NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कोविड-19
मज़दूर-किसान
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
सड़क पर अस्पताल: बिहार में शुरू हुआ अनोखा जन अभियान, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जनता ने किया चक्का जाम
बिहार स्थित भोजपुर जिला के अगीयांव विधान सभा क्षेत्र से माले के युवा विधायक मनोज मंजिल के नेतृत्व में जनता द्वारा ‘सड़क पर अस्पताल’ का जन अभियान चलाना चर्चा का विषय बन रहा है।
अनिल अंशुमन
12 Jan 2022
Bihar
‘सड़क पर अस्पताल’ अभियान के तहत जुटी भीड़

इन दिनों बिहार की सरकार अपने स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर जगह मोटे मोटे अक्षरों में- कोरोना से ‘ऐसे जीतेगा बिहार’.. का विज्ञापनी प्रचार कर कोरोना की नयी लहर से निपटने की तथाकथित तैयारियों का ढोल पीट रही है। लेकिन महामारी की पिछली जानलेवा लहर से निपटने में नकारा साबित हुई सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वर्तमान रेवैये से यही सवाल उठने लगा है कि क्या ‘ऐसे ही जीतेगा बिहार’? क्योंकि ज़मीनी सच्चाई बता रही है कि पिछली तबाही और विफलताओं से कोई सबक नहीं लिया जा रहा है। 

आज भी राज्य के अनेक ऐसे जिले हैं जहां समुचित संख्या में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं हैं, वहाँ अस्पताल चालू हो गए होते। साथ ही जहां ये केंद्र हैं भी तो उनकी जर्जर हालत ठीक कर मानक के अनुरूप लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम समय रहते पूरा कर लिया गया होता।

कहने को तो देश के प्रधानमंत्री जी एक बार फिर अपने विशेष संबोधन में इस बार की महामारी संक्रमण चुनौती से निपटने के लिए देश के सभी जिलों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम करने की बात कह रहें हैं। लेकिन कई प्रदेशों में उनकी डबल इंजन वाली सरकारों की आपराधिक लापरवाही को लेकर उनकी चुप्पी लगातार जनता के लिए आपदा में आफत बन रही है। 

जबकि देश के कई राज्यों से लेकर बिहार तक के ताज़ा हालात बता रहें हैं कि महामारी संक्रमण की तीसरी लहर की बढ़ती रफ़्तार लोगों को फिर से डराने लगी है। इस सन्दर्भ में पटना AIIMS के वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार तीसरे चरण में कोरोना वायरस में आये बदलाव और इसके ‘सुपर स्प्रेडर’ होने के मद्देनज़र देश के विभिन्न राज्यों की तरह बिहार में भी संक्रमण की रफ़्तार बढ़ रही है।

ऐसे में बिहार स्थित भोजपुर जिला के अगीयांव विधान सभा क्षेत्र से माले के युवा विधायक मनोज मंजिल के नेतृत्व में जनता द्वारा ‘सड़क पर अस्पताल’ का जन अभियान चलाना चर्चा का विषय बन रहा है। ज्ञात हो कि इसके पहले अपने विधान सभा क्षेत्र समेत जिले के सभी सरकारी स्कूलों के प्रति सरकार और शिक्षा विभाग के उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ ‘सड़क पर स्कूल’ जन अभियान संगठित कर सबका ध्यान खींचा था। जिसमें व्यापक छात्र एवं अभिभावकों की जबरदस्त भागीदारी ने सरकार व प्रशासन को हरकत में आने के लिए मजबूर कर दिया था।

(विधायक मनोज मंज़िल के नेतृत्व में शुरू हुआ अभियान)

इस बार मनोज मंजिल ने 10 जनवरी को सैकड़ों की तादाद में छात्र–युवा और आम लोगों को लेकर ‘सड़क पर अस्पताल’ का जन अभियान चलाया। जिसके तहत जिला मुख्यालय आरा से सटे गड़हनी में आरा-सासाराम मुख्यमार्ग को जाम कर सड़क पर ही जन सभा करके प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आने के लिए विवश कर दिया।

जिनके समक्ष जन अभियान में उपस्थित लोगों की ओर से जन स्वास्थ्य-मांग पात्र प्रस्तुत करते हुए गड़हनी स्थित जर्जर स्वास्थ्य केंद्र को अविलम्ब ठीक कर विधिवत संचालित करने के अलावे क्षेत्र के सभी जीर्ण-शीर्ण हाल में चल रहे स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों-दवाओं की समुचित उपलब्धता तथा स्थायी डॉक्टर, नर्स एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों कीनियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की गयी। साथ ही तत्काल विशेष कोविड वार्ड और समुचित इलाज, ऑक्सिजन और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था करने की भी मांग की गयी।

