NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बिहार : मज़दूरों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर भाकपा माले की दो दिवसीय भूख हड़ताल
'... प्रवासी मजदूरों को न केवल उनके रहमो करम पर छोड़ दिया है बल्कि घर लौटने की मांग कर रहे उन मजदूरों पर बर्बर पुलिसिया जुल्म किए जा रहे हैं। यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Apr 2020
CPIML

पूरे देश के विभिन्न हिस्सों में बिहार के प्रवासी मज़दूर फंसे हैं, जिनकी सुरक्षित घर वापसी की मांग और पुलिस दमन पर रोक लगाने, उनके लिए विशेष कार्ययोजना घोषित करने, वर्तमान में प्रवासी मजदूरों को भोजन, राशन व आश्रय की व्यवस्था करने तथा अन्य मांगों को लेकर भाकपा माले, एक्टू व अन्य संगठनों द्वारा लॉकडाउन के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए 18 से 19 अप्रैल तक अखिल भारतीय विरोध के तहत भूख हड़ताल और धरना दिया जा रहा है।

इस भूख हड़ताल में भाकपा-माले बिहार के तीनों वर्तमान विधायक भी शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी ने प्रवासी मजदूरों के बिहार में रह रहे परिवारों से भी भूख हड़ताल को समर्थन देने की अपील की है।

IMG-20200418-WA0008.jpg

खेत ग्रामीण मज़दूर सभा (खेग्रामस) के महासचिव धीरेन्द्र झा, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल व ऐक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार ने शुक्रवार को संयुक्त प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि 'केंद्र व विभिन्न राज्यों की सरकार अमीरों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के लिए हर प्रयास कर रही हैं। विगत दिनों काशी से दक्षिण भारत के तीर्थ यात्रियों को 25 बसों व 4 क्रूजर से सुरक्षाकर्मियों के साथ उनके घर भेजा गया, लेकिन प्रवासी मजदूरों को न केवल उनके रहमो करम पर छोड़ दिया है,  बल्कि घर लौटने की मांग कर रहे  उन मजदूरों पर बर्बर पुलिसिया  जुल्म किए जा रहे हैं। यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?'

हालांकि बिहार की नीतीश सरकार इस बात के बिल्कुल खिलाफ है कि प्रवासी मज़दूरों को वापस अभी बिहार लाया जाए। उनका कहना है कि इस लॉकडाउन में जो जहाँ है वो वहीं रहे।

इसपर भाकपा माले का कहना है कि मुम्बई, सूरत,कोटा आदि जगहों पर हजारों बिहार व यूपी के प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं। उनकी हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उनके परिवार के सामने भी कई समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं। लेकिन न तो इसके प्रति केंद्र सरकार चिंतित है और न ही राज्य की सरकार। हम बिहार सरकार से मांग करते हैं कि सभी प्रवासी मजदूरों के लौटने की अविलंब व्यवस्था करे।

IMG-20200418-WA0009.jpg

दो दिवसीय भूख हड़ताल में भाकपा माले की मांग है कि सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए 3 महीने का राशन, सफ़र के लिए पका हुआ भोजन और सभी कामगारों को लॉकडाउन की अवधि का गुजारा भत्ता के दस हजार रुपये प्रदान करे। सभी प्रवासी मजदूरों को वेतन और नौकरी की सुरक्षा की गारंटी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वेतन व नौकरी में कोई कटौती नहीं होगी और न ही छंटनी होगी।

माले और एक्टू की मांग पत्र इस प्रकार है-
IMG-20200418-WA0012.jpg

इसके साथ ही माले ने सरकार से कहा है कि वो सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के साथ निचले स्तर पर समन्वय/समिति बना बड़े स्तर पर मजदूरों को राहत पहुंचाने की गारंटी सुनिश्चित करे। इसके साथ ही उन स्थानों पर जहां प्रवासी मजदूरों को क्वारांटाइन में रखा गया है, वहां राशन, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाए और जांच के उपरांत उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।

भाकपा माले के विधायक सुदामा प्रसाद भी देशव्यापी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उन्होंने कहा कि 'देश में राशन की कमी नहीं है और पूरे देश राशन कार्ड की अनिवार्यता को खत्म करके सभी को राशन दिया जाए।'

आगे उन्होंने बिहार के मज़दूर जो पूरे देश में कही फंसे हुए है उनकी दशा को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि 'नितीश  बिहार के स्वभिमान की बात करते है लेकिन आज वही बिहारी मज़दूर दिल्ली शहर में सड़े हुए केले जो लोग फेंक रहे है वो, इसके अलावा श्मशान का राशन खाने को मज़बूर हो रहे हैं। उनके स्वाभिमान को सरकार ने तारतार कर दिया है। इसलिए हमारी मांग नीतीश जी भी मज़दूरों की चिंता करें और अन्य राज्यों में फंसे मज़दूरों को सुरक्षित वापस लाए जैसे देश की अन्य सरकारों ने किया है।'

Lockdown
Bihar
Workers and Labors
Migrant workers
CPI
CPIML
hunger strike
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'


बाकी खबरें

  • Irfan
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक में भाजपा का इतिहास: मीठा-मीठा मोदी का, खारा-खारा मुग़लों का..
    06 Apr 2022
    भाजपा ने भाजपा को जानिए प्रोग्राम शुरू किया है। लेकिन भाजपा के इतिहास को कैसे जानना है उसकी टेक्निक थोड़ी अलग है गुरु..
  • मेरठ: वेटरनरी छात्रों को इंटर्नशिप के मिलते हैं मात्र 1000 रुपए, बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मेरठ: वेटरनरी छात्रों को इंटर्नशिप के मिलते हैं मात्र 1000 रुपए, बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे
    06 Apr 2022
    नाराज छात्रों ने वेटरनरी कॉलेज के गेट पर बैठकर धरना दिया और फिर नारेबाजी करते हुए वेटरनरी कॉलेज से प्रशासनिक भवन तक जुलूस भी निकाला।
  • aakar patel
    भाषा
    एमनेस्टी इंडिया के प्रमुख आकार पटेल का दावा, उन्हें अमेरिका जाने से रोका गया
    06 Apr 2022
    एमनेस्टी इंटरनेशल इंडिया के प्रमुख ने कहा, “ बात इसी महीने की है। अदालत ने मेरा पासपोर्ट जारी कर दिया। मुझे वीजा मिल गया । मैं हवाई अड्डे गया। मुझे आव्रजन पर रोक लिया गया। मुझे बताया गया था कि मैं…
  • बोअवेंचुरा डे साउसा सैंटोस
    यूरोप धीरे धीरे एक और विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहा है
    06 Apr 2022
    अगर हम ग़ैर-यूरोपीय चश्मे से देखें, तो आज यूरोप और अमेरिका घमंड में पूरी तरह अकेले खड़े नज़र आते हैं, शायद वे एक लड़ाई जीतने में भी सक्षम हों, लेकिन वे जंग के इतिहास में एक निश्चित हार की तरफ़ बढ़ रहे…
  • संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 के माइल्ड इंफेक्शन से भी डायबिटीज़ का ख़तरा 40% तक बढ़ जाता है
    06 Apr 2022
    एक शोध में पता चला है कि ओबीस(मोटे) लोगों में इंफेक्शन के बाद डायबिटीज़ होने का ख़तरा ज़्यादा होता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License