NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
बिहारः नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज़ एसटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
'बिहार बोर्ड द्वारा 21 जून को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 37 हज़ार 337 पदों पर बहाली के लिए मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गयी थी, लेकिन अभी तक नियोजन शुरू नहीं किया गया है।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Dec 2021
बिहारः नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज़ एसटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
टीओआई

नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा विधानसभा के पास मंगलवार को प्रदर्शन किया गया। वे मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाए। हिंदुस्तान अखबार के अनुसार ये शिक्षक अभ्यर्थी चितकोहरा गोलंबर से मार्च करते हुए विधानसभा तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। ये अभ्यर्थी गर्दनीबाग में गत सोमवार से धरना दे रहे हैं। बिहार टीईटी-2021 और सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी के बैनर तले गर्दनीबाग धरना स्थल पर आज भी आंदोलन जारी है।

मेरिट लिस्ट के अभ्यर्थी की नियोजन शुरू नहीं

इस परीक्षा में चयनित 30675 अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अखबार से बात करते हुए एसटीईटी मेधा सूची में शामिल रवि कुमार गुप्ता बताते हैं कि बिहार बोर्ड द्वारा 21 जून को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 37 हजार 337 पदों पर बहाली के लिए मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गयी थी लेकिन अभी तक नियोजन शुरू नहीं किया गया है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में आयोजित धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षक के 94 हजार रिक्त पदों पर काउंसिलिंग के पांच महीने गुजर जाने के बाद भी नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है।

इस आंदोलन में प्रदेश भर के शिक्षक शामिल हो रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक मांग नहीं मानी जाएगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ज्ञात हो कि इस वर्ष मार्च महीने में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था। राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े 37 हजार 337 पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां होनी थी। एसटीईटी परीक्षा में कुल 24,599 अभ्यर्थियों को क्वालीफाई किया गया था।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिज़ल्ट की घोषणा

बता दें कि पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसटीईटी रिजल्ट घोषित किया गया था। जिसके बाद राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त करीब 37 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया था। बिहार में एसटीईटी की परीक्षा का आयोजन 8 साल बाद हुआ था। दो साल बाद हाईकोर्ट के आदेश पर एसटीईटी रिजल्ट 2019 घोषित किया गया था। राज्य में साल2020 में 9 से 21 सितंबर तक एसटीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया था और इस परीक्षा की उत्तर कुंजी को उक्त वर्ष में 18 अक्टूबर को जारी की गई थी। इससे पहले2011 में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था।

हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए बोर्ड की ऑनलाइन परीक्षा को सही करार दिया था और साथ ही ऑनलाइन एसटीईटी के परिणाम घोषित करने को हरी झंडी दे दी थी। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की एकलपीठ ने आदित्य प्रकाश एवं अन्य की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था। कोर्ट को बताया गया था कि बगैर माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का सिलेबस जारी किए ऑनलाइन परीक्षा ली गई थी। जबकि ऑनलाइन परीक्षा के लिए बोर्ड ने राज्य सरकार को सूचित कर मंजूरी ले ली थी। ऑनलाइन परीक्षा सहित ऑनलाइन की सारी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग कोर्ट से की गई थी।

राज्य सरकार तथा बोर्ड की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर तथा ज्ञान शंकर ने कोर्ट को बताया था कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए एसटीईटी माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑनलाइन लेने का निर्णय लिया गया था। साथ ही यह कहा गया था कि कोरोना काल में ऑनलाइन परीक्षा सबसे सुरक्षित है। इस पर सवाल खड़ा करना सही नहीं है। कोर्ट ने बोर्ड की दलील को मंजूर करते हुए ली गई ऑनलाइन परीक्षा को सही निर्णय करार देते हुए इस अर्जी को खारिज कर दिया था।