इसके पूर्व वहां उपस्थित लोगों की ओर से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बताते हुए विधायक मनोज मंजिल ने कहा कि आज हम लोगों को विवश होकर ‘सड़क पर अस्पताल’ का जन अभियान प्रदर्शित करना पड़ा है। क्योंकि इसके पहले हमने हर कागज़ी कारवाई करके देख लिया। विधान सभा में भी आवाज़ उठायी। डीएम और सिविल सर्जन समेत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से भी कई बार इस मसले पर बातचीत की। लेकिन कोई हल नहीं निकला। आज जब हम सड़क पर जनांदोलन कर रहें हैं तो तो यह तब तक जारी रहेगा जब तक स्थायी तौर पर यहाँ स्वास्थ्य केंद्र का संचालन नहीं हो जाता।

मनोज मंजिल ने यह भी सवाल उठाया कि कई महीने पहले ही जब हमने अपने विधायक मद की राशि से 1 करोड़ रूपये खर्च कर तीन एम्बुलेंस, 20 सिलिंडर ऑक्सीजन व कई तरह के अत्यंत ज़रूरी मेडिकल उपकरण वदवाएं विभाग को उपलब्ध करा दिए थे तब भी लोगों को समय पर ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं क्यों नहीं मिलीं? 

जवाब देते हुए अधिकारियों ने पहले तो स्वास्थ्य के प्रति लोगों की बढ़ती हुई जागरूकता के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए यथा संभव मदद देने का आश्वासन दिया। तो लोगों ने एक स्वर से कहा कि गोल मटोल बातें नहीं, बल्कि ठोस रूप से ये गारंटी की जाय कि कितने दिनों में उनकी मांगें ज़मीनी स्तर पर लागू होंगी? 

मनोज मंजिल ने उनसे यह भी पूछा कि विधान सभा में जब मैंने यहाँ अस्पताल नहीं होने का सवाल उठाया था तो जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को बताया था कि क्षेत्र के सभी अस्पताल विधिवत संचालित हो रहें हैं। अब आप मान्यवर ही बताएं कि ऐसी झूठी रिपोर्टिंग कौन कर रहा है? आज आपने खुद ही देखा कि किस प्रकार से आज गड़हनी स्वास्थ्य केंद्र की छतें चू रहीं हैं और यह कैसी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। इसके बगल इलाके का स्वास्थ्य केंद्र दो माह से बंद पड़ा हुआ है।                          

यह कैसी विडंबना है कि एक ओर तो सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर दिन मिडिया के हवाई प्रचार के जरिए प्रदेश की जनता को फिर झांसा दिया जा रहा है कि इस बार भी कोरोना से लड़ने में वे पूरी तरह से तत्पर तैयार हैं। लेकिन आज भी मानक के अनुरूप स्थायी डॉक्टर, नर्स व समुचित स्वास्थ्यकर्मियों के साथ साथ ज़रूरी दवाओं से युक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का विधिवत संचालन नहीं होने के कारण जनता को मजबूरन ‘सड़क पर अस्पताल’ का अभियान चालाना पड़ रहा है।

अंततोगत्वा अधिकारियों को लिखित आश्वासन देना पड़ा कि ज़ल्द से ज़ल्द समय सीमा के अंतर्गत मांग पत्र की बातों पर संज्ञान लेकर काम को पूरा किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !

Bihar
Manoj Manjil
Bihar Health Care Facilities
Bihar Healthcare
Bihar government
Coronavirus

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • यूपी में दूसरी लहर में हर गांव में कम से कम दस लोगों की मौत हुई : भाजपा नेता
    भाषा
    यूपी में दूसरी लहर में हर गांव में कम से कम दस लोगों की मौत हुई : भाजपा नेता
    28 Jun 2021
    भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने दावा किया कि कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण से 10 लोगों की जान न गई हो। उन्होंने संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों…
  • ऋचा चड्ढा
    भाषा
    ग़लत को ग़लत कहने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता होने की ज़रूरत नहीं है: ऋचा चड्ढा
    28 Jun 2021
    अभिनेत्री ने कहा कि जब कुछ गलत हो रहा है तब चुप हो जाना कोई ‘अच्छा विचार’ नहीं है।
  • मायावती
    भाषा
    ज़िला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव नहीं लड़ेगी बसपा : मायावती
    28 Jun 2021
    मायावती ने कहा कि ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे इस चुनाव में अपना समय और ताकत लगाने के बजाय पार्टी को मजबूत बनाने और सर्व समाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने…
  • Agni-Prime missile
    भाषा
    भारत ने परमाणु सक्षम मिसाइल अग्नि-प्राइम का सफल परीक्षण किया
    28 Jun 2021
    रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक सूत्र ने बताया कि यह सतह से सतह पर मार करने वाली 1000 से 2000 किलोमीटर मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल है।
  • Deepika Kumari
    भाषा
    तीरंदाजी: विश्व कप में तीन स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी दीपिका
    28 Jun 2021
    रांची की रहने वाली इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने पहली बार 2012 में नंबर एक रैंकिंग हासिल की थी। उन्होंने रविवार को रिकर्व की तीन स्पर्धाओं – महिलाओं की व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीते।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License