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आंदोलन
शिक्षा
भारत
बिहारः नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज़ एसटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
'बिहार बोर्ड द्वारा 21 जून को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 37 हज़ार 337 पदों पर बहाली के लिए मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गयी थी, लेकिन अभी तक नियोजन शुरू नहीं किया गया है।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Dec 2021
बिहारः नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज़ एसटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी
टीओआई

नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा विधानसभा के पास मंगलवार को प्रदर्शन किया गया। वे मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाए। हिंदुस्तान अखबार के अनुसार ये शिक्षक अभ्यर्थी चितकोहरा गोलंबर से मार्च करते हुए विधानसभा तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। ये अभ्यर्थी गर्दनीबाग में गत सोमवार से धरना दे रहे हैं। बिहार टीईटी-2021 और सीटीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी के बैनर तले गर्दनीबाग धरना स्थल पर आज भी आंदोलन जारी है।

मेरिट लिस्ट के अभ्यर्थी की नियोजन शुरू नहीं

इस परीक्षा में चयनित 30675 अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अखबार से बात करते हुए एसटीईटी मेधा सूची में शामिल रवि कुमार गुप्ता बताते हैं कि बिहार बोर्ड द्वारा 21 जून को माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 37 हजार 337 पदों पर बहाली के लिए मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गयी थी लेकिन अभी तक नियोजन शुरू नहीं किया गया है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में आयोजित धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षक के 94 हजार रिक्त पदों पर काउंसिलिंग के पांच महीने गुजर जाने के बाद भी नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है।

इस आंदोलन में प्रदेश भर के शिक्षक शामिल हो रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक मांग नहीं मानी जाएगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ज्ञात हो कि इस वर्ष मार्च महीने में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था। राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े 37 हजार 337 पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां होनी थी। एसटीईटी परीक्षा में कुल 24,599 अभ्यर्थियों को क्वालीफाई किया गया था।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिज़ल्ट की घोषणा

बता दें कि पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसटीईटी रिजल्ट घोषित किया गया था। जिसके बाद राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त करीब 37 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया था। बिहार में एसटीईटी की परीक्षा का आयोजन 8 साल बाद हुआ था। दो साल बाद हाईकोर्ट के आदेश पर एसटीईटी रिजल्ट 2019 घोषित किया गया था। राज्य में साल2020 में 9 से 21 सितंबर तक एसटीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया था और इस परीक्षा की उत्तर कुंजी को उक्त वर्ष में 18 अक्टूबर को जारी की गई थी। इससे पहले2011 में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था।

हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए बोर्ड की ऑनलाइन परीक्षा को सही करार दिया था और साथ ही ऑनलाइन एसटीईटी के परिणाम घोषित करने को हरी झंडी दे दी थी। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की एकलपीठ ने आदित्य प्रकाश एवं अन्य की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था। कोर्ट को बताया गया था कि बगैर माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का सिलेबस जारी किए ऑनलाइन परीक्षा ली गई थी। जबकि ऑनलाइन परीक्षा के लिए बोर्ड ने राज्य सरकार को सूचित कर मंजूरी ले ली थी। ऑनलाइन परीक्षा सहित ऑनलाइन की सारी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग कोर्ट से की गई थी।

राज्य सरकार तथा बोर्ड की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर तथा ज्ञान शंकर ने कोर्ट को बताया था कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए एसटीईटी माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑनलाइन लेने का निर्णय लिया गया था। साथ ही यह कहा गया था कि कोरोना काल में ऑनलाइन परीक्षा सबसे सुरक्षित है। इस पर सवाल खड़ा करना सही नहीं है। कोर्ट ने बोर्ड की दलील को मंजूर करते हुए ली गई ऑनलाइन परीक्षा को सही निर्णय करार देते हुए इस अर्जी को खारिज कर दिया था।

नोटिफिकेशन सितंबर 2019 में हुआ था जारी

माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 का नोटिफिकेशन सितंबर 2019 में जारी हुआ था। इसकी ऑफलाइन परीक्षा 28 जनवरी 2020 को हुई थी। इस परीक्षा में चार केंद्रों पर आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने पर काफी हंगामा हुआ था। इसको लेकर छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसी बीच अनियमिता पाए जाने पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी। तब बिहार बोर्ड ने सितंबर 2020 में ऑनलाइन परीक्षा ली थी। इसमें आउट ऑफ सिलेबस का आरोप लगाते हुए कुछ छात्रों ने याचिका दायर कर दी थी। तब हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2020 को रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी।

इस वर्ष जून में बिहार एसटीईटी 2019 की रिजल्ट की घोषणा के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से कहा था कि 2019 में सेकेंडरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने वाले सभी उम्मीदवारों की बहाली की जाएगी। इसमें एसटीईटी-2011 और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा 21 जून को जारी एसटीईटी-2019 की दोनों प्रकार की सूची के अभ्यर्थी शामिल होंगे।

उन्होंने कहा था कि 2019 की एसटीईटी में जो भी उम्मीदवार पास हुए हैं वे सभी सातवें शिक्षक नियोजन के लिए पात्र होंगे। ये चयनित उम्मीदवार चाहे वे बोर्ड द्वारा जारी सूची ‘क्वालिफाइ एंड इन मेरिट लिस्ट’ में हों अथवा ‘क्वालिफाइ बट नॉट इन मेरिट लिस्ट’ के हों। साथ ही उन्होंने कहा था कि इसको लेकर मेरिट लिस्ट में नहीं आने वाले विद्यार्थी परेशान न हों, निर्णय लिया जा चुका है और प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शीघ्र ही विभाग की ओर से इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी।

 

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