NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार: 30 जून को वामपंथी दल संयुक्त रूप से बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन
वामपंथी दलों ने 16 से 30 जून तक महंगाई, विरोधी पखवाड़ा मनाने एवं 30 जून को वामपंथी दलों द्वारा बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर संयुक्त मार्च एवं प्रधानमंत्री मोदी के पुतले को जलाने का आह्वान किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jun 2021
बिहार: 30 जून को वामपंथी दल संयुक्त रूप से बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन

देशभर में पेट्रोल, डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें और अब जिस तरह से खुदरा महंगाई बढ़ रही है, इसके ख़िलाफ़ बिहार के वामदलों ने मोर्चा खोल दिया है। पाँच वामपंथी दलों सी.पी.आई.(एम), सी.पी.आई., सी.पी.आई.(माले) लिबरेशन, अ.भा.फारवर्ड ब्लाॅक, आर.एस.पी. की बिहार इकाइयों के राज्य नेतृत्वकारी की बैठक में सर्वसम्मति से 16 से 30 जून तक महंगाई के खिलाफ अभियान चलाने एवं संघर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

संयुक्त बयान में कहा गया है कि 'आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता की रोजी-रोटी पर भयंकर हमला किया जा रहा है। कोविड महामारी से त्रस्त जनता को सहायता प्रदान करने के बजाय, भारत सरकार द्वारा पेट्रोल, डीजल, की कीमतों में वृद्धि का असर बाजार की तमाम वस्तुओं की कीमतों पर हो रहा है। खाद्य पदार्थो की कीमतों में पाँच गुणा वृद्धि हुई है। चावल, दाल, सब्जी, खाद्य, तेल की कीमतें आकाश चूम रही हैं। इस महंगाई की मार से गरीबों से लेकर मध्यवर्गीय लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो गया है। गाँवों एवं शहरों में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। '

आगे कहा गया है कि 'इस परिस्थिति का लाभ जहाँ काला बाजारी करने वाले उठा रहे हैं, वहीं उत्पादकों को उसका न्यूनतम मूल्य भी नहीं मिल रहा है। महामारी के दौर में आवश्यक दवाओं की कालाबाजारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिये।'

वामपंथी दलों ने आयकर के दायरे से बाहर के परिवारों को छः महीने तक 7500 रूपये देने, परिवार के प्रति सदस्यों को 10 किलो अनाज के साथ-साथ दालें, खाद्य तेल, चीनी, मसाले, चाय आदि मुहैय्या कराने की माँग की है।

वामपंथी दलों ने 16 से 30 जून तक महंगाई, विरोधी पखवाड़ा मनाने एवं 30 जून को वामपंथी दलों द्वारा बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर संयुक्त मार्च एवं प्रधानमंत्री मोदी के पुतले को जलाने का आह्वान किया है।

Bihar
left parties
Inflation
BJP

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • भाषा
    दिल्ली विधानसभा : भाजपा के दो विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला
    29 Mar 2022
    दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों द्वारा कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दे उठाए जाने के दौरान कथित रूप से व्यवधान डालने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक…
  • नाइश हसन
    सियासत: दानिश अंसारी के बहाने...
    29 Mar 2022
    बीजेपी ने कभी मुस्लिम जनसंख्या के हिसाब से उसे नुमाइंदगी देने या उनके संपूर्ण विकास के लिए काम नहीं किया। बस पिक एण्ड चूज के आधार पर कुछ मुसलमान जो मुसलमानों के ही ख़िलाफ़ खुल कर खड़े हो सकें बस उनको…
  • अखिलेन्द्र प्रताप सिंह
    एक देश एक चुनाव बनाम लोकतांत्रिक सरोकार
    29 Mar 2022
    लगातार होने वाले चुनावों ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को फलने-फूलने का मौका प्रदान किया है और उनकी क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पटल पर एक महत्व दिया है, और इस प्रकार से भारत में…
  • उपेंद्र स्वामी
    श्रीलंका संकट: दर्द भी क़र्ज़ और दवा भी क़र्ज़
    29 Mar 2022
    दुनिया भर की: यह कोई आकस्मिक घटनाक्रम नहीं है। कोविड के दौर ने इसकी रफ़्तार और मार को भले ही थोड़ा तेज़ बेशक कर दिया हो लेकिन यह लंबे समय से चली आ रही नीतियों का नतीजा है। यह संकट उन तमाम…
  • प्रेम कुमार
    विश्लेषण: दिल्ली को सिंगापुर बनाने के सपने में आंकड़ों का फरेब
    29 Mar 2022
    अगर 5 साल बाद दिल्ली में रोजगार का स्तर 45 फीसदी के स्तर तक ले जाना है तो इसके लिए कम से कम 1.63 करोड़ लोगों के पास रोजगार रहना चाहिए। ऐसा तभी संभव है जब इन पांच सालों में 63 लाख अतिरिक्त लोगों को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License