युवा कलाकारों की तरफ़ से इस ब्रिगेड रैली के बारे में सूचना देने वाले 20 गीत पहले से ही प्रदर्शित किये जा चुके हैं।

इस ब्रिगेड परेड ग्राउंड का ज़िक़्र करते हुए माकपा नेता,सुजन चक्रवर्ती कहते हैं कि भारत में कोई भी ऐसा महानगर नहीं है,जिसके बीचोबीच इतनी शानदार खुली-खुली जगह हो। वह कहते हैं कि यह ग्राउंड औपनिवेशिक समय का "शिल्पगत चमत्कार" है।

बुनियादी तौर पर सैन्यदलों के अभ्यास और जुलूस के लिए इस्तेमाल होने वाले इस ग्राउंड की संरक्षक भारतीय सेना है और सभी राजनीतिक दलों को अपनी-अपनी रैलियों के लिए इस जगह का इस्तेमाल करने के लिए सेना से इस शर्त के साथ इजाज़त लेने की ज़रूरत होती है कि सेना को इस ब्रिगेड परेड ग्राउंड को वापस सौंपते समय सभी कूड़े-कचरे साफ़ कर दिये जायेंगे।

बुल्गानिन से मुजीबुर्रहमान तक

कोलकाता का यह ब्रिगेड परेड ग्राउंड कई ऐतिहासिक मौक़ों का गवाह रहा है, मसलन, 1957 में जब तत्कालीन सोवियत राष्ट्रपति निकोलाई बुल्गानिन आये थे, तो रिकॉर्ड के मुताबिक़ इस जगह पर पचास लाख से ज़्यादा लोग जुटे थे। कहा जाता है कि यह रैली भारत में अब तक की सबसे बड़ी रैली है।

इसके अलावा,1971 में इसी ब्रिगेड ग्राउंड में बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान ने बांग्लादेश के गठन के बाद भारत को खुले दिल से धन्यवाद दिया था। उस रैली में उनके साथ तब की भारतीय प्रधानमंत्री (दिवंगत) इंदिरा गांधी भी थीं।

उसके बाद से वाम मोर्चे की होती रही रैलियां ही शायद इस ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली सबसे बड़ी रैलियां रही हैं।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री, दिवंगत ज्योति बसु की तरफ़ से ऐसी कई विशाल रैलियां आयोजित की गयी थीं, कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि बसु के भाषणों में "जादू का ताना-बाना" होता था।

2019 की रैली वाम मोर्चा की तरफ़ से आयोजित आख़िरी ब्रिगेड रैली थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की एक झलक देखी गयी थी, मगर बीमार होने की वजह से वह मंच तक नहीं पहुंच पाये थे।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करे

Big Time Preparations on for Left-Congress Brigade Rally on Feb 28

Brigade Rally
Left Front
Left-Congress Alliance
Bengal Elections
Jyoti Basu

Related Stories

केवल आर्थिक अधिकारों की लड़ाई से दलित समुदाय का उत्थान नहीं होगा : रामचंद्र डोम

पश्चिम बंगाल : सिलीगुड़ी में उठी किसान आंदोलन के समर्थन की आवाज़

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

कोलकाता नगर निकाय चुनाव: वाम मोर्चा ने कई महिलाओं, युवा ‘रेड वॉलंटियर' को बनाया उम्मीदवार

भाजपा-आईपीएफ़टी चुनावी वादों को पूरा करने में रही नाकामयाब : माणिक सरकार

आगामी जीटीए चुनावों पर टिकी है दार्जिलिंग हिल्स की राजनीति

त्रिपुरा; यदि मतदान निष्पक्ष रहा तो बीजेपी हारेगी : जितेंद्र चौधरी 

बंगाल में प्रस्तावित वित्तीय केंद्र को राजनीति ने ख़त्म कर दिया

पश्चिम बंगाल: आलू की कीमत में भारी गिरावट, किसानों ने मांगा समर्थन मूल्य

त्रिपुरा में भाजपा द्वारा वाम मोर्चे और मीडिया संस्थानों पर बर्बर हिंसा के ख़िलाफ़ दिल्ली में माकपा का रोष प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2 लाख से ज़्यादा नए मामले, 959 मरीज़ों की मौत
    31 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,09,918 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 13 लाख 2 हज़ार 440 हो गयी है।
  • Environment
    टिकेंदर सिंह पंवार
    कॉर्पोरेट के फ़ायदे के लिए पर्यावरण को बर्बाद कर रही है सरकार
    31 Jan 2022
    कई परियोजनाओं को बहुत तेज़ी से पर्यावरण मंज़ूरी दी जा रही है।
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: के मारल हमरा गांधी के गोली हो
    30 Jan 2022
    लोककवि रसूल मियां (1872-1952), गांव- जिगना मजार टोला, जिला- गोपालगंज, बिहार। कविता कोश के परिचय के अनुसार भोजपुरी के शेक्सपियर नाम से चर्चित भिखारी ठाकुर, नाच या नौटंकी की जिस परम्परा के लोक कलाकार…
  • Gandhi ji
    न्यूज़क्लिक टीम
    महात्मा गाँधी, सावरकर और गोडसे
    30 Jan 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस एपिसोड में नीलांजन बात करते हैं इतिहासकार अशोक पांडे से। 30 जनवरी को गाँधी जी की हत्या कर दी गयी थी। ये दोनों गाँधी, सावरकर और गोडसे के बारे में चर्चा करते हैं और…
  • Buddhadev
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे पीछे: बुद्धदेब बाबू को पद्मभूषण क्यों? पेगासस पर फंस गई सरकार और अन्य
    30 Jan 2022
    'ख़बरों के आगे-पीछे' के इस अंश में बीते हफ़्ते ख़बरों की दुनिया में क्या कुछ हुआ, इस पर राय रख रहे हैं अनिल जैन।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License