नोटिफिकेशन सितंबर 2019 में हुआ था जारी

माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 का नोटिफिकेशन सितंबर 2019 में जारी हुआ था। इसकी ऑफलाइन परीक्षा 28 जनवरी 2020 को हुई थी। इस परीक्षा में चार केंद्रों पर आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने पर काफी हंगामा हुआ था। इसको लेकर छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी बीच अनियमिता पाए जाने पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी। तब बिहार बोर्ड ने सितंबर 2020 में ऑनलाइन परीक्षा ली थी। इसमें आउट ऑफ सिलेबस का आरोप लगाते हुए कुछ छात्रों ने याचिका दायर कर दी थी। तब हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2020 को रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी।

इस वर्ष जून में बिहार एसटीईटी 2019 की रिजल्ट की घोषणा के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से कहा था कि 2019 में सेकेंडरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने वाले सभी उम्मीदवारों की बहाली की जाएगी। इसमें एसटीईटी-2011 और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा 21 जून को जारी एसटीईटी-2019 की दोनों प्रकार की सूची के अभ्यर्थी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा था कि 2019 की एसटीईटी में जो भी उम्मीदवार पास हुए हैं वे सभी सातवें शिक्षक नियोजन के लिए पात्र होंगे। ये चयनित उम्मीदवार चाहे वे बोर्ड द्वारा जारी सूची ‘क्वालिफाइ एंड इन मेरिट लिस्ट’ में हों अथवा ‘क्वालिफाइ बट नॉट इन मेरिट लिस्ट’ के हों। साथ ही उन्होंने कहा था कि इसको लेकर मेरिट लिस्ट में नहीं आने वाले विद्यार्थी परेशान न हों, निर्णय लिया जा चुका है और प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शीघ्र ही विभाग की ओर से इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।

 

Bihar
STET 2019
online exam
Candidate
Merit list
high court
BSEB
PATNA

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • आर्थिक उदारीकरण के तीन दशक
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक उदारीकरण के तीन दशक
    26 Jul 2021
    नव-उदारवाद मेहनतकश जनता को तब भी निचोड़ रहा था जब वह ऊंची वृद्घि दर हासिल करने में समर्थ था। संकट में फंसने के बाद से उसने निचोड़ने की इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया है।
  • कई प्रणाली से किए गए अध्ययनों का निष्कर्ष :  कोविड-19 मौतों की गणना अधूरी; सरकार का इनकार 
    ऋचा चिंतन
    कई प्रणाली से किए गए अध्ययनों का निष्कर्ष :  कोविड-19 मौतों की गणना अधूरी; सरकार का इनकार 
    26 Jul 2021
    हालिया अनुमानों के मुताबिक, भारत में कोविड-19 की वजह से मरने वाले लोगों की तादाद 22 लाख से लेकर 49 लाख के बीच हो सकती है। इनके आधार पर वास्तविक मौतों की संख्या आधिकारिक स्तर पर दर्ज की गई और बताई जा…
  • कैसे ख़त्म हो दलितों पर अत्याचार का अंतहीन सिलसिला
    राज वाल्मीकि
    कैसे ख़त्म हो दलितों पर अत्याचार का अंतहीन सिलसिला
    26 Jul 2021
    दलितों पर अत्याचार और दलित महिलाओं से बलात्कार का अंतहीन सिलसिला चलता ही रहता है। कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के ही कानपुर के अकबरपुर में दलित युवक को सवर्ण समाज की लड़की से प्रेम करने की सज़ा उसे पेड़…
  • यूके ने अमेरिका के लिए रचा नया अफ़गान कथानक  
    एम. के. भद्रकुमार
    यूके ने अमेरिका के लिए रचा नया अफ़गान कथानक  
    26 Jul 2021
    अमेरिका, ब्रिटेन और पश्चिमी ताकतों को उम्मीद है कि वे तालिबान को अपने खुद के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ जाने के बजाय उनके साथ काम करने का फायदा उठा सकने की स्थिति में हैं। 
  • स्मृति ईरानी
    भाषा
    राज्यसभा से वापस लिया गया स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध संशोधन विधेयक
    26 Jul 2021
    दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने स्त्री अशिष्ट रूपण प्रतिषेध संशोधन विधेयक, 2012 वापस लिए जाने का प्रस्ताव किया जिसे सदन ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License